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विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक शेयर बाजार में 1.5 लाख करोड़ डाले, क्या आने वाले दिनों में पैसा निकालेंगे? जानें

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Dec 17, 2023 01:34 pm IST,  Updated : Dec 17, 2023 01:34 pm IST

विदेशी निवेशक करीब 43,000 करोड़ रुपये का निवेश दिसंबर के पहले दो सप्ताह में किया है। माना जा रहा है कि एफपीआई प्रवाह के लिए यह सबसे अच्छा साल हो सकता है। एफपीआई ने 2021 में शेयरों में शुद्ध रूप से 25,752 करोड़ रुपये, 2020 में 1.7 लाख करोड़ रुपये और 2019 में 1.01 लाख करोड़ रुपये डाले थे।

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विदेशी निवेशक Image Source : FILE

निराशाजनक वैश्विक परिदृश्य के बीच देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसे के चलते भारतीय बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है। इसके चलते इस साल अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये डाले हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है। भारतीय शेयर मार्केट के दो अहम इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाइफ टाइम हाई पर पहुुंच गए हैं। इसके बाद बड़ा सवाल कि क्या विदेशी निवेशक अपना पैसा निकालेंगे? आइए जानते हैं। 

विदेशी निवेशक जारी रख सकते हैं अपना निवेश 

शेयर मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि एफपीआई का यह सकारात्मक रुख अगले साल यानी 2024 में भी जारी रहने की उम्मीद है। मॉर्निंगस्टोर इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि आगे चलकर अगले साल होने वाले आम चुनाव के बीच राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक वृद्धि विदेशी निवेशकों के लिए प्रमुख मुद्दा रहेगी। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर महंगाई और ब्याज दर परिदृश्य भारतीय शेयरों में विदेशी प्रवाह की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि अपनी मजबूत आर्थिक वृद्धि के साथ भारत एफपीआई के आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अबतक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध रूप से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में भी उन्होंने लगभग 60,000 करोड़ रुपये डाले हैं। कुल मिलाकर उनका निवेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। 

सिर्फ दिसंबर में 43 हजार करोड़ का बड़ा निवेश 

तीन महत्वपूर्ण राज्यों में हाल के चुनावों में भाजपा की जीत के बाद राजनीतिक स्थिरता की स्थिति बेहतर होने से शेयरों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश में से करीब 43,000 करोड़ रुपये का प्रवाह दिसंबर के पहले दो सप्ताह में हुआ है। माना जा रहा है कि एफपीआई प्रवाह के लिए यह सबसे अच्छा साल हो सकता है। एफपीआई ने 2021 में शेयरों में शुद्ध रूप से 25,752 करोड़ रुपये, 2020 में 1.7 लाख करोड़ रुपये और 2019 में 1.01 लाख करोड़ रुपये डाले थे। श्रीवास्तव ने कहा कि 2022 में विदेशी निवेशकों का प्रवाह काफी हद तक अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित बाजारों में मुद्रास्फीति और ब्याज दर परिदृश्य, मुद्रा के उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक परिदृश्य और घरेलू अर्थव्यवस्था की सेहत जैसे कारकों से प्रेरित था।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘‘भारत एफपीआई के लिए शीर्ष निवेश गंतव्य है। वैश्विक निवेशक समुदाय के बीच यह आम राय है कि आगामी वर्षों में सतत वृद्धि की दृष्टि से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत की स्थिति सबसे बेहतर है।

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