घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को बेहद उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद निवेशकों की सतर्कता बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,844.52 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई का व्यापक सूचकांक निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ 24,326.65 पर कारोबार करता दिखा, जो 4.30 अंक नीचे रहा। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1.2 प्रतिशत से अधिक की मजबूत तेजी दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार को बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक चिंताओं के चलते दबाव देखने को मिला।
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सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, टाइटन, सन फार्मा और ITC सबसे ज़्यादा पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, NTPC, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील बढ़त बनाने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
बीएसई में शामिल कंपनियों का प्रदर्शन

NSE के टॉप-5 लूजर स्टॉक्स
| सिंबल | LTP | बदलाव | %बदलाव | वॉल्यूम (लाख) | वैल्यू (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| HINDUNILVR | 2,273.00 | -44.10 | -1.90 | 18.59 | 424.13 |
| TCS | 2,403.00 | -32.40 | -1.33 | 58.30 | 1,404.02 |
| TITAN | 4,309.00 | -50.60 | -1.16 | 13.78 | 592.24 |
| TECHM | 1,450.00 | -16.70 | -1.14 | 11.47 | 166.71 |
| ITC | 307.55 | -3.15 | -1.01 | 257.19 | 793.47 |
मार्केट एक्सपर्ट की राय में बाजार
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, Enrich Money के CEO, पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार ज्यादातर सपाट रहे, क्योंकि निवेशक अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे थे। निफ्टी में स्थिरता बनी रही और यह लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ, क्योंकि बाजार ने अपनी तेजी को आगे बढ़ाने से पहले पुष्टि के लिए थोड़ा विराम लिया।
लेमन मार्केट्स डेस्कके रिसर्च एनालिस्ट, गौरव गर्ग ने कहा कि भारतीय शेयर बाज़ार आज थोड़ी सतर्कता के साथ बंद हुआ। FII की लगातार निकासी और कमज़ोर वैश्विक संकेतों का बाज़ार पर दबाव रहा। लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों के भरोसे को सीमित रखा, जिससे जोखिम लेने की उनकी कुल क्षमता प्रभावित हुई।
रुपया 23 पैसे मजबूत हुआ
रुपया गुरुवार को 23 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.26 पर बंद हुआ। रुपया अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के अपने ऊंचे स्तरों से नीचे आने के कारण, रुपया 23 पैसे की बढ़त के साथ 94.26 (अस्थायी) पर बंद हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि वैश्विक बाजारों में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने और अमेरिका-ईरान के बीच शांति की उम्मीदों के चलते ब्रेंट तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.77 पर खुला, जो इसके पिछले बंद भाव से 28 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इंट्राडे कारोबार में, USD/INR जोड़ी ने अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 94.90 का निचला स्तर और 94.08 का ऊपरी स्तर छुआ। अंत में रुपया 94.26 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद भाव से 23 पैसे की बढ़त दर्शाता है। बुधवार को, रुपया 69 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.49 पर बंद हुआ था।