नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि चेक से लेनदेन में धोखाधड़ी रोकने के लिए बैकिंग प्रणाली में पॉजिटिव पे फीचर उपलब्ध कराया जाएगा। पॉजिटिव पे फीचर के तहत चेक जारी करने वाले व्यक्ति को चेक जारी करने से पहले चेक की फोटो खींचकर उसे उसे बैंक की मोबाइल एप पर अपलोड करना होगा।
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मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा के बाद दास ने कहा कि चेक भुगतान की सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने के लिए 50,000 रुपए या उससे अधिक मूल्य के सभी चेक के लिए पॉजिटिव पे फीचर लाने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि 50,000 रुपए की इस सीमा के तहत संख्या की दृष्टि से करीब 20 प्रतिशत और भुगतान मूल्य के हिसाब से 80 प्रतिशत लेनदेन आ जाएगा।
इस संबंध में अन्य दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। देश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक बिना किसी सीमा के 2016 से अपने ग्राहकों को इस तरह की सुविधा दे रहा है। इस सुविधा से बैंक को किसी लाभार्थी के चेक जमा करने से पहले पता होता है कि उसके ग्राहक ने चेक जारी किया है। इससे चेक पर भुगतान देने से पहले बैंक कर्मचारी इसका मिलान उसके पास पहले से उपलब्ध सूचना से कर सकता है। इस नए फीचर की मदद से ऐसा कोई भी चेक, जहां कोई धोखाधड़ी होने की संभावना होगी, उसे रोकने में मदद मिलेगी और इससे जमाकर्ता के धन की सुरक्षा हो सकेगी।