नई दिल्ली। अगर आप बेहतर लाइस्टाइल के लिए पैसा खर्च करने की जगह पैसा बचाने या निवेश करने को ज्यादा तवज्जो देते हैं आपके लिए कार खरीदने से ज्यादा बेहतर कार बनाने वाली कंपनी का शेयर खरीदना बड़े फायदे का सौदा हो सकता है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति का ही उदाहरण लेकर देखें तो पता चलता है कि 10 साल पहले मारुति की 6 लाख वाली कार खरीदने पर जो खर्च आया था उसका अब 60 लाख रुपए बन चुका है।
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10 साल पहले आपने कार पर किया होगा इतना खर्च
मान लीजिए आपने 10 साल पहले मारुति का 6 लाख रुपए का कोई मॉडल खरीदा होगा, कार खरीदन के समय आपने लगभग 1.5 लाख रुपए की डाउन पेमेंट की होगी और बाकी अगले 10 साल के लिए लोन लिया हो जिसकी EMI 6450 रुपए बैठेगी, इस लिहाज आपकी कुल पेमेंट 9.24 लाख रुपए बैठती है।
कार नहीं खरीदकर अगर शेयर खरीदे होते तो आप बन जाए लखपती
10 साल पहले मारुति के शेयर की कीमत 800-900 रुपए के बीच थी इस लिहाज से उस समय कार खरीदने के लिए की गई 1.5 लाख रुपए की डाउन पेमेंट से लगभग 170 रुपए शेयर मिल जाए। बाकी हर महीने दी जाने वाली 6450 रुपए की EMI की जगह अगर हर महीने शेयर की खरीद की होती तो कार खरीदने के लिए दी गई बाकी रकम में और लगभग 500 शेयर मिल जाते, यानि कुल 670 शेयर होते। पिछले हफ्ते मारुति के शेयर का भाव 8900 रुपए के ऊपर था, यानि 670 शेयर की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपए के करीब हो चुकी होती। वहीं अगर आपने कार खरीदी होती तो आज उसकी कीमत 1 लाख रुपए भी नहीं बची होती।