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नए GST से किसानों को कितना होगा फायदा, जानें किन चीजों पर कितनी मिलेगी राहत

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 08, 2025 05:13 pm IST,  Updated : Sep 08, 2025 05:13 pm IST

कृषि क्षेत्र में जीएसटी में किए गए सुधारों से किसानों की लागत में कटौती होगी और सहकारी समितियों तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) को भी लाभ मिलेगा।

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जीएसटी में सुधार होने से किसानों की लागत में होगी कटौती Image Source : FREEPIK

जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी सिस्टम से 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले टैक्स स्लैब को हटा दिया है। नए बदलाव 22 सितंबर, 2025 से लागू होंगे। पहले जीएसटी सिस्टम में कुल 4 स्लैब- 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत थे। 22 सितंबर से सिर्फ 2 स्लैब- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत ही रहेंगे। इनके अलावा, लग्जरी और सिन प्रोडक्ट्स के लिए 40 प्रतिशत जीएसटी के लिए नया स्लैब शुरू होगा। सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को ध्यान में रखते हुए कृषि उपकरणों को भी 18 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब से 5 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब में रखने का ऐलान किया है।

जीएसटी में सुधार होने से किसानों की लागत में होगी कटौती

कृषि क्षेत्र में जीएसटी में किए गए सुधारों से किसानों की लागत में कटौती होगी और सहकारी समितियों तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) को भी लाभ मिलेगा। इससे सस्ते उर्वरक और कृषि उपकरण उत्पादकता बढ़ेगी। कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उठाए गए कदमों से बर्बादी पर रोक लगेगी और साथ ही किसानों को बेहतर रिटर्न मिलेगा। इससे डेयरी, शहद और अन्य संबद्ध गतिविधियां भी ज्यादा लाभदायक हो जाएंगी। ये कदम आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप भारतीय कृषि को मजबूत और अधिक आत्मनिर्भर बनाएंगे। आइए जानते हैं कि कृषि से जुड़ी किन चीजों पर, कितना जीएसटी घटाया गया है।

  • ट्रैक्टरों (1800 सीसी से नीचे) पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। ट्रैक्टरों और कृषि उपकरणों पर कम जीएसटी किसानों के लिए मशीनीकरण को ज्यादा किफायती बना देगा।
  • ट्रैक्टर से जुड़े सामान जैसे- ट्रैक्टर टायर और ट्यूब, ट्रैक्टरों के लिए हाइड्रोलिक पंपों को भी 18 प्रतिशत से हटाकर 5 प्रतिशत वाले स्लैब में रखा गया है।
  • केंदू पत्तों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
  • वाणिज्यिक माल वाहनों (जैसे ट्रक और डिलीवरी वैन) पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • तैयार और संरक्षित सब्जियों फलों और नट्स पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • 15एचपी तक के फिक्स्ड स्पीड डीजल इंजन, कटाई या थ्रेशिंग मशीनरी, कंपोस्टिंग मशीन आदि पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो जाएगा। सस्ते सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों से सिंचाई लागत कम होगी जिससे किसानों को मदद मिलेगी।
  • 12 जैव-कीटनाशक और कई सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • तैयार/संरक्षित सब्जियां, फल, मेवे पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन में निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
  • दूध और पनीर पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा।
  • मक्खन, घी आदि पर 12 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है।
  • दूध के डिब्बे (लोहा, स्टील या एल्यूमीनियम से बने डिब्बे) पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • तैयार या संरक्षित मछली पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। जिससे देश भर में जलीय कृषि और विशेष रूप से मछली पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  • कृत्रिम शहद पर जीएसटी, चाहे प्राकृतिक शहद के साथ मिलाया गया हो या नहीं, 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। प्राकृतिक शहद पर जीएसटी कम होगा। यह प्राकृतिक शहद के प्रमुख उत्पादक यानी मधुमक्खी पालकों, आदिवासी समुदायों और ग्रामीण एसएचजी को लाभान्वित करेगा।

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Image Source : PIBकेंदू पत्तों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है

कृषि क्षेत्र में जीएसटी में सुधार करना एक परिवर्तनकारी और किसान-केंद्रित बदलाव है। उर्वरकों, मशीनरी, डेयरी, जलीय कृषि और लॉजिस्टिक में लागत कम करके, ये कदम न सिर्फ कृषि आय को बढ़ाएगा, बल्कि इससे सहकारी समितियों को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही इन उपायों से ग्रामीण उद्यमों और नियमों को भी बढ़ावा मिलेगा। ये समग्र बदलाव, उत्पादकता बढ़ाएगा, बर्बादी को कम करेगा, आयात के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में सुधार लाएगा और खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा।  

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