रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी बजट 2026 में सामने आ सकती है। लंबे समय से कर्मचारियों की ओर से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग उठ रही है और अब संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बजट में इसे बढ़ाने का ऐलान किया जा सकता है।
यूनियन बजट 2026 से पहले देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स की नजरें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। बीते कुछ सालों से सरकार का साफ संदेश रहा है कि मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स की जेब में ज्यादा पैसा बचे, ताकि खपत बढ़े और इकोनॉमी को रफ्तार मिले।
बजट 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे देश के क्रिप्टो निवेशकों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। बीते कुछ सालों से भारी टैक्सेशन और सख्त नियमों के बीच फंसा भारतीय क्रिप्टो सेक्टर अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।
यूनियन बजट 2026 से पहले देशभर के टैक्सपेयर्स की नजरें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हुई हैं। 1 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट से एक बार फिर उम्मीद की जा रही है कि सरकार आम आदमी को टैक्स के मोर्चे पर राहत दे सकती है।
Nirmala Sitharaman Interview : एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि टैक्स रिलीफ के फैसले के लिए सीबीडीटी के अधिकारियों को मनाने में समय लगा।
New tax slab rates : 5 से 7 फरवरी के बीच आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने जा रही है। एक्सपर्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि इस बैठक में प्रमुख ब्याज दर को घटाया जा सकता है।
यानी अगर आपकी सैलरी 12.75 लाख रुपये सालाना है तो नई टैक्स रिजीम चुनना फायदे का सौदा रहेगा। वहीं, 14, 14 या 20 लाख सालाना सैलरी होने पर ओल्ड टैक्स रिजीम ही फायदे का सौदा रहेगा।
मकान मालिकों (विशेष रूप से छोटे मकान मालिकों) को लाभ होगा, जिन्हें प्रति वर्ष 6 लाख रुपये से कम किराया मिलता है, क्योंकि किरायेदार अब उस किराए पर टीडीएस नहीं काटेंगे।
बजट में इनकम टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत दी गई है। वित्त मंत्री के इस कदम से लाखों टैक्सपयर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
आज के बजट का इंतजार आम आदमी से लेकर शेयर बाजार निवेशक बेसब्री से कर रहे हैं। इसकी वजह सुस्त अर्थव्यवस्था के बीच हर कोई राहत की उम्मीद कर रहा है। आम टैक्सपेयर्स टैक्स में राहत की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, बाजार को बड़े ऐलान की उम्मीद है।
Budget 2025 में Income Tax से जुड़ी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले लोगों की 10 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री कर सकती है।
सबसे अधिक संभावना है कि सरकार को 7-10 लाख रुपये की आय वाले स्लैब पर विचार करेगी, जहां वे संभवतः अधिक छूट के लिए जा सकते हैं। सरकार आज अगर ऐसी घोषणा करती है तो इससे निश्चित रूप से खपत बढ़ेगी।
पुरानी टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह से हटाने की डेडलाइन को लेकर भी अटकलें हैं, क्योंकि टैक्सपेयर्स ने दो समानांतर टैक्स सिस्टम से पैदा होने वाली जटिलताओं के बारे में चिंता व्यक्त की है।
Budget 2025 : 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में टैक्सपेयर्स के लिए भी कई घोषणाएं हो सकती हैं। माना जा रहा है कि सरकार टैक्स फ्री इनकम का विस्तार कर सकती है।
Budget 2025 : सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से रिफाइंड खाद्य तेलों के आयात को विनियमित करने की मांग की है।
इस बजट सत्र में सरकार नया आयकर विधेयक ला सकती है। इसका उद्देश्य आयकर कानूनों को सरल बनाना है। अभी विधि मंत्रालय मसौदे पर विचार कर रहा है।
ऑटो इंडस्ट्री मांग बढ़ाने और आम लोगों को राहत देने के लिए बजट में टैक्स घटाने की मांग कर रहा है। अगर ये मांग मान ली जाती है तो टू-व्हीलर गाड़ियों की कीमत कम हो सकती है।
चालू वित्त वर्ष में बजट लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक रन रेट से पूंजीगत व्यय संख्या पीछे चल रही है। अप्रैल और नवंबर 2024 के बीच, पूंजीगत व्यय 5.13 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 11.11 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान का 46 प्रतिशत है।
भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स संघों के परिसंघ (क्रेडाई) ने किफायती घर बनाने के लिए रियल एस्टेट कंपनियों को टैक्स में छूट और ग्राहकों द्वारा होम लोन पर चुकाए जाने वाले मूलधन और ब्याज की कटौती सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया है।
पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में बजट की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की गई है और विस्तृत जानकारी के लिए आगे और अधिक चर्चा की जाएगी।
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