जीआरएसई ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि चूंकि वे रक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, इसलिए निदेशक मंडल में नियुक्तियां भारत सरकार द्वारा राष्ट्रपति के आदेश से की जाती हैं।
सरकारी कंपनियों में नौकरी मिलने के बाद अगर किसी भी भ्रष्टाचार के लिए उस कंपनी से बर्खास्त किया जाता है तो उसके सेवानिवृत्ति लाभ जब्त हो जाएंगे।
इस हफ्ते शुक्रवार को कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। इसका मतलब ये हुआ कि 28 फरवरी को खरीदे जाने वाले नए शेयरों पर निवेशकों को डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा और 27 फरवरी को बाजार बंद होने तक आपके अकाउंट में जितने भी शेयर होंगे, उस सभी पर आपको डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।
रेल विकास निगम लिमिटेड यानी आरवीएनएल को मिला ये ऑर्डर सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं बल्कि इसके तमाम निवेशकों के लिए भी अच्छी खबर है। बताते चलें कि सरकारी कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ समय से भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
महानगर गैस लिमिटेड ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि कंपनी ने सोमवार, 3 फरवरी को रिकॉर्ड डेट फिक्स किया है। कंपनी के शेयर 3 फरवरी को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। बताते चलें कि 3 फरवरी को खरीदे जाने वाले नए शेयरों पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा।
आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए पांच अप्रैल, 2016 को शुरू की गई स्टैंडअप इंडिया योजना को 2025 तक बढ़ा दिया गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक वित्तीय समावेश को बढ़ाने लिए देश के हर कोने तक अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। उनका पूंजी आधार मजबूत हुआ है और उनकी संपत्ति गुणवत्ता बेहतर हुई है।
सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी ने 28 मई, 2024 को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपने शेयरहोल्डरों के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 50 प्रतिशत यानी 5 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया था।
शेयरहोल्डरों को डिविडेंड देने के मामले में कंपनी का काफी तगड़ ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। बताते चलें कि इस सरकारी कंपनी ने अपने शेयरहोल्डरों को फरवरी 2024 में 5 रुपये का अंतरिम डिविडेंड, सितंबर 2023 में 5 रुपये का फाइनल डिविडेंड, फरवरी 2023 में 5 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दिया था।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने एक बयान में कहा कि सरकार ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को भी नवरत्न का दर्जा दिया है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों से डिविडेंड के रूप में 56,260 करोड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ये वित्त वर्ष 2023-24 में मिले 50,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड से 6260 करोड़ रुपये ज्यादा है।
आईआरसीटीसी ने शेयर बाजार एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई को दी गई जानकारी में बताया था कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए दिए जाने वाले 4 रुपये के इस डिविडेंड के लिए शुक्रवार, 23 अगस्त को रिकॉर्ड डेट फिक्स किया गया है।
मंगलवार, 13 अगस्त को कंपनी के शेयरों में 1.76% प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सोमवार को 301.40 रुपये के भाव पर बंद हुए कंपनी के शेयर मंगलवार को बढ़त के साथ 302.45 रुपये के भाव पर खुले थे।
आईआरएफसी ने इस हफ्ते शेयर बाजार एक्सचेंजों को बताया था कि 12 अगस्त, 2024 को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक अहम बैठक होने जा रही है।
बिजली क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम एनटीपीसी ने 2,083 करोड़ रुपये खर्च किए। वित्त मंत्रालय उन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के पूंजीगत व्यय पर नज़र रखता है जिनका वार्षिक निवेश लक्ष्य 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
सरकार की ओर से पिछले वित्त वर्ष में कई सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री की है। इसके जरिए सरकार को करीब 16,500 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
सरकारी शेयरों की ओर से निवेशकों को वित्त वर्ष 24 में दमदार रिटर्न दिया गया है। इस दौरान बीएसई पीएसयू इंडेक्स 92 प्रतिशत बढ़ा है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा बढ़ने के कारण इस वर्ष सरकार को पीएसबी से 15,000 करोड़ रुपये के आसपास का डिविडेंड मिल सकता है। पीएसबी के मुनाफे में इजाफा होने की वजह ब्याज दरों का उच्च स्तर पर होना है।
PSU Share: सरकारी कंपनी एसजेवीएन ने नई सोलर परियोजना के लिए बोली जीती है। इस योजना में 7000 करोड़ से ज्यादा का निवेश होगा।
PSU Stocks: कई म्यूचुअल फंड्स ने पीएसयू शेयरों में हिस्सेदारी को बढ़ाया है। पिछले कुछ समय में सरकारी कंपनियों ने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है।
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