रिटायरमेंट के बाद हर किसी की चाहत होती है कि हर महीने कम से कम ₹50,000 की पक्की आय मिलती रहे और जिंदगी आराम से कटे। लेकिन अगर आपको साल भर में ₹6 लाख की जरूरत है, तो रिटायरमेंट के समय आपके पास कितना पैसा जमा होना चाहिए?
रिटायरमेंट या सेवा से मुक्त होने पर अगर किसी सरकारी कर्मचारी का कुल NPS कॉर्पस ₹8 लाख तक है, तो वह अब 100% राशि एकमुश्त निकाल सकता है। निकासी के लिए नए कॉर्पस स्लैब तय किए गए हैं।
आजकल के जीवन में ज्यादातर लोग रिटायरमेंट के बारे में तब सोचते हैं, जब उम्र 40 या 45 पार कर जाती है। लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर 60 की उम्र में करोड़पति बनना है और बिना पैसों की चिंता के जिंदगी जीनी है, तो इसकी तैयारी 30 की उम्र से पहले ही शुरू करनी होगी।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर सैलरी पाने वाले की सबसे बड़ी चिंता एक ही है कि बुढ़ापे में पैसा कहां से आएगा? महंगाई बढ़ रही है, नौकरी की सुरक्षा घट रही है और रिटायरमेंट के बाद हर महीने आने वाली स्थिर आय का इंतजाम करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो चुका है।
ये योजनाएं अनुशासित बचत को बढ़ावा देती हैं और भारतीय नागरिकों को उनकी रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
रिटायरमेंट की तैयारी हर किसी के जीवन का अहम पड़ाव होती है। कमाई के सालों में हम सभी चाहते हैं कि बुढ़ापे में पैसों की चिंता न हो और हर महीने घर का खर्च आराम से चल सके। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर आपके पास रिटायरमेंट के समय ₹1 करोड़ का कॉर्पस है, तो क्या आप इससे उम्रभर ₹1 लाख महीना निकाल सकते हैं?
रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल सेफ्टी हर व्यक्ति की सबसे बड़ी चिंता बन जाती है। 50 लाख रुपये जैसे फंड को सही तरीके से मैनेज किया जाए तो यह रिटायरमेंट के अगले 25-30 सालों के खर्चों को आसानी से पूरा कर सकता है।
इस बात पर खास जोर दिया गया है कि पीपीओ में ई-पीपीओ भी शामिल होना चाहिए, ताकि पेंशन प्रक्रिया में डिजिटलीकरण को और बढ़ावा मिल सके।
Air India का यह कदम न केवल एयरलाइंस की आंतरिक मानव संसाधन नीतियों को संतुलित करेगा, बल्कि पायलटों की कमी और अनुभव बनाए रखने के लिए भी मददगार साबित हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यूपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी अब केंद्रीय सिविल सेवा (एनपीएस के तहत ग्रैच्युटी का भुगतान) नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रैच्युटी लाभ के लिए पात्र होंगे।
वित्तीय सेवा विभाग ने मंगलवार को कहा कि सरकारी कर्मचारी यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) कैलकुलेटर का उपयोग कर अपने पेंशन अनुमान की गणना कर सकते हैं।
Atal Pension Yojana केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है, जो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद ₹1000 से ₹5000 तक की मासिक पेंशन मिलती है।
LIC Jeevan Akshay Policy में निवेश की उम्र सीमा 30 वर्ष से 85 वर्ष तक है। यानी इस उम्र का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है।
आपकी रिटायरमेंट निवेश योजना में रिटर्न, जोखिम, कर दक्षता और तरलता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
स्कीम के तहत कर्मचारियों को एनपीएस की तरह बेसिक सैलरी से 10% अंशदान करना होगा। सरकार 18.5% योगदान देगी। इस तरह, कुल योगदान 28.5% होगा।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना उन लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प है जो सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर आय और वित्तीय सुरक्षा चाहते हैं। पांच वर्ष की परिपक्वता अवधि के बाद नवीनीकरण के विकल्प के साथ, यह आपके वित्तीय भविष्य की सुरक्षा के लिए एक विश्वसनीय साधन बना हुआ है।
टियर 1 और टियर 2 शहरों से 20 से 50 साल की उम्र के 800 लोगों पर किए गए सर्वे में सामने आया कि 64% को इस बात का पछतावा था कि उन्होंने टर्म इंश्योरेंस लेने में देरी कर दी।
अगर किसी कर्मचारी को पैसों की तत्काल जरूरत पड़ जाती है तो वह अपने ईपीएफओ खाते से पैसे भी निकाल सकता है। यहां हम जानेंगे कि अगर किसी व्यक्ति की मौजूदा सैलरी 25,000 रुपये है तो रिटायरमेंट यानी 60 साल की उम्र तक उसके ईपीएफ खाते में कितने रुपये जमा हो जाएंगे।
कांग्रेस के आरोप पर बैंक ने कहा, ''आईसीआईसीआई बैंक या इसकी ग्रुप कंपनियों ने माधबी पुरी बुच को उनके रिटायरमेंट के बाद उनके रिटायरमेंट बेनिफिट्स के अलावा कोई वेतन या कोई ईएसओपी (कर्मचारी शेयर विकल्प योजना) नहीं दिया गया है।''
सरकारी कर्मचारी एनपीएस में अपने वेतन का 10% निवेश करते हैं। वहीं, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों अपनी ओर से 14% का योगदान देती है लेकिन सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों के कारण उन्हें निवेश पर उच्च रिटर्न नहीं मिल पाता है।
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