अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटना में राजस्थान के अलवर के केसरपुर गांव का निवासी अग्निवीर समुद्र गुर्जर लापता हो गया। इस घटना में सात जवान लापता हुए थे, इनमें दो जवानों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि अग्निवीर समुद्र गुर्जर अभी भी लापता है। घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी जवान का कोई सुराग नहीं लगा है। सेना की ओर से उसकी तलाश जारी है।
रक्षाबंधन से पहले घर आने का था वादा
24 वर्षीय अग्निवीर जवान समुद्र गुर्जर 2 बहनों का इकलौता भाई है। जवान की अभी शादी नहीं हुई है। पिता बदली राम किसान है। समुद्र रक्षाबंधन के पावन त्यौहार से ठीक पहले छुट्टी लेकर घर आने वाला था। रक्षाबंधन की तैयारियां और बेटे के घर आने की खुशी को लेकर परिवार में उत्साह था लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। अरुणाचल में हुए भयानक हादसे ने पल भर में सारी खुशियों को मातम में बदल दिया।
10 मई को हुई थी आखिरी बार बात
समुद्र के पिता बदली गुर्जर ने बताया कि समुद्र से उनकी आखिरी बार 10 मई को बात हुई थी। वह मई में छुट्टी पर घर आया था और करीब 10 दिन बाद ही ड्यूटी पर लौट गया। जाते वक्त उसने वादा किया था कि वह जल्द ही दोबारा छुट्टी लेकर घर लौटेगा। पिता ने बताया कि समुद्र ने कहा था वह कुछ दिन में छुट्टी लेकर घर आएगा और पिता के पैरों में दर्द का ऑपरेशन करवाएगा। इसके बाद सेना के अधिकारियों की ओर से परिवार को फोन कर बताया गया कि दिबांग वैली क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई है, जिसमे समुद्र गुर्जर लापता है।

बेसुध हालत में मां, पिता भी बार-बार रो रहे
सूचना के बाद परिवार के लोग अलवर के इटाराणा स्थित सेना कार्यालय भी पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली, लेकिन अभी तक समुद्र का पता नहीं चल पाया है। समुद्र के लापता होने की खबर के बाद से पूरे गांव में चिंता का माहौल है। पिता अपने इकलौते बेटे को याद कर बार-बार रो रहे हैं। मां बेसुध हालत में है और दो बहने भी उसका इंतजार कर रही हैं। समुद्र के पिता खेती-किसानी करते हैं।
सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली (अनिनी क्षेत्र) के पशुपानी इलाके में 14 अगस्त की शाम करीब 4:45 बजे बादल फटा था। इस आपदा के कारण भयानक लैंडस्लाइड हुआ था और अचानक बाढ़ आ गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और सेना के कई जवान भी प्रभावित हुए। सेना की ओर से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाका, लगातार हो रहे भूस्खलन और खराब मौसम के बावजूद सेना के जवान और रेस्क्यू टीमें समुद्र गुर्जर की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं। अलवर के केसरपुर गांव में इस अनहोनी के बाद से मातम पसरा हुआ है।
(रिपोर्ट- नेहा)
यह भी पढ़ें-
एक ही चिता पर नेवी जवान और पत्नी का हुआ अंतिम संस्कार, दोनों बच्चों को दफनाया गया
"पापा, मैं बिल्कुल ठीक हूं..." आखिरी बातचीत के कुछ घंटों बाद तिरंगे में लौटा 19 साल का अग्निवीर