राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा लाने को कहा। ओपीएस पर बोलते हुए गहलोत ने कहा, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का बोझ 25 साल बाद कम होगा। 35 साल तक सरकार की सेवा करने वाले कर्मचारी को सुरक्षा क्यों नहीं दी जानी चाहिए? अब सामाजिक सुरक्षा का युग है। विकसित देशों में एक हफ्ते में पैसा मिल जाता है। अब समय आ गया है मोदी जी, देश में सामाजिक सुरक्षा लागू करने का।
Related Stories
"मोदी जी का कोई मॉडल नहीं था, उनकी मार्केटिंग थी"
अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र 200 रुपये वृद्धावस्था पेंशन देता है, 200 रुपये में क्या होता है? पूरे देश में नीति बने और सभी को कम से कम 2000 से 3000 रुपये पेंशन मिले। इसमें आधा पैसा केंद्र सरकार और आधा राज्य सरकार दे। किसी राज्य के राजनीतिक मॉडल के देश में लोकप्रिय होने के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा, राजस्थान देश में मॉडल स्टेट बनता जा रहा है। मोदी जी का मॉडल क्या था ये तो वे जानें उनका काम जाने। उनका कोई मॉडल था नहीं उनकी मार्केटिंग थी। जो राजीव गांधी का सपना था IT और कंप्यूटर का उसका अगर किसी ने उपयोग किया है तो मोदी जी ने किया है। गहलोत ने कहा कि जब मैं राजनीतिक सेवानिवृत्ति लूंगा, मैं राजनीतिक क्लास लूंगा, इसमें सभी कौशल और अनुभव का उल्लेख किया जाएगा।
OPS बहाल करने के फैसले पर कायम रहेगी राजस्थान सरकार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की आलोचना को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ओपीएस के रहते हुए भी देश में विकास हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओपीएस बहाल करने के अपने फैसले पर कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि 2004 तक अधिकांश समय केंद्र में कांग्रेस का शासन रहा और उस समय पुरानी पेंशन योजना ओपीएस ही रही और ओपीएस रहते हुए ही विकास किया है।
"हमने ओपीएस लागू किया, लेकिन विरोध हो रहा"
गहलोत शनिवार को जवाहर कला केंद्र में सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। गहलोत ने कहा, हमने कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू किया, लेकिन इसका विरोध हो रहा है। नीति आयोग ने विरोध किया, वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने विरोध किया। दुनिया के कई अर्थशास्त्री इसका विरोध कर रहे हैं। प्रधानमंत्री खुद ओपीएस के खिलाफ हैं। हमने मानवीय आधार पर ओपीएस लागू किया है। एक कर्मचारी जो 35 वर्षों से सरकार की सेवा में है, उसे सुरक्षित महसूस करना चाहिए। इसी मानवीय आधार को देखते हुए मैंने ओपीएस लागू किया।