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Chaitra Navratri 2025 2nd Day: नवरात्रि के दूसरे दिन देवी मां को अर्पित करें ये चीजें, जानें भोग, मंत्र और महत्व

 Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Mar 31, 2025 11:30 am IST,  Updated : Mar 31, 2025 11:30 am IST

Chaitra Navratri 2025: आज चैत्र नवरात्रि के दूसरा दिन है। आज मां चंद्रघंटा और माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। इस दिन देवी मां के इन स्वरूपों की उपासना करने से भक्तों की सभी मुराद पूरी होती है।

चैत्र नवरात्रि 2025- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2025 Image Source : INDIA TV

Chaitra Navratri 2025 2nd Day: आज चैत्र शुक्ल पक्ष की उदया तिथि द्वितीया और सोमवार का दिन है। द्वितीया तिथि आज सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, उसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। आज चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी और चंद्रघंटा दोनों ही स्वरूप की पूजा की जाएगी। देवी मां के इन रूपों की पूजा करने से भक्तों को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। तो चलिए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता रानी को क्या भोग लगाएं और किन मंत्रों का जाप करना चाहिए। 

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप 

सफेद वस्त्र धारण किए हुए मां ब्रह्मचारिणी के दो हाथों में से दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर जप-तप की शक्ति बढ़ती है। मां ब्रह्मचारिणी अपने भक्तों को संदेश देती हैं कि परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। कहते हैं नारद जी के उपदेश से मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की थी। इसलिए इन्हें तपश्चारिणी भी कहा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी कई हजार वर्षों तक जमीन पर गिरे बेलपत्रों को खाकर भगवान शंकर की आराधना करती रहीं और बाद में उन्होंने पत्तों को खाना भी छोड़ दिया, जिससे उनका एक नाम अपर्णा भी पड़ा। लिहाजा देवी मां हमें हर स्थिति में परिश्रम करने की और कभी भी हार न मानने की प्रेरणा देती हैं। 

मां ब्रह्मचारिणी पूजा मंत्र और महत्व

आज चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन है। चैत्र नवरात्र के दूसरा दिन का संबंध मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी से है। आज मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाएगी। यहां 'ब्रह्म' शब्द का अर्थ तपस्या से है और 'ब्रह्मचारिणी' का अर्थ है- तप का आचरण करने वाली। मां दुर्गा का ये स्वरूप अनंत फल देने वाला है। कहते हैं आज जो भी व्यक्ति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करता है, वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में जीतने की शक्ति हासिल कर सकता है। इससे व्यक्ति के अंदर संयम, धैर्य और परिश्रम करने के लिये मनोबल की भी बढ़ोतरी होती है। 

अगर आप भी किसी कार्य में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं तो आज आपको देवी ब्रह्मचारिणी के इस मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। देवी ब्रह्मचारिणी का मंत्र इस प्रकार है- 'ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:।' आज आपको इस मंत्र का कम से कम एक माला, यानि 108 बार जप करना चाहिए। इससे विभिन्न कार्यों में आपकी जीत सुनिश्चित होगी। साथ ही आज माता को शक्कर और पंचामृत का भोग लगाने से व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है। 

मां चंद्रघंटा 

इस वर्ष चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी के साथ-साथ माता चंद्रघंटा की भी उपासना की जाएगी। देवी मां के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। मां चंद्रघंटा, जिनका वाहन सिंह है और जिनके दस हाथों में से चार दाहिनी हाथों में कमल का फूल, धनुष, जप माला और तीर है और पांचवा हाथ अभय मुद्रा में रहता है, जबकि चार बाएं हाथों में त्रिशूल, गदा, कमंडल और तलवार है और पांचवां हाथ वरद मुद्रा में रहता है, उनका स्वरूप भक्तों के लिए बड़ा ही कल्याणकारी है। ये सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिये तैयार रहती हैं। इनके घंटे की ध्वनि के आगे बड़े से बड़ा शत्रु भी नहीं टिक पाता है। लिहाजा देवी चंद्रघंटा हर परिस्थिति में सभी तरह के कष्टों से छुटकारा दिलाने में सहायक है। 

आज मां चंद्रघंटा के मंत्र का जप किया जाये तो जीवन में आ रही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। लिहाजा आज आपको माता चंद्रघंटा के मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥ आज इस मंत्र का 11 बार जप करने से जीवन में आ रही परेशानियों का स्वतः ही निवारण होता चला जाएगा।

नवरात्रि के दूसरे दिन माता रानी को लगाएं इन चीजों का भोग

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा करें और उन्हें चीनी या गुड़ का भोग लगाएं। मां ब्रह्मचारिणी को  चीनी या गुड़ अर्पित करने से  अकाल मृत्यु का संकट दूर हो जता है। इसके साथ माता रानी दीर्घायु का आशीर्वाद भी देती हैं। माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाएं। खीर का भोग लगाने से जातक को सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई का भोग भी अर्पित कर सकते हैं। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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