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Navratri 2025 Day 8 Maa Mahagauri Puja: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती समेत सबकुछ

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Updated : Mar 25, 2026 11:48 pm IST

Maa Mahagauri Ashtami Puja Live Updates: नवरात्रि की आठवीं शक्ति हैं महागौरी। अष्टमी तिथि पर देवी भगवती के इस सौम्य स्वरूप की पूजा की जाती है। मां महागौरी की पूजा सभी कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। यहां आपको महागौरी की पूजा विधि, मंत्र, कथा और भोग समेत तमाम जानकारी मिलेगी।

Navratri 2025 Day 8 Maa Mahagauri Puja- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2026 मां महागौरी पूजा Image Source : INDIA TV

Maa Mahagauri Ashtami Puja Live Updates: चैत्र नवरात्रि 2026 का पर्व अब समापन की ओर है। शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के अंतिम दो दिन अष्टमी और नवमी तिथियां विशेष महत्व रखी हैं। नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी का पर्व मनाया जाता है। देवी पूजा के लिए महाअष्टमी तिथि बेहद शुभ और मंगलदायी मानी गई है। इस दिन देवी भगवती के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा होती है। मां महागौरी का यह दिव्य स्वरूप अत्यंत ही तेजवान है। मान्यता है​ कि जो कोई साधक मां महागौरी की पूजा सच्चे मन से करता है, उस पर देवी प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाती हैं। शास्त्रों में मां भगवती के हर स्वरूप की पूजा की अलग-अलग विधि, मंत्र, आरती और कथा बताई जाती है। इसी तरह से मां महागौरी की पूजा करने की भी एक विधि है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अष्टमी तिथि पर मां महागौरी को कैसे प्रसन्न करें। इसी के साथ पूजा की विधि, मंत्र, आरती, भोग समेत सबकुछ जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ। 

चैत्र नवरात्रि अष्टमी  2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू हो रही है और 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, अष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। 

मां महागौरी स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।

 

Navratri 2025 Day 8 Maa Mahagauri Puja: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती समेत सबकुछ

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  • 11:48 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Maa Mahagauri Puja: मां महागौरी का प्रिय भोग

    मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के आठवें दिन की देवी मां महागौरी की पूजा में जो भक्त उनकी प्रिय चीजें चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। देवी महागौरी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन साधक को माता की पूजा में सफेद फूल जैसे रात की रानी का पुष्प आदि चढ़ाना चाहिए। माता के प्रिय भोग में भी नारियल चढ़ाकर देवी का आशीर्वाद मांगना चाहिए। मान्यता है कि मां महागौरी को नारियल और इससे बना भोग बहुत प्रिय है। 

  • 11:35 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Maa Mahagauri Puja: मां महागौरी की कथा

    हिंदू मान्यता के अनुसार जब देवी सती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठिन तप कर रही थीं, तो उनके पूरे शरीर पर मिट्टी जमा हो गई थी। इसके बाद जब महादेव ने उन्हें प्रसन्न होकर अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का आशीर्वाद दिया तो देवी ने गंगाजल में स्नान किया और उसके बाद उनका स्वरूप अत्यंत ही तेजवान दिखने लगा। माता के उस गौर वर्ण रूप को देखकर महादेव ने उन्हें महागौरी कहा। तब से भक्तगण आज तक उन्हें महागौरी के नाम से पूजते हैं। 

  • 11:26 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Maa Mahagauri Puja: माता महागौरी का प्रार्थना मंत्र

    श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
    महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा।
    देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।

  • 10:41 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Maa Mahagauri Ki Aarti: मां महागौरी की आरती

    जय महागौरी जगत की माया
    जय उमा भवानी जय महामाया।
    हरिद्वार कनखल के पासा।
    महागौरी तेरा वहां निवासा।।

    चंद्रकली और ममता अंबे।
    जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।।
    भीमा देवी विमला माता।
    कौशिकी देवी जग विख्याता।।

    हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
    महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।।
    सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।
    उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।

    बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
    तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।।
    तभी मां ने महागौरी नाम पाया।
    शरण आने वाले का संकट मिटाया।।

  • 9:38 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Maa Mahagauri Ki Pooja: मां महागौरी पूजा के लाभ

    • मां महागौरी की पूजा से मन को शांति प्राप्त होती है। 
    • सहनशीलता हासिल होती है। 
    • मन के दुर्भावनापूर्ण विचारों की शुद्धि होती है। 
  • 8:54 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Chaitra Navratri 2026: अष्टमी पर किस समय करें कन्या पूजन?

    इस बार अष्टमी का व्रत 26 मार्च 202 को रखा जाएगा। इस तिथि पर कुलदेवी पूजन, हवन और कन्या पूजन का विधान है। कन्या पूजन को देवी की साक्षात उपासना का रूप माना गया है। ऐसे में विधि-विधान से हवन-पूजन कर कन्याओं को भोज कराया जाता है। इस तरह भक्त अपने व्रत को पूर्णता प्रदान करते हैं और देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। इस बार अष्टमी कन्या पूजन के लिए सुबह 6:18 से 7:50 बजे तक का समय सबसे शुभ बताया जा रहा है। हालांकि, किसी कारणवश आप इस समय तक कन्या पूजन नहीं कर पाते हैं, तो 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक भी कर सकते हैं। 

  • 8:00 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Chaitra Navratri 2026: महागौरी का स्तोत्र पाठ

    सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
    ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
     
    सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
    डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
     
    त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
    वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

  • 7:21 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Chaitra Navratri 2026: मां महागौरी की पूजन विधि

    नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के साधक को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। इसके बाद साधक को मां महागौरी के व्रत और पूजन का संकल्प करना चाहिए। फिर घर के ईशान कोण में देवी का चित्र या मूर्ति रखकर उसे पवित्र जल से स्नान कराना चाहिए। इसके बाद माता को सफेद पुष्प अर्पित करना चाहिए। फिर देवी को धूप-दीप, चंदल-रोली, फल-मिठाई आदि अर्पित करते हुए माता के मंत्र का जप और उनके स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। 

  • 6:42 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    कैसा है मां महागौरी का स्वरूप?

    नवरात्रि की आठवें दिन की देवी हैं महागौरी। मां महागौरी अत्यंत सौम्य और कोमल स्वभाव की देवी हैं। चार भुजाओं से सुशोभित माता के एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरु, तीसरे हाथ में अभय मुद्रा और चौथे हाथ में वरमुद्रा रहती है। मां श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और उनका रंग गोरा है। मां महागौरी वृषभ यानी की बैल की सवारी करती हैं। महागौरी को श्वेतांबरधरा और अन्नपूर्णा का स्वरूप भी माना जाता है।

  • 6:11 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि अष्टमी 2026 कब है?

    पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से शुरू हो रही है और 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, अष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। 

  • 4:45 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    मां महागौरी का पूजन कैसे करें?

    • मां महागौरी के पूजन के लिए प्रातःकाल जल्दी उठकर व्रत और पूजा का संकल्प लें
    • घर के किसी स्वच्छ स्थान पर पूजा के लिए एक चौकी स्थापित करें
    • इस चौकी पर देवी महागौरी की तस्वीर रखें
    • चित्र के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें और देवी को कुमकुम से तिलक करें
    • देवी के चित्र पर फूलों की माला अर्पित करें
    • इसके पश्चात अबीर, गुलाल, हल्दी, मेहंदी, चावल आदि सामग्री को क्रमशः चढ़ाते रहें
    • देवी महागौरी को नारियल या उससे निर्मित मिठाई का भोग अर्पित करें
  • 4:22 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Mahagauri Ki Katha: मां महागौरी की कथा

    मां महागौरी की पौराणिक कथा के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए कई हजार वर्षों तक कठोर तप किया। इस दौरान उन्होंने जल और अन्न ग्रहण नहीं किया। इसके कारण देवी का गौरवर्ण काला हो गया। एक समय बाद मां पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने देवी उमा को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तपस्या के कारण देवी के काले पड़े शरीर को महादेव ने गंगा जल से शुद्ध किया, जिसके परिणामस्वरूप उनका शरीर फिर से गौरवर्ण का तथा और ज्यादा चमकदार हो गया। गंगा जल के प्रभाव से उनका रंग सफेद हो गया, इसलिए उन्हें महागौरी के नाम से जाना गया। 

  • 3:36 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    Chaitra Navratri 2026: मां महागौरी का कवच

    ओंकारः पातु शीर्षो मां, हीं बीजं मां, हृदयो।
    क्लीं बीजं सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
     
    ललाटं कर्णो हुं बीजं पातु महागौरी मां नेत्रं घ्राणो।
    कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मा सर्ववदनो॥

  • 3:04 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Navratri 2025 Day 8 Maa Mahagauri Puja: मां महागौरी का ध्यान मंत्र

     
    वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
    सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥
     
    पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।
    वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
     
    पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
    मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
     
    प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वाधरां कातं कपोलां त्रैलोक्य मोहनम्।
    कमनीया लावण्यां मृणांल चंदनगंधलिप्ताम्॥

     

  • 2:51 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    महागौरी का स्तोत्र पाठ

    सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
    ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
     
    सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
    डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
     
    त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
    वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

  • 1:47 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Navratri 2025 Day 8 Maa Mahagauri Puja: मां महागौरी का कवच

    ओंकारः पातु शीर्षो मां, हीं बीजं मां, हृदयो।
    क्लीं बीजं सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
     
    ललाटं कर्णो हुं बीजं पातु महागौरी मां नेत्रं घ्राणो।
    कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मा सर्ववदनो॥

  • 1:27 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Chaitra Navratri 2026 8th Day Puja: अष्टमी पर किस समय करें कन्या पूजन?

    इस बार अष्टमी का व्रत 26 मार्च 202 को रखा जाएगा। इस तिथि पर कुलदेवी पूजन, हवन और कन्या पूजन का विधान है। कन्या पूजन को देवी की साक्षात उपासना का रूप माना गया है। ऐसे में विधि-विधान से हवन-पूजन कर कन्याओं को भोज कराया जाता है। इस तरह भक्त अपने व्रत को पूर्णता प्रदान करते हैं और देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। इस बार अष्टमी कन्या पूजन के लिए सुबह 6:18 से 7:50 बजे तक का समय सबसे शुभ बताया जा रहा है। हालांकि, किसी कारणवश आप इस समय तक कन्या पूजन नहीं कर पाते हैं, तो 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक भी कर सकते हैं। 

  • 11:56 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Mahagauri Puja: 8 वर्ष की आयु में हुआ पूर्वजन्म का आभास

    कथा के अनुसार जब माता सती ने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह कर लिया तब उन्होंने भगवान शिव को अगले जन्म में भी पति रूप में पाने का संकल्प लिया। इस संकल्प के चलते उनका जन्म हिमालय और मैना के घर हुआ। इस कारण उनका नाम पार्वती पड़ा। वह जब 8 वर्ष की थीं, तब उनको ध्यान और साधना के दौरान अपने पूर्वजन्म का आभास हुआ। उन्हें ज्ञान हुआ कि वे पिछले जन्म सती थी और उनके पति भगवान शिव थे। इसके बाद माता ने शिव जी को पाने के लिए महल छोड़ दिया और जंगल में जाकर तपस्या करनी शुरू कर दी। मां ने वर्षों तक इतनी घोर तपस्या की थी कि उनका शरीर काला पड़ गया। उनके तप से प्रसन्न होकर शिव जी ने उनको दर्शन दिए। फिर भगवान शिव ने देवी के ऊपर गंगाजल छिड़का, जिससे उनका रंग अत्यंत सफेद हो गया और वे महागौरी कहलाईं।

  • 11:35 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Mahagauri Ki Puja kaise Kare: मां महागौरी का पूजन कैसे करें?

    1. मां महागौरी के पूजन के लिए प्रातःकाल जल्दी उठकर व्रत और पूजा का संकल्प लें
    2. घर के किसी स्वच्छ स्थान पर पूजा के लिए एक चौकी स्थापित करें
    3. इस चौकी पर देवी महागौरी की तस्वीर रखें
    4. चित्र के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें और देवी को कुमकुम से तिलक करें
    5. देवी के चित्र पर फूलों की माला अर्पित करें
    6. इसके पश्चात अबीर, गुलाल, हल्दी, मेहंदी, चावल आदि सामग्री को क्रमशः चढ़ाते रहें
    7. देवी महागौरी को नारियल या उससे निर्मित मिठाई का भोग अर्पित करें
  • 11:24 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Navratri day 8 Maa Mahagauri Puja: मां महागौरी का पूजन कैसे करें ?

    मां महागौरी के पूजन के लिए प्रातःकाल जल्दी उठकर व्रत और पूजा का संकल्प लें

    घर के किसी स्वच्छ स्थान पर पूजा के लिए एक चौकी स्थापित करें

    इस चौकी पर देवी महागौरी की तस्वीर रखें

    चित्र के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें और देवी को कुमकुम से तिलक करें

    देवी के चित्र पर फूलों की माला अर्पित करें

    इसके पश्चात अबीर, गुलाल, हल्दी, मेहंदी, चावल आदि सामग्री को क्रमशः चढ़ाते रहें

    देवी महागौरी को नारियल या उससे निर्मित मिठाई का भोग अर्पित करें

  • 11:18 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Mahagauri Ki Aarti: मां महागौरी की आरती

    जय महागौरी जगत की माया
    जय उमा भवानी जय महामाया।
    हरिद्वार कनखल के पासा।
    महागौरी तेरा वहां निवासा।।

    चंद्रकली और ममता अंबे।
    जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।।
    भीमा देवी विमला माता।
    कौशिकी देवी जग विख्याता।।

    हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
    महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।।
    सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।
    उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।

    बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
    तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।।
    तभी मां ने महागौरी नाम पाया।
    शरण आने वाले का संकट मिटाया।।

  • 10:49 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Mahagauri Puja: कैसा है मां महागौरी का स्वरूप

    नवरात्रि की आठवें दिन की देवी हैं महागौरी। मां महागौरी अत्यंत सौम्य और कोमल स्वभाव की देवी हैं। चार भुजाओं से सुशोभित माता के एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरु, तीसरे हाथ में अभय मुद्रा और चौथे हाथ में वरमुद्रा रहती है। मां श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और उनका रंग गोरा है। मां महागौरी वृषभ यानी की बैल की सवारी करती हैं। महागौरी को श्वेतांबरधरा और अन्नपूर्णा का स्वरूप भी माना जाता है।

  • 10:49 AM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Mahagauri Puja 2026 Live: मां महागौरी प्रार्थना मंत्र

    श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
    महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा।
    देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।

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