Diwali Ke Bhajan 2025: भजन किसी भी त्योहार की रौनक बढ़ा देते हैं और घर का माहौल भक्तिमय बना देते हैं। आज दिवाली का त्योहार है ऐसे में इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान राम के भजन खूब सुने-सुनाए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भजन गाने या सुनने से ईश्वर की असीम कृपा प्राप्त होती है और मन शांत हो जाता है। चलिए जानते हैं दिवाली के लोकप्रिय भजन कौन-कौन से हैं।
दिवाली के भजन (Diwali Ke Bhajan)
- सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,
- नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
- सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,
- दीपावली का दिन ये निराला सुख का उजाला देने वाला,
- मस्ती में खोया आलम सारा बेहने लगी है प्रेम की धरा,
- सब के संकट दूर कररगी लक्ष्मी जी महामाई,
- नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
- सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,
- फुले से घर है सब ने सजाये प्रेम से अन गिन दीप जलाये,
- हे मेवा मिशरी और मिठाई दी है किसी को किसी से है पाई,
- आज का दिन हो सब के लिए ही मंगल मई सुख दाई
- नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
- सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,
- आतिशबाजी और पटाखे दीपावली की शान बढ़ाते,
- कोई हो पराये चाहे हो अपने आज हो पुरे सब के सपने,
- सब को मुबारक बात हमारी सब को लाख बधाई,
- नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
- सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई
सजा दो घर को गुलशन सा (Sajado Ghar Ko Gulshan Sa)
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध में राम आए हैं,
- अवध मे राम आए है,
- मेरे सरकार आए हैं,
- लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
- अवध मे राम आए हैं,
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध मे राम आएं हैं ।
- पखारों इनके चरणों को,
- बहा कर प्रेम की गंगा,
- बिछा दो अपनी पलकों को,
- अवध मे राम आए हैं,
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध मे राम आए हैं ।
- तेरी आहट से है वाकिफ़,
- नहीं चेहरे की है दरकार,
- बिना देखेँ ही कह देंगे,
- लो आ गए है मेरे सरकार,
- लो आ गए है मेरे सरकार,
- दुआओं का हुआ है असर,
- दुआओं का हुआ है असर,
- अवध मे राम आए हैं,
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध मे राम आए हैं ।
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध में राम आए हैं,
- अवध मे राम आए है,
- मेरे सरकार आए हैं,
- लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
- अवध मे राम आए हैं,
- सजा दो घर को गुलशन सा,
- अवध मे राम आएं हैं ।
अवध में छाई खुशी की बेला (Avadh Me Chhai Khushi Ki Bela)
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- चौदह साल वन में बिताएं,
- राम लखन सिया लौट के आए,
- घर घर खुशियां छाई,
- लगा है, अवध पुरी में मेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- कौशल्या माँ सुमित्रा कैकई,
- सबके मन में आज खुशी भई,
- कोई नहीं है अकेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- सिया राम को राज हुआ है,
- खुशी से पागल हो रहे सब जन,
- गुरु वशिष्ठ और चेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
दिवाली का त्यौहार है (Diwali ka Tayohar Hai)
- दिवाली का त्यौहार है,
- झूम उठा संसार है,
- खुश सभी परिवार हैं,
- अवधपुरी में जाकर देखो,
- दीपों की कतार है.....
- कोई आँगन लीप रहा है कोई करे पुताई है,
- ख़ुशी ख़ुशी सब नारियों ने रंगोली सजाई है,
- सजे सभी के द्वार हैं म झूम उठा संसार है,
- खुश सभी परिवार हैं,
- अवधपुरी में जाकर देखो,
- दीपों की कतार है.....
- चौदह बरस के बाद हमारे राम अयोध्या आये है,
- राज तिलक जब हुआ प्रभु का नर नारी हर्षाये हैं,
- गूंजे जय जयकार हैं झूम उठा संसार है,
- खुश सभी परिवार हैं,
- अवधपुरी में जाकर देखो,
- दीपों की कतार है.....
- घर की साफ़ सफाई करलो लक्ष्मी मैया आएँगी,
- श्री गणेश भी साथ पधारे घर घर खुशियां छाएंगी,
- ढंग से भरे भण्डार हैं झूम उठा संसार है,
- खुश सभी परिवार हैं,
- अवधपुरी में जाकर देखो,
- दीपों की कतार है......
- नगर नगर में गांव गांव में पटाखों का शोर है,
- खुशियों के अनार फूटते देखो चारों और हैं,
- मिठाई भी तैयार हैं झूम उठा संसार हैं,
- खुश सभी परिवार हैं,
- अवधपुरी में जाकर देखो,
- दीपों की कतार है.....
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