Diwali Par Kya Karna Chahiye, Maa Laxmi Ko Kaise Prasan Kare: दिवाली का ये त्योहार खुशियों का त्योहार है। शास्त्रों में दीवाली की रात को ‘सुखरात्रि’, ‘दीपालिका’, व्रतप्रकाश और ‘सुख सुप्तिका’ की संज्ञाएं भी दी गई हैं। कहते हैं इस दिन माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करने आती हैं और ऐसे में जो कोई माता की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है उसके घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती। शास्त्रों में दिवाली पर किये जाने वाले बहुत से महत्वपूर्ण कार्यों का जिक्र किया गया है, जो हमारी खुशहाली से, हमारे सुख-भाग्य से और हमारी आर्थिक तरक्की से जुड़े हुए हैं। यहां हम इन सबकी चर्चा करेंगे जिससे आप भी उनका उचित फायदा उठा सकें।
दिवाली पर क्या करें: जानिए मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
- दिवाली के दिन भी शरीर पर तेल मालिश करने के बाद स्नान करना चाहिये और स्नान के लिये पीपल, गूलर, आम, बरगद और पाकड़ के पेड़ों में से जिस-जिस पेड़ की छाल आपको मिल जाये, उन्हें पानी में उबाल कर स्नान करना चाहिए। माना जाता है कि- इस दौरान लक्ष्मी जी तेल में और गंगा सभी जलों में निवास करती हैं। लिहाजा इस दिन तेल से मालिश के बाद स्नान करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
- इसके अलावा दिवाली पर देव-पितरों की पूजा करनी चाहिए और दही, दूध व घी से पार्वण श्राद्ध करना चाहिए। साथ ही ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए। बता दूं कि किसी पर्व पर किये गये श्राद्ध को पार्वण श्राद्ध कहते हैं।
- दिवाली के दिन परिवार में एक-दूसरे को पान का पत्ता देना चाहिए और कुमकुम लगाना चाहिए। रेशमी वस्त्र और आभूषण धारण करने चाहिए।
- इस दिन कुमारियों को घर में चावल बिखेरने चाहिए, लेकिन हमारी संस्तुति ये है कि आप चावलों को बिखेरने के बजाय घर के दरवाजों पर आटे की सहायता से चिपका दें। इसके साथ ही विजय के लिये दीपक जलाकर उसकी लौ पूरे घर में दिखानी चाहिए।
- दिवाली पर शाम के समय प्रदोष काल में मंदिर आदि पवित्र स्थलों पर दीपक जलाने चाहिए। इसके बाद घर में सभी जगहों पर दीपक जलाने चाहिए।
- दिवाली पर्व व्यापारियों के लिये विशेष महत्व रखता है। व्यापारी लोग इस दिन अपने बही खातों की पूजा करते हैं। अपने मित्रों और अन्य व्यापारियों को आमंत्रित करते हैं और उनका पान व मिठाईयों से सम्मान करते हैं। दिवाली पर पुराने खाते बंद करके नये खाते खोले जाते हैं और लक्ष्मी पूजा के समय बही खाते रखे जाते हैं और उनकी रोली-चावल से पूजा की जाती है। फिर उन्हें भैया दूज के दिन से काम में लिया जाता है।
- दिवाली की शाम के समय मां लक्ष्मी और श्री गणेश के साथ ही कुबेर जी की भी पूजा की जाती है जैसे मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, उसी प्रकार कुबेर जी को धन का देवता कहा जाता है और जिस घर में ये दोनों निवास करते हैं, वहां पर धन की कभी कमी नहीं होती।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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