Diwali 2025 Puja Vidhi, Samagri List: इस साल दिवाली का त्योहार 21 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी, सरस्वती माता, काली माता, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा की जाती है। अगर दिवाली पूजन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में विधि विधान दिवाली का पूजन करें और घर में दिए जलाएं। चलिए जान लेते हैं दिवाली पूजन में क्या-क्या सामग्री लगेगी और पूजा की विधि क्या है।
दिवाली पूजन सामग्री (Diwali Puja Samagri List)
- लकड़ी की चौकी
- फूल
- फल
- कपूर
- गेहूं
- लाल कपड़ा
- लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति
- कुमकुम
- हल्दी की गांठ
- दूर्वा घास
- जनेऊ
- खील बताशे
- चांदी के सिक्के और कलावा
- रोली
- पान
- बाती
- सुपारी
- लोंग
- अगरबत्ती
- धूप
- दीपक
- घी
- गंगाजल
- माचिस
- पंचामृत
दिवाली पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi At Home In Hindi)
- जिस स्थान पर लक्ष्मी-गणेश पूजन करना है उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें।
- फिर वहां एक साफ चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें।
- इस चौकी पर लक्ष्मी-गणेश, सरस्वती माता, कुबेर देवता और राम दरबार की मूर्ति स्थापित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि लक्ष्मी जी प्रतिमा गणेश जी के दाहिनी तरफ रखनी है।
- सभी मूर्तियों पर गंगाजल छिड़कें। फिर हाथ में लाल या पीले रंग का फूल लेकर ऊँ गं गणपतये नम: मंत्र से गणेश जी का ध्यान करें।
- फिर गणेश जी के माथे पर तिलक लगाएं और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।
- फिर माता लक्ष्मी का विधि विधान पूजन करें। माता लक्ष्मी को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं और उनके बीज मंत्र का जाप करें। इसी तरह आप कुबेर देवता, राम दरबार और मां सरस्वती का पूजन भी कर लें।
- अंत में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें।
- इसके बाद घर के कोने-कोने में दीपक जलाकर रख दें। इसके अलावा दो बड़े दीपक घर के मंदिर में रखें। जिसमें घी का दीपक मां लक्ष्मी के लिए होता है और सरसो के तेल से भरा दीपक पूर्वजों के नाम से रखा जाता है।
- घी का बड़ा दीपक पूरी रात जलाकर रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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