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Durga Ashtami 2023: मां दुर्गा की इस विधि से करें पूजा, बनेंगे बिगड़े काम, जानें दुर्गाष्टमी व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

 Written By: Sushma Kumari @ISushmaPandey
 Published : Feb 26, 2023 12:30 pm IST,  Updated : Feb 26, 2023 01:16 pm IST

Durga Ashtami 2023: आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, पूजा विधि और महत्व

Durga Ashtami 2023- India TV Hindi
Durga Ashtami 2023 Image Source : PIXABAY

Durga Ashtami 2023:  हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को दुर्गाष्टमी व्रत किया जाता है। इस दिन मां दुर्गा की उपासना की जाती है। जिस प्रकार चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता भगवान गणेश को माना जाता है, उसी प्रकार प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा की उपासना की जाती है। अतः इस दिन देवी दुर्गा की उपासना का दिन है। मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा की उपासना करने से आपकी सभी मनोकामना पूरी होंगी। आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ मुहूर्त पूजन सामग्री और पूजा विधि। 

कब है मासिक दुर्गाष्टमी?

पौष माह की दुर्गाष्टमी 27 फरवरी दिन सोमवार को मनाई जाएगी। 

मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ मुहूर्त

  • अष्टमी तिथि आरंभ: 12 बजकर 58 मिनट से शुरू (27 फरवरी)
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 02 बजकर 21 मिनट पर (28 फरवरी)

पूजा सामग्री की लिस्ट

  • लाल चुनरी
  • लाल कपड़ा
  • मौली
  • श्रृंगार का सामान
  • दीपक
  • घी/ तेल
  • धूप
  • नारियल
  • चावल
  • कुमकुम
  • फूल
  • देवी की प्रतिमा या फोटो
  • पान
  • सुपारी
  • लौंग
  • इलायची
  • बताशे या मिसरी
  • कपूर
  • फल-मिठाई
  • कलावा

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि

  • सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ कपड़े धारण कर लें।
  • इसके बाद पूजा घर को गंगाजल छिड़क उसकी शुद्धि कर लें।
  • अब एक चौकी में लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें और देवी मां को जल अर्पित करें। 
  • इसके बाद मां दुर्गा को लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार, लाल रंग का पुष्प,पुष्पमाला और अक्षत अर्पित करें।
  • उसके बाद मां दुर्गा को सिंदूर का टीका लगाएं।
  • मां दुर्गा को एक पान के पत्ते में लौंग, सुपारी, इलायची, बताशा रख कर चढ़ा दें।
  • भोग के रूप में कोई मिठाई चढ़ाएं और फिर जल अर्पित करें। 
  • इसके बाद घी का दीपक और अगरबत्ती जलाकर मां दुर्गा चालीसा का पाठ करके विधि-विधान के साथ मां की आरती करें
  • अंत में आपके द्वारा की गई गलतियों के लिए क्षमा मांग लें। 

डिस्क्लेमर - ये आर्टिकल जन सामान्य सूचनाओं और लोकोक्तियों पर आधारित है। इंडिया टीवी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

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