1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में जौ बोने जा रहे हैं तो पहले जान लीजिए सही नियम, तभी माता रानी की बरसेगी कृपा

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में जौ बोने जा रहे हैं तो पहले जान लीजिए सही नियम, तभी माता रानी की बरसेगी कृपा

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Mar 18, 2026 05:14 pm IST,  Updated : Mar 18, 2026 05:14 pm IST

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जौ बोया जाता है। जौ बोने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है। तो आइए जानते हैं कि जौ बोने का नियम क्या है और इसके रंग और आकार क्या संकेत देता है।

नवरात्रि में जौ बोने के नियम - India TV Hindi
नवरात्रि में जौ बोने के नियम Image Source : FILE IMAGE

Chaitra Navratri 2026 Jau bone ka sahi niyam: हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस दौरान माता दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की विधि विधान के साथ उपासना की जाती है। इसके साथ ही नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और जौ बोने का भी विधान है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 से शुरू हो रही है और समाप्त 27 मार्च को होगा। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ ही जौ भी बोया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर जौ अच्छी तरह से अंकुरित और विकसित होते हैं तो यह समृद्धि और खुशहाली का संकेत होता होता है। जौ बोने से घर में समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है। आपको बता दें कि जौ को ज्वारे भी कहा जाता है।

नवरात्रि में जौ बोने का सही नियम

  • जौ अच्छी तरह अंकुरित हो इसके लिए नवरात्रि से एक रात पहले ही जौ के कुछ दाने भिगोकर रख दें। 
  • नवरात्रि सबसे पहले मंदिर या पूजा घर को साफ-सुथरा कर लें। 
  • जौ बोने के लिए मिट्टी का कोई भी एक पात्र लें। इसे अच्छी तरह से साफ करने के बाद इसमें शुद्ध मिट्टी रखें। इसे अच्छी तरह से भरने के बाद इसमें जौ के दाने को अच्छी तरह से फैला दें। 
  • अब जौ डालने के बाद इसके ऊपर थोड़ी सी मिट्टी डाल दें फिर हल्के हाथों से थोड़ा पानी डालें।
  • नवरात्रि के हर दिन इसमें थोड़ा-थोड़ा साफ जल डालें। जल की मात्रा अधिक न रखें वरना जौ के बीज खराब होने लगेंगे।

नवरात्रि में बोए गए जौ का रंग क्या संकेत देता है?

  • नवरात्रि में बोए गए जौ का रंग का काला या पीला है तो यह शुभ संकेत नहीं होता है। इसका मतलब है कि आपको आर्थिक स्थिति खराब होने वाली है।

  •  जौ अगर अच्छे से नहीं बढ़ रहा है या टेढ़ा-मेढ़ा बढ़ रहा है तो यह भी अशुभ संकेत माना जाता है।

  • नवरात्रि में बोए गए जौ का रंग हरा या आधा सफेद है तो यह एक शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपको समस्त परेशानियों से शीघ्र ही छुटकारा मिल जाएगा।

  • अगर आपके जौ अच्छे से बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपको आर्थिक लाभ मिलेगा और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा।

  • नवरात्रि में बोए गए जौ अगर अच्छे से अंकुरित और विकसित हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि देवी मां आपकी पूजा से प्रसन्न हैं। आपके घर में सदैव खुशहाली और समृद्धि बनी रहेगी।

  • जौ लंबे और सीधे बढ़ रहे हैं तो यह अच्छे स्वास्थ्य, काम में सफलता और घर में शांति का संकेत होता है।

  • जौ छोटे या कम अंकुरित हुए हैं तो इसका मतलब है कि आपके कामों में कई तरह की बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन जौ क्यों बोया जाता है? यहां जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताएं

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा को क्या-क्या भोग लगाना चाहिए? नोट कर लें संपूर्ण भोग लिस्ट

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म