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Sita Jayanti 2023: आज ही के दिन धरती पर प्रकट हुईं थी माता सीता, जानिए जनक नंदिनी देवी जानकी से जुड़ी जन्म कथा

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Feb 14, 2023 12:54 pm IST,  Updated : Feb 14, 2023 01:16 pm IST

Sita Ashtami 2023: आज मां जानकी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में सीता अष्टमी का खास महत्व है। इस विशेष अवसर पर जानिए आखिर मां सीता का जन्म कैसे हुआ था।

जानकी जयंती 2023- India TV Hindi
जानकी जयंती 2023 Image Source : FILE IMAGE

Janaki Jayanti 2023: हर मिथिलावासी और हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए आज का दिन विशेष मायने रखता है। दरअसल, आज सीता जयंती, इस दिन मां जानकी की पूजा के साथ भगवान राम की भी अराधना की जाती है। आपको बता दें कि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सीता जयंती मनाई जाती है। इस दिन को सीता अष्टमी और जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है।  धार्मिक मान्यता है कि अष्टमी तिथि को ही माता सीता ने धरती पर प्रकट लिया था, इसलिए आज के दिन सीता मईया का जन्मोत्सव मनाया जाता है। तो आइए आज जानते हैं मां सीता के जन्म से जुड़ी प्रचलित पौराणिक कथा। 

सीता अष्टमी की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, मिथिला वर्षों तक धरती पर पानी की एक बूंद भी नहीं पड़ी थी। राजा जनक का पूरा राज्य पानी के बिना रेगिस्तान बना हुआ था। यहां के लोगों को खाना तो दूर पानी की एक बूंद भी बड़ी मुश्किल से नसीब हो रहा था। अपने भूखे और प्यासी प्रजा को देखकर राजा जनकर जी विचलित से रहने लगे थे। उन्होंने अपना खजाना का दरवाजा आम प्रजाओं के लिए खोल दिया था। 

Sita Ashtami 2023: जानकी जयंती आज, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

मिथिला में सूखे की गहराती समस्या को देखते हुए ऋषियों ने राजा जनक से कहा कि वो सोने की हल खुद खेत में चलाएं, जिससे इंद्रदेव की कृपा उनके राज्य पर हो। इसके बाद जनक जी ने हल से खेत जोतना शुरू किया तभी उनका हल किसी बक्से से टकराया। फिर उन्होंने उस बक्सा को बाहर निकालकर देखा तो उसमें एक बच्ची थी। राजा जनक की उस समय कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने उस बच्ची को गोद ले लिया और उसका नाम सीता रखा। लेकिन राजा जनक की बेटी होने के कारण उन्हें जानकी जी भी कहा जाता है। इसके अलावा माता सीता को मैथिली और भूमिजा के नाम से भी पुकारा जाता है। दरअसल, भूमि से जन्म लेने की वजह से उनका भूमिजा पड़ा है। कहते हैं कि सीता जी के प्रकट होते ही मिथिला राज्य में जमकर बारिश हुई और वहां का सूखा दूर हो गया। 

जानकी मंदिर, जनकरपुर (नेपाल)

यूं तो भारत में बहुत से प्रसिद्ध राम-सीता मंदिर है। लेकिन नेपाल के जनकरपुर में बना भव्य जानकी मंदिर पूरी तरह माता सीता को समर्पित है। आपको बता दें कि नेपाल के तराई क्षेत्र को मिथिला नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, नेपाल ही राजा जनक का मिथिला राज्य था, जनकपुर का जिक्र कई धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। वहीं जनकपुरवासी माता सीता जानकी देवी और मां जानकी कहते हैं। 

(डिस्क्लेमर - ये आर्टिकल जन सामान्य सूचनाओं और लोकोक्तियों पर आधारित है। इंडिया टीवी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।)

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