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Shree Ram ke 108 Name: दशहरे के दिन भगवान राम के इन 108 नाम और मंत्रों का करें जाप, पूरी होगी मन की हर मुराद

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Oct 01, 2025 10:27 pm IST,  Updated : Oct 01, 2025 10:27 pm IST

ऐसी मान्यता है कि दशहरे के दिन प्रभु श्री राम के 108 नामों का जाप करना बहुत ही लाभदायी होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। ऐसे में आप भी दशहरे के दिन शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए भगवान राम के 108 नामों और मंत्रों का जाप करके प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करें।

राम जी के 108 नाम और मंत्र- India TV Hindi
राम जी के 108 नाम और मंत्र Image Source : PEXELS

Shree Ram Name Chant Benefits: विजयादशमी का पर्व 2 अक्टूबर 2025 को बड़ी धूमधाम से मनाया जाना है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष को दशहरे का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भगवान राम ने दशानन का अंत किया था और समस्त संसार को लंकापति के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। ऐसे में दशहरे के दिन भगवान राम का सच्चे मन से किया गया स्मरण आपको जीवन में हर बाधा से लड़ने की ताकत देता है। 

प्रभु श्री राम के 108 नामों और मंत्रों का करें जाप

ऐसी मान्यता है कि दशहरे के दिन प्रभु श्री राम के 108 नामों का जाप करना बहुत ही लाभदायी होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। ऐसे में आप भी दशहरे के दिन शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए भगवान राम के 108 नाम और मंत्रों का जाप करें। कहा जाता है कि दशहरे के दिन इन नामों और मंत्रों का जाप करने से आपके ऊपर हमेशा ही प्रभु श्रीराम की कृपा बनी रहती है। 

क्रमांक नाम मंत्र अर्थ / भावार्थ
1 श्रीराम ॐ श्रीरामाय नमः।

Om Shriramaya Namah।

जो आनन्द प्रदान करने वाले हैं
2 रामभद्र ॐ रामभद्राय नमः।
Om Ramabhadraya Namah।
जो सौम्य एवं शान्त स्वभाव वाले हैं
3 रामचन्द्र ॐ रामचन्द्राय नमः।
Om Ramachandraya Namah।
जो चन्द्रमा के समान सुन्दर हैं
4 शाश्वत ॐ शाश्वताय नमः।
Om Shashvataya Namah।
जो शाश्वत एवं अजेय हैं
5 राजीवलोचन ॐ राजीवलोचनाय नमः।
Om Rajivalochanaya Namah।
जो कमल पुष्प के समान सुन्दर नेत्रों वाले हैं
6 श्रीमत् ॐ श्रीमते नमः।
Om Shrimate Namah।
जो सभी के द्वारा पूजनीय हैं
7 राजेन्द्र ॐ राजेन्द्राय नमः।
Om Rajendraya Namah।
जो राजाधिराज हैं
8 रघुपुङ्गव ॐ रघुपुङ्गवाय नमः।
Om Raghupungavaya Namah।
जो रघु कुल के वंशज हैं
9 जानकीवल्लभ ॐ जानकीवल्लभाय नमः।
Om Janakivallabhaya Namah।
जो श्री जानकी जी के पति हैं
10 जैत्र ॐ जैत्राय नमः।
Om Jaitraya Namah।
जो स्वयं विजय के प्रतीक हैं
11 जितामित्र ॐ जितामित्राय नमः।
Om Jitamitraya Namah।
जो शत्रुओं को परास्त करने वाले हैं
12 जनार्दन ॐ जनार्दनाय नमः।
Om Janardanaya Namah।
जो जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्रदान करने वाले हैं
13 विश्वामित्रप्रिय ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः।
Om Vishvamitrapriyaya Namah।
जो ऋषि विश्वामित्र के अत्यन्त प्रिय हैं
14 दान्त ॐ दान्ताय नमः।
Om Dantaya Namah।
जो शान्ति के प्रतीक हैं
15 शरणत्राणतत्पर ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः।
Om Sharanatranatatparaya Namah।
जो समस्त भक्तों के रक्षक हैं
16 वालिप्रमथन ॐ वालिप्रमथनाय नमः।
Om Valipramathanaya Namah।
जो वालि का वध करने वाले हैं
17 वाग्मी ॐ वाग्मिने नमः।
Om Vagmine Namah।
जो एक उत्तम प्रवक्ता हैं
18 सत्यवाक् ॐ सत्यवाचे नमः।
Om Satyavache Namah।
जो सदा सत्यवादी हैं
19 सत्यविक्रम ॐ सत्यविक्रमाय नमः।
Om Satyavikramaya Namah।
जो अत्यन्त शक्तिशाली हैं
20 सत्यव्रत ॐ सत्यव्रताय नमः।
Om Satyavrataya Namah।
जो सत्य को तप के रूप में अपनाने वाले हैं
21 व्रतधर ॐ व्रतधराय नमः।
Om Vratadharaya Namah।
जो तपस्वी हैं
22 सदा हनुमदाश्रित ॐ सदा हनुमदाश्रिताय नमः।
Om Sada Hanumadashritaya Namah।
हनुमान जी जिनकी सदैव सेवा करते हैं
23 कौसलेय ॐ कौसलेयाय नमः।
Om Kausaleyaya Namah।
जो माता कौशल्या के पुत्र हैं
24 खरध्वंसी ॐ खरध्वंसिने नमः।
Om Kharadhvamsine Namah।
जो खर नामक राक्षस का वध करने वाले हैं
25 विराधवधपण्डित ॐ विराधवधपण्डिताय नमः।
Om Viradhavadhapanditaya Namah।
जो विराध नामक राक्षस का वध करने वाले हैं
26 विभीषणपरित्राता ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः।
Om Vibhishanaparitratre Namah।
जो विभीषण के रक्षक हैं
27 हरकोदण्डखण्डन ॐ हरकोदण्डखण्डनाय नमः।
Om Harakodandakhandanaya Namah।
जो भगवान शिव के शक्तिशाली धनुष को तोड़ने वाले हैं
28 सप्ततालप्रभेत्ता ॐ सप्ततालप्रभेत्रे नमः।
Om Saptatalaprabhetre Namah।
जो सात ताल वृक्षों को एक ही बाण मे बीन्ध देने वाले हैं
29 दशग्रीवशिरोहर ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः।
Om Dashagrivashiroharaya Namah।
जो दस सिर वाले रावण का वध करने वाले हैं
30 जामदग्न्यमहादर्पदलन ॐ जामदग्न्यमहादर्पदलनाय नमः।
Om Jamadagnyamahadarpadalanaya Namah।
जो परशुराम जी के महान अभिमान को चूर करने वाले हैं
31 ताटकान्तक ॐ ताटकान्तकाय नमः।
Om Tatakantakaya Namah।
जो ताड़का नामक राक्षसी का वध करने वाले हैं
32 वेदान्तसार ॐ वेदान्तसाराय नमः।
Om Vedantasaraya Namah।
जो वेदान्त के सार हैं
33 वेदात्मा ॐ वेदात्मने नमः।
Om Vedatmane Namah।
जो स्वयं वेदस्वरूप हैं
34 भवरोगस्य भेषजम् ॐ भवरोगस्य भेषजाय नमः।
Om Bhavarogasya Bheshajaya Namah।
जो संसार के बन्धनों से मुक्ति हेतु एक मात्र औषधरूप हैं
35 दूषणत्रिशिरोहन्ता ॐ दूषणत्रिशिरोहन्त्रे नमः।
Om Dushanatrishirohantre Namah।
जो दूषण और त्रिशिरा नामक राक्षसों का वध करने वाले हैं
36 त्रिमूर्ति ॐ त्रिमूर्तये नमः।
Om Trimurtaye Namah।
जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों रूपों को धारण करने वाले हैं

श्रीराम नामावली (37–72)

क्रमांक नाम मंत्र अर्थ / भावार्थ
37 त्रिगुणात्मक ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः।
Om Trigunatmakaya Namah।
जो तीनों गुणों के आधार हैं
38 त्रिविक्रम ॐ त्रिविक्रमाय नमः।
Om Trivikramaya Namah।
जिनका तीनों लोकों पर आधिपत्य है
39 त्रिलोकात्मा ॐ त्रिलोकात्मने नमः।
Om Trilokatmane Namah।
जो तीनों लोकों के स्वामी हैं
40 पुण्यचारित्रकीर्तन ॐ पुण्यचारित्रकीर्तनाय नमः।
Om Punyacharitrakirtanaya Namah।
जिनकी लीलाओं का कीर्तन परम पवित्र है
41 त्रिलोकरक्षक ॐ त्रिलोकरक्षकाय नमः।
Om Trilokarakshakaya Namah।
जो तीनों लोकों की रक्षा करने वाले हैं
42 धन्वी ॐ धन्विने नमः।
Om Dhanvine Namah।
जो धनुष धारण करने वाले हैं
43 दण्डकारण्यकर्तन ॐ दण्डकारण्यकर्तनाय नमः।
Om Dandakaranyakartanaya Namah।
जो दण्डकारण्य मे निवास करने वाले हैं
44 अहल्याशापशमन ॐ अहल्याशापशमनाय नमः।
Om Ahalyashapashamanaya Namah।
जो अहल्या को शाप से मुक्त करने वाले हैं
45 पितृभक्त ॐ पितृभक्ताय नमः।
Om Pitribhaktaya Namah।
जो पिता दशरथ के परम उपासक हैं
46 वरप्रद ॐ वरप्रदाय नमः।
Om Varapradaya Namah।
जो वर प्रदान करने वाले हैं
47 जितेन्द्रिय ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
Om Jitendriyaya Namah।
जो इन्द्रियों को वश मे रखने वाले हैं
48 जितक्रोध ॐ जितक्रोधाय नमः।
Om Jitakrodhaya Namah।
जो क्रोध को जीतने वाले हैं
49 जितामित्र ॐ जितामित्राय नमः।
Om Jitamitraya Namah।
जो शत्रुओं को जीतने वाले हैं
50 जगद्गुरु ॐ जगद्गुरवे नमः।
Om Jagadgurave Namah।
जो सम्पूर्ण जगत के गुरु हैं
51 ऋक्षवानरसङ्घाती ॐ ऋक्षवानरसङ्घातिने नमः।
Om Rikshavanarasanghatine Namah।
जो वानर और भालुओं की सेना को संगठित करने वाले हैं
52 चित्रकूटसमाश्रय ॐ चित्रकूटसमाश्रयाय नमः।
Om Chitrakutasamashrayaya Namah।
जो चित्रकूट पर्वत पर निवास करने वाले हैं
53 जयन्तत्राणवरद ॐ जयन्तत्राणवरदाय नमः।
Om Jayantatranavaradaya Namah।
जो जयन्त के प्राणों की रक्षाकर उसे वर प्रदान करने वाले हैं
54 सुमित्रापुत्रसेवित ॐ सुमित्रापुत्रसेविताय नमः।
Om Sumitraputrasevitaya Namah।
जो सुमित्रानन्दन लक्ष्मण के द्वारा सेवित हैं
55 सर्वदेवादिदेव ॐ सर्वदेवादिदेवाय नमः।
Om Sarvadevadidevaya Namah।
जो समस्त देवों के देव हैं
56 मृतवानरजीवन ॐ मृतवानरजीवनाय नमः।
Om Mritavanarajivanaya Namah।
जो मृत वानरों को पुनः जीवित करने वाले हैं
57 मायामारीचहन्ता ॐ मायामारीचहन्त्रे नमः।
Om Mayamarichahantre Namah।
जो मारीच नामक राक्षस का वध करने वाले हैं
58 महादेव ॐ महादेवाय नमः।
Om Mahadevaya Namah।
जो देवों के देव हैं
59 महाभुज ॐ महाभुजाय नमः।
Om Mahabhujaya Namah।
जो बड़ी भुजाओं वाले हैं
60 सर्वदेवस्तुत ॐ सर्वदेवस्तुताय नमः।
Om Sarvadevastutaya Namah।
जो सभी देवों के पूज्य हैं
61 सौम्य ॐ सौम्याय नमः।
Om Saumyaya Namah।
जो शान्त स्वभाव वाले हैं
62 ब्रह्मण्य ॐ ब्रह्मण्याय नमः।
Om Brahmanyaya Namah।
जो वास्तविक हैं
63 मुनिसंस्तुत ॐ मुनिसंस्तुताय नमः।
Om Munisamstutaya Namah।
जो मुनियों द्वारा स्तुत्य हैं
64 महायोगी ॐ महायोगिने नमः।
Om Mahayogine Namah।
जो योगियों के योगी हैं
65 महोदार ॐ महोदाराय नमः।
Om Mahodaraya Namah।
जो अत्यन्त उदार स्वभाव वाले हैं
66 सुग्रीवेप्सितराज्यद ॐ सुग्रीवेप्सितराज्यदाय नमः।
Om Sugrivepsitarajyadaya Namah।
जो सुग्रीव को अभीष्ट राज्य प्रदान करने वाले हैं
67 सर्वपुण्याधिकफल ॐ सर्वपुण्याधिकफलाय नमः।
Om Sarvapunyadhikaphalaya Namah।
जो सभी पुण्यों के उत्कृष्ट फलस्वरूप हैं
68 स्मृतसर्वाघनाशन ॐ स्मृतसर्वाघनाशनाय नमः।
Om Smritasarvaghanashanaya Namah।
जिनके स्मरण मात्र से ही समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं
69 आदिपुरुष ॐ आदिपुरुषाय नमः।
Om Adipurushaya Namah।
जो सृष्टि के प्रथम पुरुष हैं
70 परमपुरुषाय ॐ परमपुरुषाय नमः।
Om Paramapurushaya Namah।
जो सर्वोत्कृष्ट पुरुष हैं
71 महापुरुषाय ॐ महापुरुषाय नमः।
Om Mahapurushaya Namah।
जो समस्त पुरुषों मे महान हैं
72 पुण्योदय ॐ पुण्योदयाय नमः।
Om Punyodayaya Namah।
जो पुण्य को प्रकट करने वाले हैं

श्रीराम नामावली (73–108)

क्रमांक नाम मंत्र अर्थ / भावार्थ
73 दयासार ॐ दयासाराय नमः।
Om Dayasaraya Namah।
जो दया के सारभूत परमात्मा हैं
74 पुराणपुरुषोत्तम ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः।
Om Puranapurushottamaya Namah।
जो पुराणप्रसिद्ध क्षर-अक्षर पुरुषों से श्रेष्ठ लीलापुरुषोत्तम हैं
75 स्मितवक्त्र ॐ स्मितवक्त्राय नमः।
Om Smitavaktraya Namah।
जिनके मुख पर सर्वदा मुस्कान की छटा छायी रहती है
76 मितभाषी ॐ मितभाषिणे नमः।
Om Mitabhashine Namah।
जो कम बोलने वाले हैं
77 पूर्वभाषी ॐ पूर्वभाषिणे नमः।
Om Purvabhashine Namah।
जो पूर्ववक्ता हैं
78 राघव ॐ राघवाय नमः।
Om Raghavaya Namah।
जो रघु कुल मे जन्मे हैं
79 अनन्तगुणगम्भीर ॐ अनन्तगुणगम्भीराय नमः।
Om Anantagunagambhiraya Namah।
जो अनन्त कल्याणमय गुणों से युक्त एवं गम्भीर हैं
80 धीरोदात्तगुणोत्तम ॐ धीरोदात्तगुणोत्तमाय नमः।
Om Dhirodattagunottamaya Namah।
जो साहित्य शास्त्र मे वर्णित धीरोदात्त नायक के गुण से युक्त हैं
81 मायामानुषचारित्र ॐ मायामानुषचारित्राय नमः।
Om Mayamanushacharitraya Namah।
जो मनुष्यों जैसी लीलायें करने वाले हैं
82 महादेवादिपूजित ॐ महादेवादिपूजिताय नमः।
Om Mahadevadipujitaya Namah।
जो भगवान शिव आदि द्वारा पूजित हैं
83 सेतुकृत् ॐ सेतुकृते नमः।
Om Setukrite Namah।
जो समुद्र मे सेतु बनाने वाले हैं
84 जितवारीश ॐ जितवारीशाय नमः।
Om Jitavarishaya Namah।
जो समुद्र को जीतने वाले हैं
85 सर्वतीर्थमय ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः।
Om Sarvatirthamayaya Namah।
जो सभी तीर्थों के समान हैं
86 हरि ॐ हरये नमः।
Om Haraye Namah।
जो पापों को हरने वाले हैं
87 श्यामाङ्ग ॐ श्यामाङ्गाय नमः।
Om Shyamangaya Namah।
जो श्याम विग्रह वाले हैं
88 सुन्दर ॐ सुन्दराय नमः।
Om Sundaraya Namah।
जो परम मनोर हैं
89 शूर ॐ शूराय नमः।
Om Shuraya Namah।
जो अनुपम शौर्य से सम्पन्न वीर हैं
90 पीतवासा ॐ पीतवाससे नमः।
Om Pitavasase Namah।
जो पीताम्बरधारी हैं
91 धनुर्धर ॐ धनुर्धराय नमः।
Om Dhanurdharaya Namah।
जो धनुष धारण करने वाले हैं
92 सर्वयज्ञाधिप ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः।
Om Sarvayajnadhipaya Namah।
जो समस्त यज्ञों के स्वामी हैं
93 यज्वी ॐ यज्विने नमः।
Om Yajvine Namah।
जो यज्ञकर्ता हैं
94 जरामरणवर्जित ॐ जरामरणवर्जिताय नमः।
Om Jaramaranavarjitaya Namah।
जो बुढ़ापा और मृत्यु से रहित हैं
95 शिवलिङ्गप्रतिष्ठाता ॐ शिवलिङ्गप्रतिष्ठात्रे नमः।
Om Shivalingapratishthatre Namah।
जो रामेश्वरम नामक ज्योतिर्लिंग की स्थापना करने वाले हैं
96 सर्वापगुणवर्जित ॐ सर्वापगुणवर्जिताय नमः।
Om Sarvapagunavarjitaya Namah।
जो समस्त पापराशियों से रहित हैं
97 परमात्मा ॐ परमात्मने नमः।
Om Paramatmane Namah।
जो परब्रह्म परमात्मा हैं
98 परब्रह्म ॐ परब्रह्मणे नमः।
Om Parabrahmane Namah।
जो परब्रह्म हैं
99 सच्चिदानन्दविग्रह ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः।
Om Sachchidanandavigrahaya Namah।
जो सत्, चित् और आनन्द के स्वरूप का निर्देश देने वाले हैं
100 परं ज्योतिस् ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः।
Om Parasmai Jyotishe Namah।
जो परम प्रकाशमय हैं
101 परं धाम ॐ परस्मै धाम्ने नमः।
Om Parasmai Dhamne Namah।
जो साकेतधामस्वरूप हैं
102 पराकाश ॐ पराकाशाय नमः।
Om Parakashaya Namah।
जो सर्वोच्च स्थान हैं
103 परात्पर ॐ परात्पराय नमः।
Om Paratparaya Namah।
जो मन, बुद्धि आदि इन्द्रियों से परे हैं
104 परेश ॐ परेशाय नमः।
Om Pareshaya Namah।
जो सर्वश्रेष्ठ शासक हैं
105 पारग ॐ पारगाय नमः।
Om Paragaya Namah।
जो सबको पार लगाने वाले हैं
106 पार ॐ पाराय नमः।
Om Paraya Namah।
जो सबसे परे हैं
107 सर्वदेवात्मक ॐ सर्वदेवात्मकाय नमः।
Om Sarvadevatmakaya Namah।
जो सभी देवताओं में निवास करने वाले हैं
108 परम् ॐ परस्मै नमः।
Om Parasmai Namah।
जो सर्वश्रेष्ठ

 

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