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Ekadashi November 2025 Date: क्या आज नवंबर की दूसरी एकादशी है? जान लें उत्पन्ना एकादशी की सही डेट और पावन कथा

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Nov 12, 2025 08:17 am IST,  Updated : Nov 15, 2025 07:27 am IST

Ekadashi November 2025 Date: हर महीने में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं। एक कृष्ण पक्ष में तो दूसरा शुक्ल पक्ष में। नवंबर का महीना चल रहा है और इस महीने की पहली एकादशी 2 तारीख को मनाई जा चुकी है जो देवउठनी एकादशी थी। अब सभी को नवंबर की दूसरी एकादशी का इंतजार है।

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नवंबर की दूसरी एकादशी कब है? Image Source : CANVA

November Ekadashi Ki Date 2025: नवंबर की दूसरी एकादशी उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) है जो बेहद ही खास मानी जाती है। एकादशी व्रत की शुरुआत के लिए ये तिथि सबसे शुभ मानी गयी है क्योंकि इसी दिन एकादशी माता उत्पन्न हुई थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने इस दिन स्वयं माता एकादशी को आशीर्वाद दिया था कि जो मनुष्य एकादशी व्रत को करेगा उसे पूर्वजन्म और वर्तमान दोनों जन्मों के पापों से छुटकारा मिल जाएगा। उत्पन्ना एकादशी की कथा अनुसार माता एकादशी ने इस दिन उत्पन्न होकर राक्षस मुर का वध किया था। चलिए आपको बताते हैं नवंबर की दूसरी एकादशी यानी उत्पन्ना एकादशी कब मनाई जाएगी।

आज एकादशी है क्या 2025 (Aaj Ekadashi Hai Kya 2025)

आज 12 नवंबर 2025 को कोई एकादशी नहीं है। नवंबर की दूसरी एकादशी 15 तारीख को है जो कि उत्पन्ना एकादशी होगी।

उत्पन्ना एकादशी कितने तारीख को है 2025 (Utpanna Ekadashi Date 2025)

उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। तो वहीं एकादशी व्रत का पारण समय 16 नवंबर की दोपहर 01:10 से 03:18 बजे तक रहेगा। जबकि पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय सुबह 09:09 बजे का है।

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा (Utpanna Ekadashi Vrat Katha)

उत्पन्ना एकादशी की कथा अनुसार देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु राक्षस मुर से युद्ध करने के लिए उसकी नगरी जाते हैं। दोनों के बीच कई सालों तक युद्ध चलता रहता है। युद्ध के समय भगवान विष्णु को नींद आने लगती है और वो आराम करने के लिए एक गुफा में जाकर सो जाते हैं। भगवान विष्णु को सोता देख राक्षस मुर उन पर आक्रमण करने लगता है कि लेकिन तभी भगवान विष्णु के शरीर से एक कन्या उत्पन्न होती है। फिर उस कन्या और मुर के बीच में युद्ध चलता है जिसमें मुर मारा जाता है। जब भगवान विष्णु की नींद खुलती है तो उन्हें इस घटना के बारे में पता चलता है कि किस तरह से उस कन्या ने उनकी रक्षा की है। इसपर भगवान विष्णु ने उसे वरदान देते हैं कि आज से तुम एकादशी के रूप में जानी जाओगी और जो तुम्हारी पूजा करेगा उसके सारे पाप नष्ट हो जाएंगे और उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

 

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