Adhik Maas 2026: क्या आप जानते हैं कि हर तीसरे साल में अधिकमास लगता है जिसके कारण कोई न कोई हिंदू महीना बढ़ जाता है। 2026 में भी ऐसा ही हो रहा है। दरअसल हिंदू पंचांग चंद्रमा की चाल पर आधारित है और अंग्रेजी कैलेंडर जिसे ग्रेगोरियन कैलेंडर भी कहते हैं सौर वर्ष पर आधारित होता है। बता दें चंद्र कैलेंडर और सूर्य वर्ष की अवधि एक समान नहीं होती है क्योंकि चांद का मासिक चक्र सूर्य की तुलना में थोड़ा छोटा होता है। जिस वजह से हर वर्ष लगभग 11 दिनों का अंतर बढ़ता जाता है। यही बढ़ा हुआ अंतर लगभग 32 महीनों के बाद एक पूरे महीने के बराबर हो जाता है। इसी बढ़े हुए अंतर को संतुलित करने के लिए पंचांग में हर तीसरे साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है और यही महीना अधिक मास के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में इस महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
2026 में अधिकमास कब से कब तक रहेगा?
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अधिकमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। अधिकमास ज्येष्ठ महीने के बाद लग रहा है इसलिए ये ज्येष्ठ अधिकमास कहलाएगा।
2026 में कौन सा महीना बढ़ रहा है?
नए साल में ज्येष्ठ महीना बढ़ रहा है। यानी नए साल में दो ज्येष्ठ महीने रहेंगे एक सामान्य ज्येष्ठ और दूसरा अधिकमास वाला ज्येष्ठ। अधिक मास के कारण ही ज्येष्ठ महीने की अवधि लगभग 58-59 दिनों की होगी। इस प्रकार विक्रम संवत 2083 में कुल 13 महीने होंगे।
अधिकास का महत्व क्या है?
अधिकमास को आत्मचिंतन, आध्यात्मिक विकास, जप, तप, व्रत और दान के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है। कहते हैं इस महीने में आध्यात्मिक साधना का फल कई गुना मिलता है। इसे पापों के शुद्धिकरण का अवसर कहा गया है।
अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए?
अधिकमास में शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नए वाहन या घर की खरीद या अन्य बड़े मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। कहते हैं इस महीने में इन कार्यों को करने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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