Wednesday, March 04, 2026
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Budh Stotra Path: कमजोर बुध देगा शुभ फल, सफलता-सम्मान और तेज बुद्धि के लिए बुधवार को करें 'बुध स्तोत्र' का पाठ

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse Published : Mar 04, 2026 07:20 am IST, Updated : Mar 04, 2026 07:20 am IST

Budh Stotra Path: बुधवार को गणेश जी और बुध देव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन 'बुध स्तोत्र' का पाठ कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करने का सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, व्यापारियों और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।

Budh Stotra Path- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV तेज बुद्धि के लिए बुधवार को करें 'बुध स्तोत्र' का पाठ

Budh Stotra Path: बुधवार का दिन प्रथम पूज्य गणेश और बुद्धि के कारक बुध देव को समर्पित माना जाता है। जहां गणेश जी विघ्नों को दूर करते हैं, वहीं बुध देव व्यक्ति को तेज बुद्धि, तर्क क्षमता और सही निर्णय लेने की शक्ति देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को वाणी, शिक्षा, व्यापार और बुद्धिमत्ता का कारक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से 'बुध स्तोत्र' का पाठ और गणेश जी की पूजा की जाए, तो जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि का विकास होता है। यह साधना न केवल मानसिक शक्ति बढ़ाती है, बल्कि करियर और व्यापार में भी सफलता दिलाने में सहायक मानी जाती है।

बुध स्तोत्र पाठ (Budh Stotra Path)

पीताम्बर: पीतवपु किरीटी, चतुर्भुजो देवदु:खापहर्ता।

धर्मस्य धृक सोमसुत: सदा मे, सिंहाधिरुढ़ो वरदो बुधश्च।।

प्रियंगुकनकश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम।

सौम्यं सौम्यगुणोपेतं नमामि शशिनन्दनम।।।

सोमसुनुर्बुधश्चैव सौम्य: सौम्यगुणान्वित: ।

सदा शान्त: सदा क्षेमो नमामि शशिनन्दनम।।

उत्पातरूपी जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युति:।

सूर्यप्रियकरोविद्वान पीडां हरतु मे बुधं।।

शिरीषपुष्पसंकाशं कपिलीशो युवा पुन:।

सोमपुत्रो बुधश्चैव सदा शान्तिं प्रयच्छतु।।

श्याम: शिरालश्चकलाविधिज्ञ:, कौतूहली कोमलवाग्विलासी।

रजोधिको मध्यमरूपधृक स्या-दाताम्रनेत्रो द्विजराजपुत्र:।।

अहो चन्द्रासुत श्रीमन मागधर्मासमुदभव:।

अत्रिगोत्रश्चतुर्बाहु: खड्गखेटकधारक:।।

गदाधरो नृसिंहस्थ: स्वर्णनाभसमन्वित:।

केतकीद्रुमपत्राभ: इन्द्रविष्णुप्रपूजित:।।

ज्ञेयो बुध: पण्डितश्च रोहिणेयश्च सोमज:।

कुमारो राजपुत्रश्च शैशवे शशिनन्दन:।।

गुरुपुत्रश्च तारेयो विबुधो बोधनस्तथा ।

सौम्य: सौम्यगुणोपेतो रत्नदानफलप्रद:।।

एतानि बुधनामानि प्रात: काले पठेन्नर:।

बुद्धिर्विवृद्धितां याति बुधपीडा न जायते।।

बुध स्तोत्र के प्रमुख लाभ

  • एकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। विद्यार्थियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है।
  • नौकरी और व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं तथा नए अवसर प्राप्त होते हैं।
  • बुध ग्रह मजबूत होने से बोलने की कला निखरती है और व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है।
  • गणेश जी और बुध देव की कृपा से जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम और मनचाही सफलता मिलने के योग बनते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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