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सावन में रुद्राभिषेक से पहले 'शिववास' देखना जरूरी है? जानें कब अभिषेक करने से चमकती है किस्मत!

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Aug 05, 2026 12:02 pm IST,  Updated : Aug 05, 2026 12:45 pm IST

पंडित रुद्राभिषेक करने से पहले शिववास जरूर चेक करते हैं। लेकिन ये होता क्या है और क्या सावन में भी इसे देखना जरूरी होता है। यहां हम आपको इन सभी सवालों के जवाब देंगे।

shivvas- India TV Hindi
शिववास क्यों देखा जाता है? Image Source : INDIA TV

ज्योतिष और पुराणों अनुसार, समय और तिथियों के अनुसार भगवान शिव का निवास स्थान बदलता रहता है। कभी शिव कैलाश पर होते हैं तो कभी सभा में। तो कभी मां गौरी के साथ होते हैं तो कभी भोजन या श्मशान में। रुद्राभिषेक से पहले तिथियों की गणना करके ये जरूर देखा जाता है कि उस दिन शिव कहां विराजमान रहेंगे। सावन में कई लोग रुद्राभिषेक कराते हैं तो ऐसे में आपके मन में भी ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि सावन में शिववास कहां रहेगा और क्या इस महीने भी शिववास देखना अनिवार्य होता है? यहां हम इसी बारे में आपको बताएंगे।

शिववास कहां-कहां होता है?

  • श्मशान में
  • देवी गौरी के साथ
  • कैलाश पर
  • सभा में
  • कार्य अथवा क्रीड़ा में
  • रात्रि भोजन में अथवा ध्यान में
  • नन्दी पर विराजमान

रुद्राभिषेक तब किया जाता है जब भगवान शिव इन स्थान पर हो 

  • देवी गौरी के साथ - इस समय पर रुद्राभिषेक करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
  • कैलाश पर - इस दौरान रुद्राभिषेक करने से सुख की प्राप्ति होती है।
  • नन्दी पर चढ़ते समय - इस समय पर रुद्राभिषेक करने से परिणामस्वरूप सफलता प्राप्त होती है।

शिववास अगर इन स्थानों पर है तो रुद्राभिषेक करने से बचना चाहिए

  • श्मशान में - इस समय रुद्राभिषेक करने से भयंकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • सभा में - इस समय रुद्राभिषेक करने से गहरा दुःख मिलता है।
  • काम या क्रीड़ा में - कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
  • रात्रि भोजन में या ध्यान करने में - परेशानी या पीड़ा मिलती है।

क्या सावन में भी 'शिववास' देखना जरूरी है? 

गोरखपुर के प्रसिद्ध पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार, सावन में रुद्राभिषेक कराते समय शिववास देखना अनिवार्य नहीं होता। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि सावन के पूरे महीने भगवान शिव पृथ्वीलोक पर ही निवास करते हैं और इस दौरान महादेव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं। इसलिए सावन में आप किसी भी दिन बिना संकोच के रुद्राभिषेक करवा सकते हैं। वहीं अगर किसी ज्योतिर्लिंग पर भी रुद्राभिषेक करा रहे हैं तो वहां भी शिववास नहीं देखा जाता। सावन के अलावा यदि आप साल के अन्य दिनों में रुद्राभिषेक करा रहे हैं, तो शिववास जरूर देखना चाहिए।

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