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Dhanteras 2025 Puja Vidhi, Muhurat LIVE: धनतेरस पर कैसे करें भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा, यहां जानें पूरी विधि स्टेप बाय स्टेप

 Written By: Naveen Khantwal
 Updated : Oct 19, 2025 06:10 am IST

Dhanteras Puja Vidhi, Muhurat: धनतेरस का त्योहार 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान धन्वंतरि और कुबरे देव की पूजा भी की जाती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं इस दिन की जाने वाली पूजा की विधि, मुहूर्त और कथा के बारे में।

Dhanteras 2025- India TV Hindi
धनतेरस 2025 Image Source : FREEPIK

Dhanteras Puja Vidhi, Muhurat: धनेतरस का दिन हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस दिन को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान धन्वंतरि की भी पूजा की जाती है। इसके साथ ही कुबेर देव को भी इस दिन पूजा जाता है। साल 2025 में 18 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। आइए ऐसे में जान लेते हैं इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा, पूजा की विधि क्या होगी और किन मंत्रों का जप इस दिन शुभ रहेगा। 

धनतेरस 2025 शुभ मुहूर्त (Dhanteras Shubh Muhurt)

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से शुरू होगी वहीं इसकी समाप्ति 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट पर होगी। ऐसे में प्रदोष काल की पूजा 18 अक्टूबर को ही की जाएगी और इसी दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। 

धनतेरस की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त- धनतेरस की पूजा सूर्यास्त के बाद की जाती है और इस व्रत 18 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 15 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 20 मिनट तक का समय पूजा के लिए सबसे शुभ रहेगा। 

पूजा विधि

धनतेरस के दिन आपको माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा करनी चाहिए। इन मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें। पूजा के लिए सबसे सही दिशा उत्तर-पूर्व दिशा को माना जाता है इसी दिशा में आपको पूजा करनी चाहिए। इसके बाद दीपक जलाकर माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा करें। पूजा में अक्षत, हल्दी, फूल, मिष्ठान आदि अर्पित करें। इसके बाद मंत्रों का जप करें। अंत में आरती के बाद पूजा की समाप्ति करें और प्रसाद का वितरण करें। 

धनेतरस पर करें इन मंत्रों का जप

माता लक्ष्मी के मंत्र 

  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।
  • ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी-नारायणाभ्यां नम:। 

भगवान धन्वंतरि के मंत्र 

  • ॐ श्रीमते नमः।
  • ॐ सर्वाश्चर्यमयाय नमः।
  • ॐ सर्वेश्वराय नमः।

कुबेर देव के मंत्र 

  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः।
  • ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः।

 

Dhanteras Puja Vidhi, Muhurat

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  • 8:11 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस की रात करें इस शक्तिशाली मंत्र का जप

    धनतेरस की रात्रि में आपको माता लक्ष्मी के शक्तिशाली मंत्र "श्रीं ह्रीं श्रीं" का जप करना चाहिए। धनतेरस पर इस मंत्र के जप से आपको धन-धान्य की प्राप्ति होती है। 

  • 7:35 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर मिट्टी के दीपक खरीदना होता है शुभ

    धनतेरस के दिन मिट्टी के दीपक खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इन दीपकों में दिवाली के बाती डालकर जलाने से शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है। 

  • 7:02 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    लक्ष्मी पूजन के बाद नारियल का क्या करें?

    धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन में अर्पित किए गए नारियल को आप तिजोरी या लाल कपड़े पर बांधकर रसोई में रख सकते हैं। इसके साथ ही कुछ लोग इस नारियल को पवित्र नदियों में भी प्रवाहित करते हैं। नारियल को घर में रखने या नदी में प्रवाहित करने से आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं। 

  • 6:31 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पूजा में करें भगवान धन्वंतरि के इन मंत्रों का जप

    • ॐ धन्वंतराये नमः।
    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतराय।
    • ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:। अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय।

    इन मंत्रों का जप करने से सुख, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। 

  • 6:17 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस की पूजा जरूर रखें ये चीजें

    धनतेरस की पूजा में आपको हल्दी, कुमकुम, चंदन, अक्षत, फूल, दीप, धूप, मिठाई और दक्षिणा अवश्य रखनी चाहिए। इन चीजों के बिना पूजा अधूरी रहती है। 

  • 5:48 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस की पूजा में जरूर रखें पान के पत्ते

    धनतेरस की पूजा में पान के पत्ते भी आपको अवश्य शामिल करने चाहिए। माना जाता है कि पान के पत्तों में देवी-देवता वास करते हैं। पान के पत्तों को पूजा में शामिल करने से आपको सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

  • 5:28 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    कुछ ही देर में शुरू होगा धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

    धनतेरस के दिन शाम के समय पूजा की जाती है। सूर्यास्त के बाद पूजा की शुरुआत इस दिन होती है। 18 अक्टूबर को 5 बजकर 48 मिनट पर सूर्यास्त होने वाला है, इसके बाद पूजा शुरू की जा सकती है। 

  • 4:50 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर शंख खरीद सकते हैं?

    हिंदू धर्म में शंख को बेहद पवित्र माना जाता है। धनतेरस के दिन आप शंख खरीद सकते हैं। शंख खरीदने से आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

  • 4:31 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    मां लक्ष्मी और कुबेर देव को क्या अर्पित करना चाहिए?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी और कुबेर देव को 11 पीली कौड़ियां अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको धन-धान्य की प्राप्ति होती है। 

  • 4:16 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर खरीदे गए धनिया का क्या करना चाहिए?

    धनतेरस के दिन धनिया खरीदने के बाद इसे लक्ष्मी जी को अर्पित करना चाहिए। इसके बाद धनिया के कुछ दाने लेकर इसे अपने खेत या फिर गमले में आपको बोना चाहिए। अगर धनिया से पौधा अंकुरित हो जाए तो आपके जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

  • 4:04 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर झाडू खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

    झाडू की बनावट आगे से पतली हो। 
    ऐसे झाडू खरीदें जो लंबे समय तक काम में आ सके। 
    लंबाई में छोटा झाडू खरीदने से आपको बचना चाहिए। 
    इस दिन खरीदे गए झाडू को लक्ष्मी पूजन के दौरान पूजा स्थल के पास रखें उसके बाद अगले दिन इस इस्तेमाल करें। 

  • 3:31 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    लक्ष्मी पूजन में न करें ये गलती

    दीपावली की शाम माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे- लक्ष्मी पूजन में आपको सफेद फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसी चीजों का भोग माता को नहीं लगाना चाहिए जिनमें लहसुन-प्याज हों। पूजा स्थल के पास इस दिन टूटी-फूटी चीजों को रखने से भी आपको बचना चाहिए। 

  • 3:31 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस के दिन प्रदोष काल की पूजा कितने बजे से शुरू होगी?

    प्रदोष काल सूर्यास्त के ठीक बाद से शुरू हो जाता है। 18 अक्टूबर धनतेरस के दिन सूर्यास्त शाम 5 बजकर 48 मिनट पर होगा, इसलिए प्रदोष काल की पूजा इसके बाद ही शुरू की जाएगी। धनतेरस के दिन प्रदोष काल में पूजा के साथ ही खरीदारी करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 

  • 2:54 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस की आरती (Dhanteras Ki Aarti)

    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
    • उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
    • सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • दुर्गा रूप निरंजनी, सुख-संपति दाता।
    • जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुम ही पाताल निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
    • कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • जिस घर तुम रहती हो, तांहि में हैं सद्गुण आता।
    • सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता।
    • खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
    • रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता।
    • उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
  • 2:15 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पर यम का दीपक क्यों जलाते हैं?

    कहते हैं यम देवता के निमित्त दीपक जलाने से जीवन में किसी प्रकार का भय नहीं रहता। साथ ही जो भी परेशानियां होती हैं, उनसे भी छुटकारा मिलता है।

  • 1:18 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस की पूजा में किन देवी-देवताओं की आरती जरूर करनी चाहिए?

    धनतेरस के दिन कुबेर देवता, मां लक्ष्मी, भगवान धन्मवंतरि और गणेश जी की आरती जरूर करनी चाहिए।

  • 12:27 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Dhanteras Puja Samagri List: धनतेरस पूजा सामग्री लिस्ट

    • माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर
    • लकड़ी की चौकी
    • नया बहीखाता और कलम
    • अक्षत, रोली, हल्दी, सिंदूर
    • गंगाजल, गाय का शुद्ध घी, शक्कर
    • पान का पत्ता, सुपारी, लौंग, इलायची, फल
    • पीले और लाल रंग के नए वस्त्र
    • फूल, माला
    • कुबेर यंत्र और श्री यंत्र
  • 12:04 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पर क्या करना चाहिए?

    धनतेरस पर शुभ चीजों की खरीदारी करनी चाहिए। शाम में भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी-गणेश और कुबेर जी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन 13 दिए जरूर जलाने चाहिए। साथ ही एक दीया यम के नाम का जलाना चाहिए।

  • 11:29 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त 2025

    धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू हो रहा है और आप रात तक इसकी खरीदारी कर सकते हैं।

  • 10:09 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    क्या धनतेरस पर झाड़ू खरीदना जरूरी है?

    हां, झाड़ू लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है। इसे खरीदने और बदलने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

     

  • 9:53 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस का उपाय

    आज के दिन आप एक बरगद का पत्ता लाकर उसे साफ कर लें । फिर उसे गोल-गोल घुमाते हुए मोड़कर उस पर मौली या कलावा बांधें और हल्की-सी चन्दन की खुशबू लगाएं । फिर एक लाल रंग के कपड़े में कुछ सिक्कों और 5 कौड़ियों के साथ उसे बांधकर अपने घर या ऑफिस में धन वाले स्थान पर रख दें।

  • 9:02 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस की आरती

    • ॐ जय धन्वन्तरि देवा, स्वामी जय धन्वन्तरि जी देवा।
    • जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा ॥
    • तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
    • देवासुर के संकट आकर दूर किए।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
    • आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
    • सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
    • भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
    • आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
    • तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
    • असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
    • हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
    • वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
    • धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
    • रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।
    • स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
  • 8:29 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पूजा मुहूर्त 2025

    धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:16 से 08:20 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में धनतेरस की विधि विधान पूजा करें और दिए जलाएं।

     

  • 7:51 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पर किन देवी-देवताओं की पूजा होती है?

    धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी जी, गणेश जी, कुबेर जी की पूजा का विधान है। मान्यताओं अनुसार धनतेरस पर इन देवी-देवताओं की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

  • 7:27 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    धनतेरस पर क्या करना चाहिए?

    धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा, नमक, धनिया के बीज, बताशे-खिलौने आदि चीजों की खरीदारी करनी चाहिए। इसके अलावा शाम में भगवान धन्वंतरि जी की विधि विधान पूजा करनी चाहिए।

  • 6:35 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    यम पंचक कब से कब तक रहेगा 2025 (Yam Panchak 2025 Date)

    इस साल यम पंचक की शुरुआत 18 अक्टूबर 2025 से हो रही है और इसका समापन 23 अक्टूबर 2025 को गुरुवार को होगा। यम पंचक के दौरान धनतेरस, शनि त्रयोदशी, यम दीपम, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज पर्व मनाया जाता है।

  • 11:45 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर मंदिरों में क्या दान करना चाहिए?

    धनतेरस के दिन मंदिरों में दान देने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन आप मंदिरों में छत्र, भगवान की मूर्तियां, अन्न आदि दान कर सकते हैं। 

  • 11:15 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस के दिन इस दिशा में जलाएं यम दीपक

    धनतेरस के दिन यम का दीपक जलाने का विधान है। माना जाता है कि यम का दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। यम का दीपक आपको घर की दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए। 

  • 10:53 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर कपूर का ये उपाय दूर करेगा नकारात्मकता

    धनतेरस के दिन आपको कपूर को जलाकर पूरे घर में इसका धुआं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है। 

  • 10:26 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर धन्वंतरि की पूजा क्यों होती है?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि को धन्वंतरि भगवान का अवतरण हुआ था इसलिए धनतेरस पर इनकी पूजा की जाती है। आपको बता दें कि धन्वंतरि देव आयुर्वेद और चिकित्सा के जनक माने जाते हैं। 

  • 9:37 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर इन जगहों पर जरूर जलाएं दीपक

    धनतेरस के दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा), आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा), मुख्य द्वार और रसोई घर में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। इन जगहों पर दीपक जलाने से घर में बरकत आती है। 

  • 9:12 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर करें ये उपाय, पाएंगे आर्थिक उन्नति

    धनतेरस के दिन आपको शंख और गोमती चक्र अपनी तिजोरी में रखना चाहिए। यह आसान सा उपाय करके आपको आर्थिक उन्नति मिलती है और धन प्राप्ति के नए मार्ग मिलते हैं। 

  • 8:34 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस पर माता लक्ष्मी को जरूर अर्पित करें कौड़ियां

    धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी को 11 कौड़ियां आपको अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद आप पर बना रहता है। 

  • 7:53 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस के दिन करें कुबेर देव के इस मूल मंत्र का जप, धन-धान्य की होगी प्राप्ति

    धनतेरस के पावन पर्व पर आपको कुबेर देव के मूल मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का कम से कम 108 बार अगर आप जप करते हैं तो आपके जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है। 

    कुबेर देव का मूल मंत्र- ॐ श्रीं ह्रीं ऐं कुबेरा लक्ष्मीयै कमला-धारिण्यै धन-आक्राशिन्यै स्वाहा। 

  • 7:00 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस के दिन करें माता लक्ष्मी के इस प्रिय मंत्र का जप

    ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः।

  • 6:02 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    कुबेर देव की आरती

    ऊं जय यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।

    शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥

    शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
     
    दैत्य दानव मानव से,कई-कई युद्ध लड़े॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    स्वर्ण सिंहासन बैठे,सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
     
    योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय कार करैं॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    गदा त्रिशूल हाथ में,शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
     
    दुख भय संकट मोचन,धनुष टंकार करें॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    भाँति भाँति के व्यंजन बहुत बने,स्वामी व्यंजन बहुत बने।
     
    मोहन भोग लगावैं,साथ में उड़द चने॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    बल बुद्धि विद्या दाता,हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े
     
    अपने भक्त जनों के,सारे काम संवारे॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    मुकुट मणी की शोभा,मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले।
     
    अगर कपूर की बाती,घी की जोत जले॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    यक्ष कुबेर जी की आरती,जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे।
     
    कहत प्रेमपाल स्वामी,मनवांछित फल पावे॥
     
    ऊं जै यक्ष कुबेर हरे॥
     
    ॥ इति श्री कुबेर आरती ॥

  • 5:34 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    माता लक्ष्मी को इन चीजों का भोग लगाना शुभ

    धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करते समय आपको पंचामृत, खीर, नारियल, शहद, बताशे आदि का भोग लगाना चाहिए। इन चीजों का भोग लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। 

  • 4:58 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    माता लक्ष्मी की स्तुति

    मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि।
    प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।6।।
     
    गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।
    अश्वांश गोकुलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।7।।
     
    धीर लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पराशक्ति स्वरूपिणि।
    वीर्यं देहि बलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।8।।
     
    जय लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व कार्य जयप्रदे।
    जयं देहि शुभं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।9।।
     
    भाग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सौमाङ्गल्य विवर्धिनि।
    भाग्यं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।10।।
     
    कीर्ति लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु विष्णुवक्ष स्थल स्थिते।
    कीर्तिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।11।।
     
    आरोग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व रोग निवारणि।
    आयुर्देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।12।।
     
    सिद्ध लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व सिद्धि प्रदायिनि।
    सिद्धिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।13।।
     
    सौन्दर्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वालङ्कार शोभिते।
    रूपं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।14।।
     
    साम्राज्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।
    मोक्षं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।15।।
     
    मङ्गले मङ्गलाधारे माङ्गल्ये मङ्गल प्रदे।
    मङ्गलार्थं मङ्गलेशि माङ्गल्यं देहि मे सदा।।16।।
     
    सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
    शरण्ये त्रयम्बके देवि नारायणि नमोऽस्तुते।।17।।
     
    शुभं भवतु कल्याणी आयुरारोग्य सम्पदाम्।

     
  • 4:35 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    भगवान धन्वंतरि की आरती

    जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा
    जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।जय 
     
    तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए
    देवासुर के संकट आकर दूर किए।
     
    आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया
    सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।
     
    भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी
    आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।
     
    तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे
    असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।
     
    हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा
    वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।
     
    धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे
    रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।

  • 4:05 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    धनतेरस से जुड़ी कथा

    धनतेरस से जुड़ी एक कथा के अनुसार, माता लक्ष्मी को मिले एक श्राप के चलते उन्हें 12 वर्षों तक एक किसान की सेवा करनी पड़ी थी। 12 वर्ष के बाद जब उनके जाने का समय आया तो किसान ने उन्हें रोकने की कोशिश की, क्योंकि लक्ष्मी जी के रहते हुए उसके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं हुई थी। लेकिन लक्ष्मी जी का जाना तो तय था। तब लक्ष्मी जी ने किसान से तेरस यानि त्रयोदशी की रात्रि में घी का दीपक जलाकर कलश में सिक्के भरकर उनका पूजन करने को कहा। माता लक्ष्मी ने किसान से कहा कि कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि को जो व्यक्ति मेरी पूजा करेगा, घर को साफ सुथरा करेगा, मेरे निमित्त घी का दीपक जलाएगा उसके घर में में पूरे वर्ष भर निवास करूंगी। किसान ने माता लक्ष्मी की बातों को माना और तेरस के दिन उनकी पूजा की जिससे किसान के जीवन में कभी धन-धान्य की कमी नहीं हुई। इसलिए आज भी कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर माता की पूजा करने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

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