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Ravan Dahan Time 2025 Live: रावण दहन कितने से कितने बजे तक किया जा सकता है? यहां जानिए सटीक टाइमिंग

 Written By: Naveen Khantwal
 Updated : Oct 07, 2025 06:26 am IST

Ravan Dahan Time Live: विजयदशमी या दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन माता दुर्गा और भगवान राम की पूजा की जाती है। साल 2025 में यह त्योहार अक्टूबर के दिन है। आइए जान लेते हैं इस दिन कैसे पूजा करनी है, किन मंत्रों का जप करना है और पूजा की सही विधि क्या है।

Dussehra 2025- India TV Hindi
दशहरा 2025 Image Source : PEXELS

Ravan Dahan Time Live: दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। साल 2025 में यह त्योहार 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन लोग भगवान राम की पूजा के साथ ही माता दुर्गा की पूजा भी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी और साथ ही माता दुर्गा ने महिषासुर नाम के दानव का वध किया था। हिंदू धर्म में मान्यता रखने वाले लोग इस दिन पूजा-पाठ करते हैं साथ ही मंत्रों का जप और श्री राम और माता दुर्गा की पूजा करना भी इस दिन बेहद शुभ माना जाता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि दशहरे के दिन आपको किस विधि से पुजा करनी चाहिए, किन मंत्रों का जप करना इस दिन शुभ होता है और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा। 

दशहरा 2025 शुभ पूजा मुहूर्त (Dussehra 2025 Shubh Puja Muhurt)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:53 मिनट से 05:41 मिनट तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 05:17 मिनट से 06:29 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 मिनट से 12:51 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 मिनट से 03:15 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:26 मिनट से 06:50 मिनट तक 

इन शुभ मुहूर्तों में आप दशहरे किन दिन पूजा कर सकते हैं। 

रावण दहन मुहूर्त (Ravan Dahan Time)

हर वर्ष रावण दहन प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। इस साल भी प्रदोष काल यानि सूर्योस्त के बाद ही रावण दहन किया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार 2 अक्टूबर को सूर्योस्त शाम 6 बजकर 5 मिनट पर हो जाएगा। इसके बाद रावण दहन किया जा सकता है। 

दशहरा 2025 पूजा विधि (Dussehra Puja Vidhi)

  • दशहरे के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान ध्यान के बाद आपको पूजा स्थल की भी सफाई करनी चाहिए और गंगाजल से उसे शुद्ध करना चाहिए। 
  • इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान राम का जलाभिषेक करना चाहिए और विधिवत पूजा आरंभ करनी चाहिए। 
  • पूजा में सबसे पहले धूप, दीप और अगरबत्ती आपको जलानी चाहिए।
  • इसके बाद पीले फूल भगवान राम को अर्पित करने चाहिए और साथ ही पीला चंदन भी श्रीराम को चढ़ाना चाहिए। 
  • इसके बाद भगवान राम के मंत्रों का जप श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ आपको करना चाहिए। 
  • वहीं विजयदशमी के दिन श्रीराम जी के साथ ही आप भगवान विष्णु की पूजा और उनके मंत्रों का जप भी कर सकते हैं। 
  • पूजा में आपको भोग के रूप में तुलसी के पत्ते भी अवश्य अर्पित करने चाहिए। 
  • पूजा के अंत में श्रीराम जी की आरती का पाठ करना चाहिए और घर के लोगों में प्रसाद का वितरण करना चाहिए। 

श्री राम जी की आरती (Shri Ram Ji Ki Aarti)

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

दोहा- 

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

श्री राम जी को प्रसन्न करने के मंत्र 

  • ॐ श्री रामाय नमः।
  • श्री राम जय राम जय जय राम।
  • ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः।
  • ॐ राम ॐ राम ॐ राम ह्रीं राम ह्रीं राम श्रीं राम श्रीं राम - क्लीं राम क्लीं राम। फ़ट् राम फ़ट् रामाय नमः।
  • ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम। श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।

Dussehra 2025 Puja Vidhi, Muhurat Live: दशहरा पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा, रावण दहन कब किया जाएगा? यहां पाएं संपूर्ण जानकारी

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  • 7:56 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा से जुड़ी शमी वृक्ष की कथा

    महाभारत काल में पांडवों को अज्ञातवास के दौरान अपने हथियारों को भी छुपाना पड़ा था। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान अर्जुन ने अपने धनुष को शमी वृक्ष में छुपाया था और अज्ञातवास की समाप्ति के बाद विजयादशमी के दिन उसे पुन: प्राप्त किया था। इसके बाद महाभारत के युद्ध में पांडवों ने कौरवों पर जीत हासिल की थी। तभी से शमी वृक्ष की पूजा और उसका आदान प्रदान विजयदशमी के दिन शुभ माना जाता है। 

  • 7:27 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    रावण दहन की राख लाएं घर, नजर उतारने में आएगी काम

    रावण दहन की राख लाएं घर, नजर उतारने में आएगी काम 

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रावण दहन की राख को अगर आप घर लाते हैं तो इससे घर में सकारात्मकता आती है। इसके साथ ही वास्तु के दोष भी इसे घर में रखने से दूर होते हैं। वहीं, अगर किसी को नजर लग जाए और आप रावण दहन की राख का टीका घर के उस सदस्य को लगा दें तो नजर दोष दूर हो जाता है। 

  • 7:20 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे की रात राम जी के इन मंत्रों का जप करना शुभ

    • ॐ आपदामपहर्तारम् दाताराम् सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामम् श्रीरामम् भूयो-भूयो नमाम्यहम्
    • ॐ दशरथाय विद्महे। सीता वल्लभाय धीमहि। तन्नो श्री राम प्रचोदयात
    • श्री राम जय राम जय जय राम
  • 6:52 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशमी तिथि समाप्त होने में बचे हैं बस कुछ मिनट

    दशहरा पर्व आश्विन माह की दशमी तिथि को मनाया जाता है। 2 अक्टूबर 2025 को दशमी तिथि शाम 7 बजकर 12 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

  • 6:34 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा पर ये चीजें घर लाना शुभ

    दशहरा के दिन नारियल, तिल, सुपारी, धार्मिक पुस्तकें, झाडू आदि घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। 

  • 6:19 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    रावण दहन की राख और लकड़ी क्यों लाते हैं घर?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण दहन की राख या लकड़ी को घर लाने से वास्तु से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। इसके साथ ही पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी दूर होती हैं और अपने शत्रुओं पर भी आप विजय प्राप्त करते हैं। 

  • 5:58 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा की शाम लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा?

    दशहरा की शाम में लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के बाद आप पूजन कर सकते हैं। 2 अक्टूबर को सूर्यास्त 6 बजकर 2 मिनट पर होगा वहीं दशमी तिथि भी लगभग सवा सात बजे तक समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 6 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट के बीच आप लक्ष्मी-गणेश पूजन कर सकते हैं। 

  • 5:25 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा की रात्रि श्रीयंत्र की स्थापना से मिलेगी सुख-समृद्धि

    दशहरा की रात में लक्ष्मी पूजन करना और साथ ही श्रीयंत्र की घर में स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और जीवन के सभी दुखों का अंत होता है। 

  • 5:00 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे पर इन जगहों में नहीं किया जाता रावण दहन

    भारत में कई ऐसी जगहें भी हैं जहां दशहरा के दिन रावण दहन नहीं किया जाता। इन स्थानों में प्रमुख हैं उत्तर प्रदेश का बिसरख, महाराष्ट्र का अमरावती, हिमाचल प्रदेश का बैजनाथ और आंध्र प्रदेश का काकिनाडा।

  • 4:29 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा और दिवाली क्या एक ही हिंदू महीने में आते हैं?

    दशहरा और दीपावली दोनों का संबंध भगवान राम से है लेकिन ये एक ही हिंदू महीने में नहीं मनाए जाते। दशहरा जहां आश्विन माह में मनाया जाता है वहीं दीपावली का पर्व कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है।

  • 3:51 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा के दिन शमी पूजन का महत्व

    दशहरा के दिन शमी के पेड़ का पूजन बेहद शुभ माना जाता है। शमी के पेड़ की पूजा सूर्यास्त के बाद की जाती है और माना जाता है कि ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही शमी का पूजन करने से शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभावों से भी मुक्ति मिलती है।

  • 2:59 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा के दिन सोना खरीद सकते हैं?

    दशहरे का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन सोने या फिर चांदी के आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन सोना चांदी खरीदने से आपके जीवन में समृद्धि आती है। 

  • 2:40 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    लक्ष्मी-गणेश की पूजा से जुड़ा आसान उपाय

    दशहरा की शाम माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में आपको नारियल अर्पित करना चाहिए। पूजा की समाप्ति के बाद इस नारियल को धन रखने के स्थान में रखने से आपको आर्थिक लाभ और संपन्नता प्राप्त होती है। 

  • 2:17 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    वास्तु दोष को दूर करने के लिए दशहरे के दिन पीपल का पत्ते लाएं घर

    पीपल को पवित्र वृक्ष माना जाता है। दशहरे के दिन पीपल के कुछ पत्ते लाकर अगर आप घर में रखें तो इससे घर का वास्तु दोष दूर होती है। इसके साथ ही आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

  • 1:51 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा के दिन झाडू क्यों खरीदना चाहिए?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाडू का संबंध माता लक्ष्मी से है ऐसे में दशहरा के दिन झाडू खरीदने से आपको माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आपकी आर्थिक स्थिति सुधरती है और करियर क्षेत्र में भी आप ऊंचाइयां छूते हैं। 

  • 1:18 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    रावण दहन के बाद राख को घर लाने के लाभ

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर रावण दहन की राख या लकड़ी को आप घर लाते हैं तो घर में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है। इसके साथ ही आर्थिक उन्नति के लिए भी यह उपाय शुभ माना जाता है। 

  • 12:44 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशमी तिथि कब खत्म होगी?

    पंचांग के अनुसार दशमी तिथि रात्रि 7 बजकर 12 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। हालांकि इसके बाद भी रावण दहन या दशहरा का पूजन किया जा सकता है, क्योंकि उदयातिथि के अनुसार 2 अक्टूबर को दशमी तिथि ही रहेगी। 

  • 12:29 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा की रात में करें ये काम, राहु के बुरे प्रभाव होंगे दूर

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशहरा पर्व की रात्रि में अगर आप घर के मुख्य द्वार के पास चौमुखी दीपक जलाते हैं तो इससे राहु का बुरा असर घर से दूर होता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। 

  • 11:42 AM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा पर रावण दहन किस समय किया जाता है?

    दशहरा के दिन रावण दहन प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद किया जाता है। साल 2025 में सूर्यास्त शाम 6 बजकर 6 मिनट पर होगा इसलिए रावण दहन भी इसके बाद ही किया जाएगा। रावण दहन के लिए सूर्यास्त से लेकर रात्रि 8 बजकर 30 मिनट तक का समय अनुकूल है। 

  • 11:00 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा पूजा विधि क्या है

    • पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
    • देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत (चावल), पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।
    • हवन या आरती करें और “रामचरितमानस” या “दुर्गा सप्तशती” का पाठ करें।
    • पूजा के बाद प्रसाद बांटें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
    • शाम के समय रावण दहन देखने से पहले श्रीराम का स्मरण करें।

     

  • 10:32 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा पर शमी पूजा मंत्र

    शमी शमी महाशक्ति सर्वदुःख विनाशिनी।
    अर्जुनस्य प्रियं वृक्षं शमी वृक्षं नमाम्यहम्॥

     

  • 10:16 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा पूजा समय 2025 शहर अनुसार (Dussehra Puja Samay 2025 City Wise)

    • नई दिल्ली 02:09 पी एम से 02:56 पी एम 01:21 पी एम से 03:44 पी एम
    • कोलकाता 01:25 पी एम से 02:12 पी एम 12:37 पी एम से 03:00 पी एम
    • जयपुर 02:15 पी एम से 03:02 पी एम 01:27 पी एम से 03:50 पी एम
    • पटना 01:37 पी एम से 02:25 पी एम 12:50 पी एम से 03:12 पी एम
    • लखनऊ 01:54 पी एम से 02:42 पी एम 01:07 पी एम से 03:29 पी एम
    • देहरादून 02:05 पी एम से 02:53 पी एम 01:18 पी एम से 03:40 पी एम
    • चंडीगढ़ 02:10 पी एम से 02:58 पी एम 01:23 पी एम से 03:45 पी एम
    • मुंबई 02:27 पी एम से 03:15 पी एम 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
    • रांची 01:37 पी एम से 02:25 पी एम 12:49 पी एम से 03:12 पी एम
  • 9:47 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    विजयदशमी के दिन अपराजिता की पूजा करने का है विधान

    अपराजिता की पूजा से सालभर तक कार्यों में जीत हासिल होती है और किसी भी काम में रूकावट नहीं आती । आज दोपहर बाद घर के ईशान कोण, यानि उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छे से साफ करके, उसे गोबर से लीपकर, उसके ऊपर चंदन से आठ पत्तियों वाला कमल का फूल बनाना चाहिए और संकल्प करना चाहिए- “मम सकुटुम्बस्य क्षेम सिद्धयर्थे अपराजिता पूजनं करिष्ये” अगर आप ये मंत्र न पढ़ पायें, तो आपको इस प्रकार कहना चाहिए कि हे देवी ! मैं अपने परिवार के साथ अपने कार्य को सिद्ध करने के लिये और विजय पाने के लिये आपकी पूजा कर रहा हूं । इस प्रकार कहकर उस कमल की आकृति के बीच में अपराजिता का पौधा रखना चाहिए । 

  • 8:55 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा पूजा मंत्र

    देवी अपराजिता पूजन मन्त्र -

    इमां पूजां मयां देवि यथाशक्ति निवेदिताम्।
    रक्षार्थं तु समादाय व्रजस्व स्थानमुत्तमम्॥

    भावार्थ - हे देवी! मेरी विजय हेतु की गयी इस यथाशक्ति पूजन को स्वीकार कर, निजस्थान की ओर प्रस्थान करें।

    हारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला।
    अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥

    भावार्थ - हे अपराजिता देवी! गले में विचित्र हार तथा कमर पर भव्य स्वर्ण करधनी अर्थात मेखला धारण करने वाली देवी, मुझे विजयी करें।

  • 8:30 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा पर अर्जुन और शमी वृक्ष की कथा

    महाभारत काल में पांडवों को अज्ञातवास के दौरान अपने हथियार छिपाने पड़े थे। अर्जुन ने अपने धनुष को शमी वृक्ष में छुपाया था और अज्ञातवास की समाप्ति के बाद विजयादशमी के दिन उसे पुन: निकाला। इसके बाद उन्होंने कौरवों पर विजय प्राप्त की। तभी से शमी वृक्ष की पूजा और उसका आदान प्रदान विजयदशमी के दिन शुभ माना जाता है।

  • 8:14 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा के दिन दक्षिण भारत में होती है आयुध पूजा

    दक्षिण भारत में इस दिन आयुध पूजा और कई स्थानों पर सरस्वती पूजा की परंपरा है। इस प्रकार यह पर्व पूरे देश को एक सूत्र में पिरोकर हमारी संस्कृति की विविधता और एकता को दर्शाता है।

     

  • 7:52 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    रावण दहन मुहूर्त 2025 (Ravan Dahan Time 2025)

    रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर 8 बजे तक रहेगा। रावण दहन प्रदोष काल में किए जाने की परंपरा है।

  • 6:53 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा की कथा

    भगवान श्री राम ने अपनी पत्नी सीता को रावण की कैद से छुड़ाने के लिए लंका पर चढ़ाई की। नौ दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद दशमी तिथि को श्री राम ने रावण का वध किया और अधर्म पर धर्म की विजय हुई। यही कारण है कि इस दिन उत्तर भारत में रावण दहन किया जाता है और रामलीला का समापन होता है।

     

  • 6:22 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा 2025 का महत्व

    विजयादशमी का पर्व सनातन धर्म में विशेष स्थान रखता है क्योंकि यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री राम ने राक्षस रावण का वध कर दुनिया को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था।

  • 6:06 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    दशहरा 2025 पर शुभ योग

    दशहरा 2025 गुरुवार 02 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन सुकर्मा योग बन रहा है, यह योग 02 अक्टूबर 2025 की सुबह से शुरू होकर रात 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

  • 11:56 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    दशहरे की रात यहां जरूर जलाएं दीपक

    दशहरा के दिन शमी वृक्ष के नीचे भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। शमी के पेड़ को विजय, सौभाग्य और धन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी। अगर घर में शमी का पौधा नहीं है, तो आप किसी मंदिर में शमी वृक्ष के नीचे दीपक जला सकते हैं।

     

  • 11:46 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    मंत्र जाप

    मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जप करते रहे। आप देवी दुर्गा के 108 नामों का भी जप कर सकते हैं।
    इन मंत्रों का करें जप
    “ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः” 
     “सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते”

     

  • 11:06 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    रावण दहन का मुहूर्त

    रावण दहन का मुहूर्त दशहरा के दिन रावण दहन हमेशा प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा।

  • 10:48 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    दशहरे पर भेंजे ये शुभकामना संदेश

    मन से रावण जैसी बुराई का नाश हो और मन में प्रभु श्री राम का वास हो। 
    दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

     

  • 10:18 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    दशहरे के दिन क्या खरीदना शुभ होता है

    इस दिन घर में पूजा वाली सुपारी लाकर तिजोरी या धन वाले स्थान पर रखने से धन में वृद्धि होती है। साथ ही अगर आपके घर में श्री रामायण जी ग्रंथ नहीं है, तो इस दिन खरीदकर लाना शुभ माना जाता है। 

     

  • 9:43 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे के दिन सरसों के तेल और तिल का दान क्यों करते हैं?

    दशहरा पर्व पर किए जाने वाले कई उपायों में से एक सरसों के तेल और तिल का दान भी है। इस दिन इन दोनों चीजों का दान करने से शनि के बुरे प्रभावों से आपको मुक्ति मिलती है। आपके जीवन में आ रही कई बाधाएं दूर होती हैं। 

  • 9:14 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे के दिन सुहागिन स्त्रियों को दें ये दान, मां दुर्गा की मिलेगी कृपा

    दशहरा पर्व के दिन सुहागिन महिलाओं को अगर आप बिंदी, काजल, चूड़ी, मेहंदी और साड़ी आदि दान में देते हैं तो माता दुर्गा का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। ऐसा करने से आपके पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

  • 8:52 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा पर्व में करें श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ, पूरी होंगी मनोकामनाएं

    श्रीराम रक्षा स्तोत्र

    चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्।।
    ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्। जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितं।।
    सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरान्तकम्। स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम्।।

    रामरक्षां पठेत प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम्। शिरो मे राघवः पातु भालं दशरथात्मजः।।
    कौसल्येयो दृशो पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुति। घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः।।
    जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरतवन्दितः। स्कन्धौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः।।

    करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित। मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रयः।।
    सुग्रीवेशः कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः। उरु रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृताः।।
    जानुनी सेतुकृत पातु जंघे दशमुखांतकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामअखिलं वपुः।।

    एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृति पठेत। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्।।
    पातालभूतल व्योम चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः।।
    रामेति रामभद्रेति रामचंद्रेति वा स्मरन। नरौ न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति।।

    जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः।।
    वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत। अव्याहताज्ञाः सर्वत्र लभते जयमंगलम्।।
    आदिष्टवान् यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः। तथा लिखितवान् प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः।।

    आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम्। अभिरामस्त्रिलोकानां रामः श्रीमान स नः प्रभुः।।
    तरुणौ रूपसम्पन्नौ सुकुमारौ महाबलौ। पुण्डरीकविशालाक्षौ चीरकृष्णाजिनाम्बरौ।।
    फलमूलाशिनौ दान्तौ तापसौ ब्रह्मचारिणौ। पुत्रौ दशरथस्यैतौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ।।

    शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम्। रक्षःकुलनिहन्तारौ त्रायेतां नो रघूत्तमौ।।
    आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशा वक्ष याशुगनिषङ्गसङ्गिनौ। रक्षणाय मम रामलक्ष्मणावग्रतः पथि सदैव गच्छताम।।
    सन्नद्धः कवची खड्गी चापबाणधरो युवा। गच्छन् मनोरथान नश्च रामः पातु सलक्ष्मणः।।

    रामो दाशरथी शूरो लक्ष्मणानुचरो बली। काकुत्स्थः पुरुषः पूर्णः कौसल्येयो रघूत्तमः।।
    वेदान्तवेद्यो यज्ञेशः पुराणपुरुषोत्तमः। जानकीवल्लभः श्रीमानप्रमेयपराक्रमः।।
    इत्येतानि जपन नित्यं मद्भक्तः श्रद्धयान्वितः। अश्वमेधाधिकं पुण्यं सम्प्राप्नोति न संशयः।।

    रामं दुर्वादलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम। स्तुवन्ति नामभिर्दिव्यैर्न ते संसारिणो नरः।।
    रामं लक्ष्मणपूर्वजं रघुवरं सीतापतिं सुन्दरं काकुत्स्थं करुणार्णवं गुणनिधिं विप्रप्रियं धार्मिकम।।
    राजेन्द्रं सत्यसंधं दशरथतनयं श्यामलं शांतमूर्तिं वन्दे लोकाभिरामं रघुकुलतिलकं राघवं रावणारिम।।

    रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे। रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः।।
    श्रीराम राम रघुनन्दन राम राम। श्रीराम राम रणकर्कश राम राम। श्रीराम राम शरणं भव राम राम।।
    श्रीराम चन्द्रचरणौ मनसा स्मरामि श्रीराम चंद्रचरणौ वचसा गृणामि। श्रीराम चन्द्रचरणौ शिरसा नमामि श्रीराम चन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये।।

    माता रामो मत्पिता रामचन्द्रः स्वामी रामो मत्सखा रामचन्द्रः । सर्वस्वं मे रामचन्द्रो दयालुर्नान्यं जाने नैव जाने न जाने।।
    दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे च जनकात्मज। पुरतो मारुतिर्यस्य तं वन्दे रघुनन्दनम्।।
    लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथं। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये।।

    मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीराम दूतं शरणं प्रपद्ये।।
    कूजन्तं रामरामेति मधुरं मधुराक्षरम। आरुह्य कविताशाखां वन्दे वाल्मीकिकोकिलम।।
    आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।।

    भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्। तर्जनं यमदूतानां रामरामेति गर्जनम्।।
    रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः।।
    रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोस्म्यहं रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धराः।।
    राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।

  • 8:35 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा के दिन इन चीजों का दान करना बेहद शुभ

    दशहरा या विजयदशमी के दिन अन्न और वस्त्र का दान बेहद शुभ माना जाता है। 
    इस दिन मिठाई का दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 
    दशहरा के दिन झाडू का दान करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। 
    तिल और सरसों के तेल का दान करने से नकारात्मकता दूर होती है। 

  • 8:02 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा अबूझ मुहूर्त

    दशहरा या विजयदशमी को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। दरअसल इस दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इस दिन प्रॉपर्टी की खरीदारी, व्यापार की शुरुआत करने से शुभ फल आपको मिल सकते हैं। 

  • 7:31 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे के दिन इस समय किया जाएगा सरस्वती विसर्जन

    विजयदशमी के पावन पर्व के दिन सरस्वती विसर्जन भी किया जाता है। 4 दिवसीय सरस्वती पूजन का समापन भी इसी दिन होता है। सरस्वती विसर्जन श्रवण नक्षत्र के दौरान किया जाना शुभ माना जाता है। 

    • श्रवण नक्षत्र में सरस्वती विसर्जन का शुभ मुहूर्त- सुबह 9 बजकर 13 मिनट से दोपहर 3 बजकर 19 मिनट तक
  • 6:59 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहते हैं?

    भगवान राम ने अपने जीवन भर धर्म और नैतिकता का पालन किया। सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने अपने हर कार्य को पूर्ण किया। मर्यादा और नियमों का पालन करने वाले प्रभु श्री राम को इसीलिए मर्यादा पुरुषोत्तम कहते हैं। 

  • 6:53 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    रावण दहन के बाद करें ये उपाय

    मान्यता है कि रावण जलने के बाद उसमें से बची थोड़ी लकड़ी या राख को घर में लाकर रखना चाहिए। इसे ऐसे स्थान पर रखें, जहां किसी की उस पर नजर न पड़ पाए। इस उपाय को करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 

  • 6:49 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    दशहरे पर श्री राम का इन मंत्रों से करें जाप

    मंत्र- श्री रामचन्द्राय नमः
    श्री राम जय राम जय जय राम
    ॐ रामाय नमः

  • 6:02 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    विजयदशमी पर करें श्री राम जी के इन मंत्रों का जप

    ॐ श्रीरामाय नमः।
    ॐ रामभद्राय नमः।
    ॐ रामचन्द्राय नमः।
    ॐ शाश्वताय नमः।
    ॐ राजीवलोचनाय नमः।
    ॐ श्रीमते नमः।
    ॐ राजेन्द्राय नमः।
    ॐ रघुपुङ्गवाय नमः।
    ॐ जानकीवल्लभाय नमः।
    ॐ जैत्राय नमः।
    ॐ जितामित्राय नमः।

  • 5:36 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    अपराजिता देवी की आराधना

    दशहरे के दिन अपराजिता देवी की पूजा का भी विधान है अपराजिता देवी को मां दुर्गा का ही रूप माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन महिषासुर का वध कर मां कात्यायनी विजयी हुई थीं। इसलिए विजय की कामना के लिए देवी अपराजिता का पूजन किया जाता है। 

  • 4:58 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    रावण दहन का समय

    2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को शाम में प्रदोष काल के समय 6 बजकर 6 मिनट से लेकर 7 बजकर 19 मिनट तक रावण दहन किया जाएगा। वहीं, कुछ विशेष परिस्थिति में 7 बजकर 45 मिनट तक भी रावण दहन किया जा सकता है।

  • 4:39 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    रावण के साथ क्यों जलते हैं मेघनाथ और कुंभकर्ण

    दशहरा में दशानन के पुतले के साथ मेघनाथ और कुम्भकर्ण का पुतला जलाया जाता है। यह परंपरा यह संदेश देती है कि विनाश केवल बुरे विचारों का ही नहीं होता है, बल्कि बुरी संगति और अधर्म का साथ देने वालों का भी अंत बुरा ही होता है।

  • 4:17 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे पर बनेंगे ये शुभ संयोग

    दशहरा 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन सुकर्मा, धृति और रवि नामक शुभ संयोग भी बनेंगे। इन शुभ संयोगों में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। 

  • 3:54 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरा पर भद्रा का साया है क्या?

    दशहरा 2 अक्टूबर 2025 को है। इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसलिए पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त इस दिन रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही विजय मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में भी भक्त इस दिन पूजा कर सकते हैं। 

  • 2:50 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे के दिन का प्रसाद क्या है?

    दशहरे के दिन प्रसाद के रूप में काले चने, पूड़ियां, सूजी या हलवा दिया जाता है। इन चीजों का भोग लगाने के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में वितरित करने से शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है। 

  • 2:27 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    दशहरे के दिन शस्त्र पूजा का मुहूर्त (Shastra Pujan Muhurt)

    शस्त्र पूजन के लिए 2 अक्तूबर को शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से शुरू होगा वहीं दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक शस्त्र पूजन के लिए समय शुभ माना जाएगा।  

  • 2:17 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    इन कार्यों के लिए बेहद शुभ है दशहरे का दिन

    दशहरे के दिन को नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन किया गया शुभ कार्य सफलतादायक सिद्धि होता है। 
    इस दिन आप अपने कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं। 
    बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाने के लिए भी यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। 
    इस दिन योग-ध्यान और प्राणायाम करने से आपका आध्यात्मिक विकास होता है। 
    इसके साथ ही दशहरे के दिन दान-पुण्य करने से आपको ईश्वर और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

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