1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा पर इन मंत्रों के जप से चमकेगी किस्मत, सभी मनोकामनाएं भी होंगी पूरी

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा पर इन मंत्रों के जप से चमकेगी किस्मत, सभी मनोकामनाएं भी होंगी पूरी

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 02, 2025 12:05 pm IST,  Updated : Jun 02, 2025 12:05 pm IST

Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पूजा पाठ के साथ ही कुछ विशेष मंत्रों का जप भी आपको अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों के जप से आत्मकि शक्ति तो आपको प्राप्त होती ही है साथ ही आपकी मनोकमानाएं भी पूरी होती हैं।

Ganga Dussehra- India TV Hindi
गंगा दशहरा 2025 Image Source : INDIA TV

Ganga Dussehra 2025: हर वर्ष ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा का पावन त्योहार मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव की जटाओं से मां गंगा धरती पर उतरी थीं। इसीलिए हर वर्ष इसी दिन गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्त मां गंगा की पूजा आराधना करते हैं, साथ ही कई अन्य उपाय भी इस दिन किए जाते हैं। गंगा दशहरा के दिन मंत्रों का जप करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। इस दिन किए जाने वाले कुछ चमत्कारी मंत्रों के बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में जानकारी देंगे। 

गंगा दशहरा 

साल 2025 में गंगा दशहरा 5 जून को है। इस दिन रवि, सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योग भी रहेंगे। इन शुभ योगों के दौरान मंत्रों का जप करने से कई शुभ फल आपको प्राप्त हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में। 

माता गंगा को इन मंत्रों से करें प्रसन्न 

- 'गंगां वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतं। त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु मां।'

इस मंत्र का जप मन की शुद्धि के लिए करें। इस मंत्र का जप करके आप माता गंगा से प्रार्थना करते हैं कि वो आपके तन और मन पर छाई अज्ञान की चादर को हटाएं। सुबह के समय आपको 108 बार इस मंत्र का जप कर सकते हैं। 

-'गंगा गंगेति यो ब्रूयात, योजनानां शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेभ्यो, विष्णुलोकं स गच्छति।'

इस मंत्र का अर्थ है कि जो कोई भी भक्त माता गंगा का नाम सैकड़ों योजन दूर से भी लेता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अंत समय में उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। इस मंत्र का जप करने से आप भी लाभ पा सकते हैं। यह मंत्र आपको पारिवारिक खुशियां प्रदान करने वाला माना जाता है। 

-'नमामि गंगे तव पाद पंकजं, सुर असुरै: वन्दित दिव्य रूपम्। भुक्तिम् च मुक्तिम् च ददासि नित्यम्, भाव अनुसारेण सदा नराणाम्।' 

इस मंत्र का जप यदि आप करते हैं तो आपको सभी दुख दूर होते हैं और साथ ही जीवन के हर क्षेत्र में आपको सफलता मिलती है। इस मंत्र का अर्थ है- मैं माता गंगा को प्रणाम करता हूं उनके चरणों की वंदना करता हूं। माता का रूप असुर और देवताओं दोनों के द्वारा वंदित है। आप सांसारिक सुख और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं। आप इस मंत्र का कम से कम 11 बार जप गंगा दशहरा के दिन करें तो शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 

इन सरल मंत्रों का भी कर सकते हैं जप

अगर आपके पास समय की कमी है या बड़ें मंत्रों के उच्चारण में आप समर्थ नहीं हैं तो गंगा दशहरा पर सरल और छोटे मंत्रों का जप भी आप कर सकते हैं। 

  • ॐ गंगायै नमः 
  • ॐ त्रिवेण्यै नमः
  • ॐ भूदायै नमः
  • ॐ भीष्ममात्रे नमः 
  • ॐ शुभायै नमः
  • ॐ भाग्यदायिन्यै नमः
  • ॐ भागीरत्यै नमः 

माता गंगा के मंत्रों के साथ ही गंगा दशहरा के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जप करने से भी आपको लाभ होता है। आप महामृत्युंजय मंत्र और शिव चालीसा का पाठ भी इस दिन कर सकते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इस दिन मंत्रों का जप करने से आपको आध्यात्मिक ऊर्जा की भी प्राप्ति होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।