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सालों से जप रहे हैं गायत्री मंत्र, लेकिन क्या आप जानते हैं 'ॐ भूर्भुवः स्वः' मंत्र का हिंदी अर्थ

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 25, 2026 07:07 am IST,  Updated : Jun 25, 2026 07:37 am IST

'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥' ये सनातन धर्म का एक ऐसा पवित्र मंत्र है जिसे बच्चा बचपन में ही सीख लेता है। या यूं कहें कि बच्चे को सबसे पहले यही मंत्र सिखाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इस मंत्र का अर्थ क्या होता है?

gayatri mantra meaning- India TV Hindi
गायत्री मंत्र का अर्थ Image Source : INDIA TV

गायत्री मंत्र को महामंत्र और वेदों का सार कहा गया है। माता-पिता बचपन में ही अपने बच्चों को ये शक्तिशाली मंत्र याद करा देते हैं। कहते हैं इस मंत्र के जाप से बल, बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। साथ ही मानसिक तनाव भी कम होता है। इतना ही नहीं ये मंत्र स्मरण शक्ति को भी बढ़ाता है। इस मंत्र में 24 अक्षर होते हैं जो चौबीस शक्तियों-सिद्धियों के प्रतीक माने जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस मंत्र का अर्थ क्या होता है।

गायत्री मंत्र का अर्थ (Gayatri Mantra Meaning)

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।।

मंत्र का अर्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें।

गायत्री मंत्र का शब्द-दर-शब्द अर्थ

  • ॐ - परमात्मा और प्रणव ध्वनि जो पूरे ब्रह्मांड में गूंज रही है
  • भू - प्राण प्रदाता
  • भुवः - दुखों का नाश करने वाले
  • स्वः - सुख प्रदान करने वाले
  • तत् - उस यानी परमात्मा को
  • सवितु - प्रकाशवान 
  • वरेण्यं - श्रेष्ठ, पूजनीय
  • भर्गो - पापों का नाश करने वाले
  • देवस्य - दिव्य
  • धीमहि - हम ध्यान करें
  • धियो - बुद्धि को।
  • यो - जो (परमात्मा)
  • नः - हमारी।
  • प्रचोदयात् - सन्मार्ग पर प्रेरित करे 

गायत्री मंत्र जाप के लाभ

  • धार्मिक मान्यताओं अनुसार गायत्री मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से आसपास नकारात्मक शक्तियां बिल्कुल भी नहीं आती हैं।
  • इसके जाप से व्यक्ति का तेज बढ़ता है और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती हैं।
  • ये मंत्र स्मरण शक्ति बढ़ाता है।
  • ऋषियों ने इस मन्त्र को सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण करने वाला मंत्र बताया है।
  • कहते हैं जब हम गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हैं, तो हमारी 24 ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं। 

मंत्र जाप का सही तरीका

वैसे तो गायत्री मंत्र का जाप आप मानसिक रूप से कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं, लेकिन अगर इसका पूर्ण लाभ पाना चाहते हैं तो इसका प्रातःकाल जाप करें। इसके लिए आपको सूर्योदय से थोड़ी देर पहले जाप शुरू करना चाहिए और सूर्योदय के बाद तक जाप करते रहना चाहिए। इसके अलावा शाम का समय भी गायत्री मंत्र के जाप के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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