गायत्री मंत्र को महामंत्र और वेदों का सार कहा गया है। माता-पिता बचपन में ही अपने बच्चों को ये शक्तिशाली मंत्र याद करा देते हैं। कहते हैं इस मंत्र के जाप से बल, बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। साथ ही मानसिक तनाव भी कम होता है। इतना ही नहीं ये मंत्र स्मरण शक्ति को भी बढ़ाता है। इस मंत्र में 24 अक्षर होते हैं जो चौबीस शक्तियों-सिद्धियों के प्रतीक माने जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस मंत्र का अर्थ क्या होता है।
गायत्री मंत्र का अर्थ (Gayatri Mantra Meaning)
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।।
मंत्र का अर्थ: उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करें।
गायत्री मंत्र का शब्द-दर-शब्द अर्थ
- ॐ - परमात्मा और प्रणव ध्वनि जो पूरे ब्रह्मांड में गूंज रही है
- भू - प्राण प्रदाता
- भुवः - दुखों का नाश करने वाले
- स्वः - सुख प्रदान करने वाले
- तत् - उस यानी परमात्मा को
- सवितु - प्रकाशवान
- वरेण्यं - श्रेष्ठ, पूजनीय
- भर्गो - पापों का नाश करने वाले
- देवस्य - दिव्य
- धीमहि - हम ध्यान करें
- धियो - बुद्धि को।
- यो - जो (परमात्मा)
- नः - हमारी।
- प्रचोदयात् - सन्मार्ग पर प्रेरित करे
गायत्री मंत्र जाप के लाभ
- धार्मिक मान्यताओं अनुसार गायत्री मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से आसपास नकारात्मक शक्तियां बिल्कुल भी नहीं आती हैं।
- इसके जाप से व्यक्ति का तेज बढ़ता है और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती हैं।
- ये मंत्र स्मरण शक्ति बढ़ाता है।
- ऋषियों ने इस मन्त्र को सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण करने वाला मंत्र बताया है।
- कहते हैं जब हम गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हैं, तो हमारी 24 ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं।
मंत्र जाप का सही तरीका
वैसे तो गायत्री मंत्र का जाप आप मानसिक रूप से कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं, लेकिन अगर इसका पूर्ण लाभ पाना चाहते हैं तो इसका प्रातःकाल जाप करें। इसके लिए आपको सूर्योदय से थोड़ी देर पहले जाप शुरू करना चाहिए और सूर्योदय के बाद तक जाप करते रहना चाहिए। इसके अलावा शाम का समय भी गायत्री मंत्र के जाप के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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