गुरु और चंद्रमा 2 अगस्त से षडाष्टक योग में हैं। चंद्रमा 2 अगस्त की सुबह तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में गए थे। वहीं वर्तमान में गुरु ग्रह मिथुन राशि में हैं। ऐसे में गुरु ग्रह चंद्रमा से अष्टम भाव में हैं और चंद्र ग्रह गुरु से षष्ठम भाव में है। इस स्थिति के चलते यह दोनों ग्रह षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। इस योग के बनने से व्यक्ति को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह योग अगस्त के पहले हफ्ते में किन राशियों को परेशान कर सकता है और कौन से उपाय इनको लाभ दिला सकते हैं। आइए जानते हैं।
मेष राशि
षडाष्टक योगे के बनने से इस राशि के लोगों को पारिवारिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं। आपको छोटे भाई-बहनों के साथ अपने संबंधों को लेकर सतर्क रहना होगा। बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। इस दौरान यात्राओं में आपको अपने कीमती सामान की सुरक्षा करनी होगी। विद्यार्थी बेवजह के कामों में अपने समय बर्बाद कर सकते हैं जिससे पढ़ाई के क्षेत्र में दिक्कतें आएंगी। न चाहते हुए भी संचित धन खर्च करना पड़ सकता है। इस दौरान अगर आप भगवान शिव की पूजा करते हैं तो कई बुरी स्थितियों से बच सकते हैं।
कर्क राशि
कार्यक्षेत्र में परिस्थियां आपके विपरीत हो सकती हैं। आपकी बातों का गलत मतलब सहकर्मियों के द्वारा निकाला जा सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि बोलने से ज्यादा सुनें और अपनी बातों को कम शब्दों में समाप्त करें। धन से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले सलाह मशवरा अवश्य कर लें। गलत संगति में पड़कर समय और पैसे की बर्बादी हो सकती है, ऐसा करने से बचें। मन को एकाग्र रखने के लिए आपको योग ध्यान करना चाहिए और साथ ही शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भी आपको फायदा मिल सकता है।
धनु राशि
इस राशि के नौकरी पेशा लोग कार्यक्षेत्र के माहौल से परेशान हो सकते हैं। आपके विरोधी कार्यक्षेत्र में आपका काम बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, इसलिए सतर्कता बरतें। वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ावों का सामना आपको करना पड़ सकता है। जीवनसाथी की बातों को टालने से आपको इस दौरान बचना चाहिए। किसी प्रतियोगी परीक्षा में असफलता की सूचना इस राशि वालों को व्यथित कर सकती है। करीबी दोस्तों के साथ नोकझोंक के कारण भी आप तनाव में आ सकते हैं। उपाय के तौर पर आपको विष्णु भगवान की पूजा करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
Sawan Purnima: कब है सावन पूर्णिमा? इस दिन क्या करना चाहिए दान
जब भगवान शिव नशा कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं? जानिए भक्त के इस सवाल पर क्या बोले प्रेमानंद महाराज?