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48 घंटों के लिए बंद रहेगा खाटू श्याम बाबा का मंदिर, भक्त नहीं कर पाएंगे दर्शन, ये है बड़ी वजह

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Sep 01, 2025 01:04 pm IST,  Updated : Sep 01, 2025 01:09 pm IST

राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर से बड़ी खबर आ रही है। ये मंदिर पूरे 48 घंटों के लिए बंद रहेगा जिस वजह से भक्तजन बाबा के दर्शन नहीं कर सकेंगे। जानिए ये मंदिर कब और क्यों बंद रहेगा।

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48 घंटों के लिए बंद रहेगा खाटू श्याम बाबा का मंदिर, भक्त नहीं कर पाएंगे दर्शन, ये है बड़ी वजह Image Source : CANVA

यदि आप सितंबर में खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। बता दें 6 सितंबर 2025 की रात 10 बजे से लेकर 8 सितंबर 2025 की शाम 5 बजे तक खाटू श्याम मंदिर बंद रहेगा। 8 सितंबर को बाबा श्याम का स्नान और तिलक श्रृंगार होगा जिसके बाद ही शाम 5 बजे से भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे। श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे इस समय खाटू श्याम जी के दर्शन करने न आएं और मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करें। जानिए मंदिर बंद होने की क्या वजह है।

खाटू श्याम मंदिर क्यों बद रहेगा?

7 सितंबर 2025 को चंद्र ग्रहण लगने और 8 सितंबर 2025 को बाबा श्याम का तिलक होने की वजह से खाटू श्याम मंदिर 6 सितंबर की रात 10 बजे से 8 सितंबर की शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। 

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Image Source : KHATU SHYAM MANDIRखाटू श्याम मंदिर

ग्रहण के समय मंदिर क्यों बंद कर दिए जाते हैं?

7 सितंबर 2025 की रात 09:58 बजे से भारत में चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी और इसकी समाप्ति देर रात 01:26 पर होगी। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में अशुभ और नकारात्मक तरंगें बढ़ जाती हैं। इस कारण इस समय मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं ताकि नकारात्मक प्रभाव मंदिर की पवित्रता को प्रभावित न कर सके। शास्त्रों में कहा गया है कि ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्र की किरणें शुद्ध नहीं रहतीं इसलिए इस समय भगवान की मूर्तियों को कपड़े से ढक दिया जाता है या मंदिर बंद कर दिया जाता है। फिर ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण होता है और भगवान की मूर्तियों को स्नान कराया जाता है। इसके बाद ही पुन: पूजा-अर्चना प्रारंभ होती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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