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मंगलसूत्र क्यों पहनते हैं? किसने शुरू की परंपरा, जानें क्या हैं इसे पहनने के फायदे

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Apr 27, 2024 04:47 pm IST,  Updated : Apr 27, 2024 04:57 pm IST

हिंदू धर्म की सुहागिन महिलाएं मंगलसूत्र पहनती हैं। इसे पहनने का कारण क्या है और कैसे ये परंपरा शुरू हुई, इसके बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।

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Mangalsutra Image Source : FILE

हिंदू धर्म की सुहागिन महिलाएं मंगलसूत्र धारण करती हैं। मान्यताओं के अनुसार मंगल सूत्र पहनने से सुहाग की रक्षा होती है और साथ ही वैवाहिक जीवन भी सुखद बना रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंगलसूत्र गले में धारण करने की परंपरा कैसे शुरू हुई और इसे पहनने के और क्या-क्या फायदे हैं? अगर आप इस बारे में नहीं जानते तो आइए विस्तार से आपको जानकारी देते हैं। 

मंगलसूत्र पहनने की परंपरा ऐसे हुई शुरू 

हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि, सुहागिन महिला के द्वारा गले में मंगलसूत्र पहनने की परंपरा शिव-पार्वती के विवाह से शुरू हुई। माता सती की मृत्यु के बाद भगवान शिव ने मां पार्वती से शादी रचाई थी। माता पार्वती से विवाह के दौरान भगवान शिव को मां सती की याद आने लगी। आपको बता दें कि, माता सती ने हवन कुंड में आत्मदाह कर लिया था। माता पार्वती के साथ कभी कोई अनहोनी न हो इसलिए भगवान शिव ने एक पीले धागे में काले मोती बांधकर एक रक्षा सूत्र का निर्माण किया और विवाह के रीति-रिवाजों के दौरान वह सूत्र माता पार्वती को पहना दिया। भगवान शिव की मंसा थी कि, अब उनके वैवाहिक जीवन में कोई बाधा न आए। 

मान्यताओं के अनुसार तब से ही हिंदू धर्म की विवाहित महिलाओं ने मंगल सूत्र पहनना शुरू किया था। वहीं इतिहास के जानकारों का कहना है कि मोहन जोदड़ों की खुदाई में मंगलसूत्र के साक्ष्य मिले हैं, इसलिए उनका मानना है कि इसकी शुरुआत उस दौर से ही हुई थी। 

क्यों पहना जाता है मंगलसूत्र?

मंगलसूत्र पहनने के पीछे कई मान्यताएं हैं। सबसे प्रचलित मान्यता तो ये है कि, मंगलसूत्र पहनने से सुहाग की रक्षा होती है और विवाहित जीवन में परेशानियां नहीं आती। वहीं जानकारों का मानना है कि, मंगलसूत्र में 9 मनके होते हैं जिनको माता दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक माना जाता है। इसलिए मंगलसूत्र धारण करने से महिलाएं ऊर्जावान बनी रहती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसे धारण करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, क्योंकि ज्यादातर मंगलसूत्र सोने से या पीले धागे से बने होते हैं। ये दोनों ही चीजें गुरु ग्रह से संबंधित हैं और गुरु वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला ग्रह है। वहीं जो लोग काले धागे से बना मंगलसूत्र पहनते हैं शनि देव की कृपा उनपर होती है। 

मंगलसूत्र पहनने के फायदे

अगर कोई महिला मंगलसूत्र धारण करती है तो वैवाहिक जीवन में तो उसे अच्छे परिणाम मिलते ही हैं, साथ ही सेहत के लिए भी इसे पहनना बहुत शुभ माना जाता है। मंगलसूत्र धारण करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, सकारात्मक विचार मन में आते हैं। इसे धारण करने से सौंदर्य में भी चार-चांद लगते हैं और बुरी नजर से भी रक्षा होती है। जो महिला निरंतर मंगलसूत्र गले में धारण करती है उसे भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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