Palmistry: जिस तरह ज्योतिष में शनि ग्रह को बेहद अहम माना जाता है उसी तरह हस्तरेखा शास्त्र में भी इसका अलग स्थान है। कुंडली में जिस भाव में शनि बैठता है और जहां दृष्टि डालता है उससे इसके प्रभाव का पता चलता है। इसी तरह हथेली में शनि का जो स्थान है उसकी स्थिति को देखकर भविष्यवाणी की जाती है। शनि स्थान पर अगर क्रॉस का चिह्न बना हो तो इसको लेकर भी अलग भविष्यवाणी की जाती है। कुंडली में शनि की स्थिति का पता किस पर्वत को देखकर चलता है और इस पर्वत पर क्रॉस का होना किस बात का संकेत है, आइए जानते हैं।
हथेली में शनि पर्वत
शनि पर्वत हथेली में मध्यमा अंगुली के ठीक नीचे वाला क्षेत्र होता है। हथेली में यह पर्वत जितना उठा हुआ और स्पष्ट होता है उतने ही अच्छे परिणाम व्यक्ति को जीवन में मिलते हैं, वहीं इसका दबा होना अच्छा नहीं माना जाता है। आइए अब जानते हैं कि इस पर अगर क्रॉस का निशान हो तो कौन से कार्य व्यक्ति को संभलकर करने चाहिए।
शनि पर्वत पर क्रॉस का निशान
अगर आपकी हथेली में शनि पर्वत पर क्रॉस (अंग्रेजी के X अक्षर की तरह) का निशान बना है तो शनि से संबंधित कार्यों को आपको संभलकर करना चाहिए।
- अगर हथेली में शनि पर्वत पर क्रॉस बना हुआ है तो ऐसे लोगों को वाहन बेहद सावधानी से चलाना चाहिए। साथ ही लोहे से जुड़ा हर कार्य सोच-समझकर करना चाहिए। लोहे का कारोबार, लोहे से बनी चीजों में निवेश करना ऐसे लोगों के लिए नुकसानदायक माना जाता है। हालांकि, कुंडली में यदि शनि प्रबल हो तो स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है।
- हथेली में शनि पर्वत पर क्रॉस का होना यह भी दर्शाता है कि आपको बिना कड़ी मेहनत के सफलता नहीं मिलेगी। जिन कार्यों में लोग आसानी से कम मेहनत करके भी सफल होंगे वहां भी आपको दोगनी मेहनत करनी होगी। इसलिए कोई भी ऐसा कार्य आपको नहीं करना चाहिए जिसमें आपकी रुचि नहीं है। अगर आप रुचि के विपरीत कार्य करेंगे तो आपकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो सकते हैं।
- अगर शनि क्षेत्र पर बने क्रॉस का निशान भाग्य रेखा को किसी भी प्रकार से छू रहा हो तो ऐसे व्यक्ति को किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचना चाहिए। कोई भी बड़ा कार्य करने से पहले ऐसे लोगों को जानकार लोगों की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। शनि क्षेत्र पर क्रॉस का निशान होना आपको सेहत से जुड़ी चुनौतियां भी दे सकता है।
उपाय
अगर आपकी हथेली पर भी शनि पर्वत पर क्रॉस का निशान है तो आपको मांस-मदिरा आदि का सेवन करने से बचना चाहिए। उपाय के तौर पर आपको शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान और शनि मंत्रों का जप करना चाहिए। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का निरंतर पाठ करने से भी आप शुभफल प्राप्त कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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