27 जून को शनि प्रदोष व्रत रहेगा, जो भगवान शिव का प्रिय व्रत माना जाता है। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही शनि दोषों से भी छुटकारा मिलता है। जो लोग प्रदोष व्रत का प्रारंभ करना चाहते हैं उनके लिए 27 जून का दिन खास रहेगा। पंचांग अनुसार इस दिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी जो प्रदोष व्रत का प्रारंभ करने के लिए अति शुभ तिथि मानी जाती है। जब भी कोई इस व्रत को शुरू करने की सोचता है तो एक सवाल हर किसी के मन में आता है और वो सवाल है कि क्या ये व्रत फलाहारी रखना चाहिए या एक समय भोजन करके? तो चलिए आपकी इसी कन्फ्यूजन को दूर करते हैं हमारे इस स्पेशल आर्टिकल में।
प्रदोष व्रत में अन्न खा सकते हैं?
जी हां, प्रदोष व्रत में अन्न का सेवन किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि इस दिन सिर्फ सात्विक भोजन का सेवन करना है, वो भी शाम की पूजा के बाद। पूरे दिन फलाहारी व्रत रहें। फिर प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि विधान पूजा करने के बाद एक समय भोजन कर लें। लेकिन अगर संभव हो तो इस दिन फलाहारी व्रत रहें।
प्रदोष व्रत में खान-पान के नियम
- अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते नहीं हैं तो कोशिश करें कि ये व्रत बिना अन्न के रखें।
- शास्त्रों अनुसार इस व्रत को फलाहारी रखना बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
- अगर फलाहारी व्रत रख रहे हैं तो सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक नमक का सेवन न करें। इस दौरान आप जल, चाय, कॉफी, फल या जूस का सेवन कर सकते हैं।
- फिर शाम की पूजा के बाद आप नमक से बना फालाहारी भोजन जैसे साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
- अगर आप एक समय भोजन वाला प्रदोष व्रत रखना चाहते हैं तो उसके लिए आपको पूरे दिन उपवास रहना है। फिर शाम में पूजा के बाद सात्विक भोजन कर लेना है।
- इस बात का ध्यान रखें कि भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं करना है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
शनि प्रदोष व्रत के दिन बन रहे हैं कई शुभ योग, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त