सूर्य ग्रह 17 अक्टूबर को कन्या राशि से निकलकर अपनी नीच राशि तुला में गोचर कर जाएंगे। सूर्य का यह गोचर शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। तुला में प्रवेश करते ही कुंभ में बैठे शनि के साथ सूर्य का षडाष्टक योग बनेगा। ज्योतिष में इस योग को अच्छा नहीं माना जाता। इस योग के बनने से कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। इन राशियों को करियर और आर्थिक मामलों को लेकर भी सतर्क रहना होगा। आइए जान लेते हैं कौन सी हैं ये राशियां और क्या उपाय करने से षडाष्टक योग के बुरे प्रभाव से ये बच सकते हैं।
वृषभ राशि
वृषभ वालों आपके त्रिक भाव में से एक छठे भाव में सूर्य षडाष्टक योग के दौरान विराजमान रहेंगे वहीं शनि आपके एकादश भाव में हैं। शनि-सूर्य के बीच बनने वाले षडाष्टक योग के चलते कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों के साथ मतभेद पैदा हो सकते हैं। आपको वाणी पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। वित्तीय मामलों को लेकर भी सतर्क रहें, निवेश करने से पहले सलाह अवश्य लें। पेट और सिर में दर्द जैसी समस्याएं भी आपको हो सकती हैं इसलिए सेहत का ध्यान दें। उपाय के तौर पर आपको शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।
तुला राशि
तुला राशि के लोगों सूर्य आपकी ही राशि में गोचर करके शनि के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे। इस योग के चलते चुनौतीयों का सामना आपको करियर के क्षेत्र में करना पड़ सकता है। कुछ लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है जिसके कारण आप मानसिक तनाव में भी आ सकते हैं। साझेदारी में कारोबार करने वालों को पार्टनर की गतिविधियों पर ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। सट्टेबाजी के चक्कर में गलती से भी न पड़ें वरना भारी नुकसान हो सकता है। परिवार के लोगों के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है, बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। उपाय के तौर पर तुला वालों को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
मीन राशि
षडाष्टक योग के दौरान शनि आपकी ही राशि में विराजमान रहेंगे जबकि सूर्य आपके अष्टम भाव में। इसलिए षडाष्टक योग आपके जीवन में अड़चने पैदा करने वाला साबित हो सकता है। कुछ लोगों का प्रमोशन रुक सकता है, जिसके कारण निराशा होगी। अचानक से खर्च बढ़ने से आर्थिक स्थिति भी डगमगा सकती है। उधार का लेन-देन करने से बचेंगे तो फायदे में रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के किसी मामले को लेकर भागदौड़ आपको करनी पड़ सकती है। उपाय के तौर पर सूर्य ग्रह के मंत्रों का जप मीन वालों को करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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