मेलबर्न। भारत और आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज इस समय जारी चार मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैचों में पूरी तरह से विफल रहे हैं और इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते 132 साल में आस्ट्रेलियाई समर में प्रति विकेट रनों का औसत सबसे कम रहा है। इस समर प्रति विकेट रनों का औसत 21.50 रहा है जो 1887-88 ऑस्ट्रेलियाई समर के बाद से सबसे कम है। उस समर में प्रति विकेट औसत 9.35 था।
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21.50 औसत पिछले समर के औसत से भी कम है। पिछले समर में जब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड ने आस्ट्रेलिया का दौरा किया था तो यह औसत 34.01 था। वहीं दो साल पहले जब भारत ने आस्ट्रेलिया का दौरा था तब यह औसत 30.03 था।
क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार रन रेट में भी गिरावट आई है जो इस शताब्दी में किसी भी समर में सबसे कम 2.63 रही है।
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बात अगर सीरीज की करें तो भारत ने पिछला बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। विराट कोहली के जाने के बाद कप्तानी का जिम्मा अजिंक्य रहाणे ने उठाया और उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने मेजबानों को मेलबर्न टेस्ट में धूल चटाई। इससे पहले एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
तीसरा टेस्ट मैच सिडनी में 50 प्रतिशत दर्शकों के बीच खेला जाना है, लेकिन पिछले दिनों वहां कोविड-19 के केस में इजाफा हुआ है जिसके बाद वहां खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
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सिडनी में 31 दिसंबर को 10 नए कोविड-19 मामले सामने आए हैं। इससे दो सप्ताह में पॉजिटिव मामलों की संख्या 170 हो गई है। चैनल-9 की रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरा टेस्ट एससीजी पर बिना दर्शकों के खेले जाने की बात भी की जा रही है।