सचिन तेंदूलकर क्रिकेट गेम के लेजेंड हैं। बात किसी भी खरतरनाक बॉलर की करें, उनकी बॉल से सचिन को कोई डर नहीं। न जाने कितनी ही चोटें खाने के बावजूद क्रिकेट ग्राउंड में जाने से यह नहीं कतराते। लेकिन एक है जिसे खेलने से पहले इन्हें दो बार सोचना पड़ा है। बात कर रहे हैं प्लैंक गेम की। प्लैंक गेम के रूम में घुसने से इन्हें घबराहट होती है। हैदराबाद में समैश गेमिंग सेंटर में बोलिंग के फिनाले गेम में पहुंचे सचिन ने गेमिंग से संबंधित अपने अनुभव शेयर किए।

सचिन बोले, स्पोर्ट्स चाहे ग्राउंड में खेलना हो या चार दीवारी के अंदर। मैं सभी का अनुभव लेता हूं। आज का वक्त वर्चुअल रिएलिटी का है, इसलिए उनका एक्सपीरियंस भी लेता हूं। मसलन प्लैंक नाम का एक गेम खेलने से मुझे हमेशा घबराहट होती है। इस गेम को खेलते हुए तो डर भी लगा है। असल में प्लैंक में आपको एक कमरे में वर्चुअल रिएलिटी हेडसेट पहना दिया जाता है, और उसे पहनकर ऐसा लगता है कि आप 10 हजार फीट ऊंची एक ब्लिडिंग से दूसरी ब्लिडिंग पर छलांग लगा रहे हो। यह गेम खेलते वक्त हालत खराब हो जाती है। लेकिन यह सेफ भी है, क्योंकि आप एक ऊंची ब्लिडिंग से दूसरी ब्लिडिंग पर छलांग लगाने का अनुभव भी ले लेते हो, और हारने का कोई नुकसान नहीं क्योंकि असल में तो आप एक कमरे में फ्लोर पर ही तो खड़े हो।
सचिन ने क्रिकेट के अलावा उन गेम्स के बारे में भी बताया जो उन्हें अपने परिवार और दोस्तों के साथ खेलना पसंद है। सचिन बोले, मुझे बॉलिंग और गो-कार्टिंग गेम बहुत पसंद है। अकसर अपने करीबियों के साथ इन दो गेम्स का लुत्फ उठाता रहता हूं। गेम्स खुद भी खेलता हूं और लोगों को भी उन गेम्स को खेलने की सलाह देता हूं जिसमें बॉडी और माइंड दोनों चुस्त रहें।
(प्रियंका चोपड़ा)