भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त को अचानक संन्यास लेकर हर किसी को हैरान कर दिया था। हर किसी को उम्मीद थी की वह आईपीएल के जरिए एक बार फिर टीम में वापसी करेंगे, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही संन्यास का ऐलान कर दिया। धोनी के संन्यास के बाद उनको सम्मान देने की चर्चा से बाजार गर्म हो गया।
एक तरफ झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने धोनी के फेयरवेल मैच के लिए BCCI से खास अपील की, वहीं मुंबई के वानखेड़े स्टेडिम में 2011 वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान जहां धोनी ने छक्का लगाया था, वहां उनके नाम पर स्थायी सीट किए जाने की बातें चलने लगी।
हाल ही में एमसीए की शीर्ष समिति के सदस्य अजिंक्य नाइक ने एमसीए को प्रस्ताव दिया है कि वह भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सम्मान में एक स्थायी सीट समर्पित करें। यह सीट उसी क्षेत्र में होगा जहां धोनी ने 2011 विश्व कप के फाइनल में छक्का लगाकर टीम को चैम्पियन बनाया था। यह समझा जाता है कि एमसीए अध्यक्ष परियोजना के लिए उत्सुक हैं।
अब भारतीय पूर्व क्रिकेटर अजीत अगरकर ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। अजीत अगरकर ने स्टार स्पोर्ट्स के एक शो में कहा "मुझे नहीं लगता कि धोनी के उस छक्के के बाद वानखेड़े स्टेडियम में उनके नाम पर सीट रखे जाने पर किसी को कोई दिक्कत होगी। यह एक ऐतिहासिक मैच था क्योंकि भारत को 28 साल के लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप जीता था।।"
बता दें, 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में धोनी ने श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवन कुलसेकरा की गेंद पर सामने की तरफ छक्का लगाकर भारत को 6 विकेट से वर्ल्ड कप जीताया था। इस मैच में धोनी ने 91 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। इस पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।