भारत में इंडियन प्रीमियर लीग के साथ ही पहली बार लोगों का परिचय हुआ चीयरलीडर्स से। क्रिकेट में पहली बार चीयरलीडर्स का प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहले टी-20 विश्वकप में हुआ था और तब से ये टी-20 क्रिकेट की पहचान बन गई हैं। वैसे खेल में चीयरलीडर्स की शुरुआत तकरीबन डेढ़ सौ साल पहले हुई थी।

चीयरलीडिंग की शुरुआत अमेरिका में 1877 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय में हुई थी जब कुछ छात्रों ने अपनी टीम की हौसलाअफ़ज़ाई के लिए 4 लाइन की कविता गाते हुए बाकायदा डांस किया था।