
रितु के माता-पिता बताते हैं कि बेटी को बचपन से ही हॉकी का जुनून था जो उम्र के साथ बढ़ता गया। रानी की माँ ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं नहीं था कि बेटी इस मुकाम पर पहुंचेगी और देश व परिवार का नाम रोशन करेगी।
देश के लिए अपनी जिंदगी के कई महत्त्वपूर्ण सालों को कुर्बान कर चुकी महिला हॉकी खिलाडियों के घर की दशा देख किसी भी खिलाडी का मनोबल टूट सकता है।
अपने बल बुते पर हॉकी में अपना नाम चमकने वाली रानी रामपाल के पिता ने वो सब किया जो एक बाप अपनी बेटी के लिए कर सकता है।