नयी दिल्ली: भारतीय महिला हॉकी इतिहास में महिला हॉकी टीम ने इस बार कामयाबी का वो परचम फेरहया है जिसे देश सालो साल याद रखेगा। महिला हॉकी टीम ने 36 साल बाद एक बार फिर ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई किया है। देश के लिए भले ही ये गर्व की बात हो लेकिन बात अगर इन खिलाड़ियों के घर परिवार की कि जाये तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है की बिना किसी मदद के आखिर कैसे ये खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुँच पाए। रानी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
स्टार स्ट्राइकर रानी रामपाल नीदरलैंड में 19 जुलाई से शुरू हो रहे वोल्वो अंतरराष्ट्रीय अंडर 21 हाकी टूर्नामेंट में 18 सदस्यीय भारतीय जूनियर टीम की कप्तान होगी।
क्या है रानी की कहानी, देखें अगले पेज पर