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कम्युनिस्ट पार्टी की ‘बादशाहत’ कायम रखने के लिए चुपके-चुपके Twitter पर शिकंजा कस रहा है चीन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 18, 2018 11:45 am IST,  Updated : Nov 18, 2018 11:45 am IST

चीन में सरकार के आलोचक और कार्यकर्ता, बंद होने के बावजूद टि्वटर और अन्य विदेशी सोशल मीडिया साइटों का अब तक अपनी बात रखने के लिए आजादी से इस्तेमाल करते रहे हैं।

Chinese extends censorship campaign to Twitter | AP/Pixabay- India TV Hindi
Chinese extends censorship campaign to Twitter | AP/Pixabay

बीजिंग: चीन में माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म Twitter पर इन दिनों चुपके-चुपके शिकंजा कसा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में सरकार के आलोचक और कार्यकर्ता, बंद होने के बावजूद टि्वटर और अन्य विदेशी सोशल मीडिया साइटों का अब तक अपनी बात रखने के लिए आजादी से इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन अब चीन ने चुपके से इस पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा से अलग उठने वाली आवाजों को दबाने के अभियान पर जोर देता रहा है। 

अब चीन ने अपनी पहुंच इंटरनेट सेंसरशिप की ‘ग्रेट फायरवॉल’ के बाहर विदेशी साइटों तक बना ली है। ग्रेट फायरवॉल घरेलू तौर पर इंटरनेट के नियमन के लिए चीन द्वारा लागू विधायी कार्रवाइयों और तकनीकों का संयोजन है। चीन में लोग बीजिंग के नियंत्रणों से बचते हुए आभासी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं और ब्लॉक विदेशी साइटों तक पहुंच सकते हैं, लेकिन अब चीन को डर है कि इन साइटों का राजनीतिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस डर से अधिकारियों ने पिछले साल से चोरी चुपके इन पर रोक लगाने का अभियान शुरू किया है। 

चीनी कार्यकर्ताओं और अन्य टि्वटर यूजर्स ने कहा कि पुलिस उन पर संवेदनशील ट्वीट हटाने का दबाव डाल रही है। मानवाधिकार साइट चाइना चेंज के संस्थापक याक्स काओ ने कहा, ’यह मूक हत्या है।’ कुछ मामलों में चीनी अधिकारी खुद से अकाउंट डिलीट कर सकते हैं। काओ ने गत शुक्रवार को बताया कि एक चीनी कार्यकर्ता वु जान के टि्वटर अकाउंट को अचानक डिलीट कर दिया गया। गोपनीयता की शर्त पर एक टि्वटर यूजर ने कहा कि पुलिस ने कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना वाले ट्वीट को लेकर उसे हिरासत में लिया था। रातभर पुलिस थाने में रहने के बाद यूजर को अपनी लॉगइन जानकारी देनी पड़ी और पुलिस ने उसके ट्वीट डिलीट कर दिए। माइक्रोब्लॉगिंग साइट टि्वटर ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और VPN सॉफ्टवेयर पर नियंत्रण बढ़ाया है। चीन के साइबरस्पेस प्रशासन ने सोमवार को कहा कि उसने मैसेजिंग ऐप वीचैट और टि्वटर जैसे वीबो पर 9,800 अकाउंट हटा दिए है। उसने इन साइटों पर ‘राजनीतिक रूप से हानिकारक’ सूचना और अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया है।

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