नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कोर्ट ने WhatsApp, आईटी और वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा है कि अभी तक मैसेजिंग ऐप ने भारत में शिकायत अधिकारी की नियुक्ति क्यों नहीं की है। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने WhatsApp से एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक कंपनी की तरफ से इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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इस मामले को लेकर आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वॉट्सऐप के प्रमुख क्रिस डेनियल्स से 21 अगस्त को मुलाकात की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि वॉट्सऐप पर मॉब लिचिंग और फेक न्यूज को रोकने की सख्त जरूरत है, ऐसे में कंपनी को इन चीजों पर लगाम लगाने के लिए समाधान ढूंढ़ना होगा। हालांकि इसके बाद लगभग एक सप्ताह बीत गया और WhatsApp की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आईटी मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और वॉट्सऐप को नोटिस भेजकर इसपर जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि देश में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं में वॉट्सऐप समेत अन्य सोशल मीडिया साइट्स एवं ऐप्स का अहम रोल पाया गया था। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के चलते ही देश के विभिन्न हिस्सों में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई थी। यही वजह है कि सरकार सोशल मीडिया पर सख्ती बरतने के मूड में है।