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स्ट्रीमिंग ऐप्स पर Free Live TV चैनल को लेकर सख्ती? TRAI जल्द ला रहा नया कानून

 Written By: Harshit Harsh
 Published : Oct 28, 2026 10:53 am IST,  Updated : Oct 28, 2026 10:58 am IST

दूरसंचार नियामक जल्द ही स्ट्रीमिंग ऐप्स पर दिखाए जाने वाले फ्री लाइव टीवी चैनल को रेगुलेट करने वाला है। इसे लेकर TRAI ने सरकार को कानून बनाने की सिफारिश दी है।

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लाइव टीवी चैनल Image Source : UNSPLASH

Highlights

  • ट्राई स्ट्रीमिंग ऐप्स पर फ्री लाइव टीवी चैनल को रेगुलेट करने वाला है।
  • दूरसंचार नियामक ने इसे लेकर सरकार को सिफारिश की है।
  • इसमें दिखाए जाने वाले कंटेंट के लिए ऐप्स या प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय होगी।

स्ट्रीमिंग ऐप्स के जरिए Live TV चैनल दिखाए जाने को लेकर TRAI जल्द ही नया कानून लाने वाला है। दूरसंचार नियामक ने इसे रेगूलेट करने की सिफारिश की है। TRAI ने कहा कि स्ट्रीमिंग ऐप्स के जरिए लाइव टीवी चैनल दिखाने के लिए प्लेटफॉर्म्स को पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। ऐसे में अगर किसी ऐप पर कोई ऐसा कंटेंट दिखाया जाता है, जिसे नहीं दिखाया जाना चाहिए उसके लिए ऐप की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

TRAI ने अपने रेकॉमंडेशन में कहा है कि फ्री लाइव टीवी चैनल दिखाने के लिए ऐप्स को सरकार से स्वीकृति लेना मेंडेटरी होगा। ऐसे में टीवी बनाने वाली कंपनियों जैसे कि LG, Samsung, Xiaomi और ऑपरेटिंग सर्विस प्रोवाइडर्स Tizen OS, Google TV, WebOS आदि को उन्हीं स्ट्रीमिंग ऐप्स को रखना होगा, जिन्हें सरकार से मंजूरी मिली होगी।

क्यों लाया जा रहा कानून?

TRAI की यह सिफारिश उस कानून के लिए है, जिसमें स्ट्रीमिंग ऐप्स पर दिखाए जाने वाले वल्गर या अन्य कंटेंट को रेगुलेट किया जा सके। अब टीवी और OS निर्माता कंपनियां केवल उन्हीं स्ट्रीमिंग ऐप्स को अपने डिवाइस में रख पाएंगे, जिन्हें सरकार से अनुमति मिली होगी। कंपनियां अपनी मर्जी से कोई भी लाइव टीवी स्ट्रीमिंग ऐप नहीं रख पाएंगी।

अपनी सिफारिश में ट्राई ने साफ किया है कि अनुमति मिलने पर स्ट्रीमिंग ऐप्स को MIB यानी सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पास अपनी एनुअल कंप्लायेंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। इसमें कंपनियों को बताना होगा कि उनके द्वारा नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है।

अपनी सिफारिश में ट्राई ने 1 लाख रुपये की वन टाइम एंट्री फिस और 10,000 रुपये प्रति प्रोसेसिंग फीस का भी जिक्र किया है। इसमें सर्विस प्रोवाइडर्स को एक बार में सरकार से 20 साल तक के लिए मंजूरी मिलेगी। इसे और आगे 10-10 साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकेगा।

बदल जाएगा TV का एक्सपीरियंस?

TRAI की ये सिफारिशें अगर मान ली जाएंगी तो आने वाले समय में आपका फ्री लाइव टीवी चैनल देखे जाने का एक्सपीरियंस बदल जाएगा। टीवी चैनलों के लिए एक नया रजिस्ट्रेशन सिस्टम तैयार होगा और दर्शको को दिखाए जाने वाले कंटेंट की जबाबदेही भी तय की जा सकेगी। ये कंटेंट पूरी तरह से सरकार की मानकों को पूरा करेंगे।

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