उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित एक गांव में मंगलवार की शाम दो समूहों में झड़प देखने को मिली। दरअसल यहां बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर दो समूहों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान चार दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और पथराव भी किया गया। पुलिस ने बताया कि पथराव में कम से कम दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उसने बताया कि महिला प्रधान, उसके पति और गांव के पूर्व प्रधान समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना रोरावर थाने क्षेत्र के भीमपुर गांव की है जहां उस समय विवाद हो गया, जब एक समूह ने गांव की एक जमीन पर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करना का प्रयास किया।
ग्राम सभा की जमीन को लेकर मचा विवाद
इस जमीन को लेकर जिले के अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन ग्राम सभा की है। प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास कर रहे समूह ने दावा किया कि भगेल समुदाय से आने वाला दूसरा समूह उसी भूमि पर अपना दावा पेश कर मंदिर स्थापित करने का प्रयास कर रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने संवाददाताओं को बताया कि गांव में दो समूहों के बीच यह झगड़ा पिछले कुछ दिनों से जारी था तथा जिले के अधिकारियों ने दो दिन पहले यह स्पष्ट कर दिया था कि ‘‘किसी भी समूह का ग्राम सभा की भूमि पर कोई वैध दावा नहीं है, तथा किसी को भी निर्माण करके यथास्थिति को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’
कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज
सुमन ने कहा कि मामला दोपहर में आज सुलझ गया, जब दोनों समूहों के प्रतिनिधियों ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना मंगलवार की देर शाम पुलिस को मिली कि कुछ लोगों ने आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करना शुरू कर दिया है। सुमना ने कहा कि जब पुलिस ने प्रतिमा को हटाना चाहा तो भीड़ ने पथराव कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'पुलिस किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं देगी और शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामल में 14 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
(इनपुट-भाषा)