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गाजीपुर में सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में FIR, मुख्तार गैंग के हथियार लाइसेंस जांच में कई खुलासे

 Written By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jul 22, 2026 07:01 pm IST,  Updated : Jul 22, 2026 07:23 pm IST

गाजीपुर पुलिस ने दिवंगत मुख्तार अंसारी के अंतर-राज्यीय आपराधिक गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों के हथियारों के लाइसेंस की जांच के दौरान कई गड़बड़ी पाई। इसके बाद गाजीपुर के सदर कोतवाली पुलिस स्टेशन में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सांसद अफजाल अंसारी- India TV Hindi
सांसद अफजाल अंसारी। फाइल फोटो Image Source : FB/AFZALANSARIMP

 गाजीपुर शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी गिरोह इस-191 के सदस्यों एवं सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

पुलिस के अनुसार आईएस-191 मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान कुल 145 लाइसेंसों का उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में सत्यापन कराया गया। जांच में कई मामलों में तत्कालीन शस्त्र लिपिकों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से अनियमितताएं सामने आईं। कुछ खरीदे और बेचे गए शस्त्रों की मूल पत्रावलियां जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब मिलीं।

जांच के दौरान हुई कई खुलासे

जांच के दौरान सांसद अफजाल अंसारी को निर्गत शस्त्र लाइसेंस संख्या 1188 P2 से संबंधित पत्रावली भी अभिलेखों में नहीं मिली। इसी लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 409, 120-बी तथा आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 और 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

एसपी डॉ. इरज राजा ने बताया कि आईएस-191 मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में 145 शस्त्र लाइसेंसों का विभिन्न राज्यों में सत्यापन कराया गया, जिसमें कई पत्रावलियां गायब मिलीं। सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले और संबंधित रायफल की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल सका। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

डीआईजी ने बनाई थी जांच के लिए टीम

एसपी ने बताया कि वाराणसी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) के निर्देशों पर, संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क की जांच के लिए संबंधित क्षेत्राधिकार वाले अधिकारियों और स्टेशन हाउस अधिकारियों (SHO) की विशेष टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों को दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को जारी हथियारों की मौजूदा स्थिति की भौतिक जांच करने, और IS-191 गैंग के सदस्यों और सहयोगियों को जारी 51 हथियारों के लाइसेंस पर खरीदे या बेचे गए 145 हथियारों की जांच करने का काम सौंपा गया था। बता दें कि सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ इससे पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इसी साल जनवरी महीने में अफजाल और पुलिस के बीच नेशनल हाईवे पर तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

रिपोर्ट- शशि कान्त तिवारी, गाजीपुर

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