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मुजफ्फरनगर में 3-10 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश, मेरठ के डीएम ने भी 3-12 अगस्त तक छुट्टी घोषित की, जानें वजह

 Reported By: Hima Agarwal Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Aug 01, 2026 10:01 pm IST,  Updated : Aug 01, 2026 10:17 pm IST

यूपी के मुजफ्फरनगर में डीएम के आदेश से 3 से 10 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मेरठ के डीएम ने भी मेरठ में सभी शिक्षण संस्थानों में 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित किया है।

Muzaffarnagar- India TV Hindi
मुजफ्फरनगर और मेरठ में छुट्टी Image Source : INDIA TV

मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर से एक बड़ी खबर है। मुजफ्फरनगर में 3 अगस्त से 10 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। कांवड़ यात्रा के चलते ये फैसला लिया गया है। 

क्या है आदेश?

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जनपद  में कांवड़ यात्रा की वजह से डीएम द्वारा दिए गए आदेश से जनपद के समस्त प्री प्राइमरी/प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/मान्यता प्राप्त/माध्यमिक विद्यालय/यूपी बोर्ड/ सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालय/डिग्री कालेज/डायट/तकनीकी संस्थाओं में  3 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक का अवकाश घोषित किया जाता है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जनपद के समस्त प्री प्राइमरी/प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/मान्यता प्राप्त/माध्यमिक विद्यालय/यूपी बोर्ड/सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालय/डिग्री कालेज/डायट/तकनीकी संस्थाओं के प्राचार्य/प्रधानाचार्य को निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 3 अगस्त 2026 से दिनांक 10 अगस्त 2026 तक उपरोक्त समस्त प्रकार के सरकारी/गैर सरकारी विद्यालयों में अवकाश रहेगा। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें।

मेरठ में भी 3 से 12 अगस्त अवकाश घोषित

मेरठ जिलाधिकारी ने भी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिले की सभी शिक्षण संस्थानों में 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित किया। इसमें बेसिक, माध्यमिक, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान शामिल हैं।

बता दें कि 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है, विगत वर्ष हरिद्वार से लगभग 4 करोड़ शिवभक्त पैदल.यात्रा करते हुए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य पहुंचे थे। इस बार कांवडियों की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में एन एच 58 पर कांवड़ियों का सैलाब दिखाई देगा। सड़कें भगवा रंग में रंगी हुई दिखाई देंगी, साथ ही चारों तरफ, बोल बम-बम, हर-हर महादेव गुंजायमान होंगे।

कांवड़ यात्रा क्या होती है?

हिंदू धर्म में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है। इसमें सावन महीने में भगवान शिव के भक्तों द्वारा पवित्र नदियों खासकर गंगा से जल भरकर पैदल यात्रा की जाती है और अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों में शिवलिंग पर चढ़ाते हुए जलाभिषेक किया जाता है। इसमें जल लेकर यात्रा करने वालों को कांवड़िये या भोले कहा जाता है।

कांवड़ बांस या लकड़ी का एक डंडा होता है, जिसे रंग-बिरंगे झंडे, फूलों और सजावट से सजाया जाता है। इसके दोनों सिरों पर गंगाजल (या अन्य पवित्र जल) से भरे कलश/पात्र लटकाए जाते हैं। भक्त इसे कंधे पर रखकर चलते हैं। 

इससे पहले खबर आई थी कि यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर मांस-शराब की दुकानें बंद रहेंगी, CM योगी का आदेश है। (रिपोर्ट-  मुजफ्फरनगर से योगेश त्यागी)

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