यूपी के कानपुर में दिवाली की सुबह एक परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन गई। जिस घर में त्योहार की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम पसर गया। पनकी पड़ाव इलाके में रविवार सुबह एक पुराने मकान की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त एक ही कमरे में परिवार के चार लोग मौजूद थे। सभी मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर दूसरे कमरों में मौजूद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर चारों को बाहर निकाला गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सास, बहू और महज 20 दिन के मासूम को मृत घोषित कर दिया, जबकि परिवार के एक सदस्य घायल हो गया।
अचानक भरभराकर गिर गई छत
हादसा पनकी थाना क्षेत्र के पनकी पड़ाव इलाके में सुबह करीब साढ़े 8 से 9 बजे के बीच हुआ। जानकारी के मुताबिक, यहां अवधेश शुक्ला का करीब 35 साल पुराना पुश्तैनी मकान है। एक मंजिला इस मकान में चार कमरे बने हुए हैं। मकान की छत बांस-बल्लियों और मिट्टी से तैयार की गई थीं। रविवार सुबह दिवाली के दिन परिवार के सदस्य अपने-अपने काम में लगे थे। इसी दौरान, हर्ष शुक्ला अपनी मां विनोदनी शुक्ला के साथ कमरे में कुर्सी पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। वहीं उनकी पत्नी अंशिका शुक्ला अपने 20 दिन के बेटे आरव को दूध पिला रही थीं। तभी अचानक कमरे की पुरानी छत भरभराकर नीचे आ गिरी। किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और चारों लोग मलबे में दब गए।
दादी, मां और मासूम की मौत, बाल-बाल बचा पिता
छत गिरने के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद अवधेश शुक्ला और उनके बेटे राजू मौके पर पहुंचे। हर्ष भी किसी तरह मलबे से बाहर निकला। इसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने मिलकर मलबा हटाना शुरू किया। काफी प्रयास के बाद चारों को बाहर निकालकर कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने 60 वर्षीय विनोदनी शुक्ला, 28 वर्षीय अंशिका शुक्ला और 20 दिन के मासूम आरव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 32 वर्षीय हर्ष शुक्ला को मामूली चोटें आई हैं। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। दिवाली के दिन जिस घर में खुशियां होनी थीं, वहां तीन अर्थियां उठने की नौबत आ गई।
20 दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी
परिवार के मुताबिक, अवधेश शुक्ला के दो बेटे हर्ष और राजू हैं। हर्ष पनकी स्थित स्टील अथॉरिटी कंपनी में काम करते हैं। करीब दो साल पहले उनकी शादी अंशिका से हुई थी। 20 दिन पहले ही दंपती के घर बेटे आरव का जन्म हुआ था। परिवार में बच्चे के जन्म के बाद खुशियों का माहौल था। लेकिन इस हादसे ने महज 20 दिन के मासूम समेत तीन जिंदगियां छीन लीं। हर्ष के रिश्तेदार मनोज बाजपेयी ने बताया कि हादसे के वक्त परिवार के लोग सामान्य रूप से घर में बैठे थे। अचानक छत गिरने से किसी को बचने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद परिजन तीनों शवों को लेकर घर पहुंच गए। इस बीच पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पानी के रिसाव से छत पर बढ़ गया भार!
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया समझाते हुए पोस्टमार्टम के लिए मनाने में जुटी रही। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मकान की छत गिरने से तीन लोगों की मौत की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया आशंका है कि छत में पानी का रिसाव होने के कारण उस पर भार बढ़ गया, जिससे वह गिर गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। मौके पर राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद है। पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल, गाजियाबाद में ACP अंकुर विहार के ऑफिस की छत गिरने से पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी।
(इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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