उत्तर प्रदेश के मथुरा के एक गांव में खांडसारी सहकारी समिति की जमीन खाली कराने गई राजस्व विभाग की टीम के सामने एक किसान संदिग्ध रूप से आग की चपेट में आ गया। घटना के बाद टीम के सदस्य, ग्रामीण और परिजन आग बुझाने में जुट गए। किसान को गंभीर हालत में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भर्ती में कराया गया। उन्हें बचाने की कोशिश में उनकी बहू भी झुलस गई, जिसका मथुरा में उपचार हो रहा है।
समिति की जमीन पर रह रहा था बुजुर्ग किसान का परिवार
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, जैंत थाना क्षेत्र के खुशीपुरा गांव में स्थित समिति की जमीन पर बुजुर्ग किसान सत्यभान का परिवार कई दशकों से रह रहा है। गुरुवार को नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, कानूनगो राजेंद्र, लेखपाल कपिल और पुलिस बल कब्जा हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान सत्यभान आग की चपेट में आ गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आग कैसे लगी। किसान को बचाने के प्रयास में उनकी पुत्रवधू ललितेश भी झुलस गईं।
कानूनगो और लेखपाल सस्पेंड
घटना के बाद जिलाधिकारी ने कानूनगो और लेखपाल को लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया और मामले की जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पंकज त्रिपाठी को सौंप दी तथा उनसे 24 घंटे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेटे ने क्या आरोप लगाया?
सत्यभान के बेटे पुष्पराज ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने डीजल छिड़ककर उनके पिता को आग के हवाले कर दिया। उनका कहना है कि परिवार 30 साल से जमीन पर रह रहा है, लेकिन कुछ लोग इसे बेचने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। (भाषा इनपुट्स के साथ)
यह भी पढ़ें-
बेटी के छुछक कार्यक्रम में CRPF जवान की मौत, पंखे के हाथ लगाते ही मौत की आगोश में समा गया
क्लास के बच्चों ने ही छात्र के साथ की गुंडागर्दी, रॉड से पीटा, फिर थूक चाटने को किया मजबूर