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विकास भवन में पेट्रोल डालकर आत्मदाह का किया प्रयास, DPRO पर 5 लाख घूस लेने का आरोप

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Oct 15, 2026 08:14 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 08:14 pm IST

फतेहपुर जिले के विकास भवन स्थित जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब एक शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने से नाराज होकर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

Fatehpur Vikas Bhawan- India TV Hindi
फतेहपुर विकास भवन Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के विकास भवन स्थित जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में 15 अक्टूबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने से नाराज होकर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोक लिया जिसके बाद शिकायतकर्ता ने DPRO पर 5 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया। मामला गाजीपुर ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत का है जहां ग्राम पंचायत द्वारा दुकानों का निर्माण कराया गया था। वहीं DPRO ने घूस के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को नोटिस किया था जारी

फतेहपुर जिले के विकास भवन में स्थित जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में हुई इस घटना को लेकर जानकारी के अनुसार मामला गाजीपुर ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत का है, जहां ग्राम पंचायत द्वारा दुकानों का निर्माण कराया गया था। शिकायत पर कमेटी से जांच कराई गई। DPRO ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी महोदय ने 25सितंबर को ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन में पक्ष रखने का मौका दिया था जिसके बाद नोटिस 7 अक्टूबर को प्रधान को तामील करा दी गई थी। वहीं शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह उर्फ जब्बार सिंह का आरोप है कि ग्राम सभा की कलेक्टर की जमीन पर प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर दुकानें बनाकर 7-7, 10-10 लाख रुपये में बेच दीं हैं।

आरटीआई में दुकानों के नीलाम ना होने की बात सामने आई

विकास भवन के जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में हुई इस घटना को लेकर RTI में दुकानों के नीलाम ना होने की बात सामने आई। कई जांचों में प्रधान दोषी पाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि प्रधान ने यहां DPRO कार्यालय में 5 लाख रुपये देकर कार्रवाई रुकवा दी। घटना के बाद शिकायतकर्ता का कहना था कि तीन साल से जांच के नाम पर टहलाया जा रहा है। जब तक कार्रवाई होगी, हम मर जाएंगे। वहीं DPRO ने घूस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमानुसार कार्रवाई जिलाधिकारी स्तर से होनी है। उधर अधिवक्ता गुप्ता सहित अन्य लोगों ने भी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

(रिपोर्ट - उमेश चन्द्रा)

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