Viral Video: क्रिसमस डे आने में अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में लोगों ने क्रिसमस के डेकोरेशन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर अपने घर को सजाने के लिए असली क्रिसमस ट्री लाते हैं, जबकि अन्य लोग अपने घरों को उत्सव का माहौल देने के लिए आस-पास मौजूद किसी भी चीज़ का उपयोग करते हैं। एक व्यक्ति ने क्रिसमस का बहाना बनाकर एक ऐसे काम से बचने का फैसला किया है जिसे दुनिया भर में बहुत से लोग नापसंद करते हैं- अपने कपड़े तह करना। कपड़ों के ढेर को क्रिसमस ट्री बनाते शख्स का देसी जुगाड़ देख हर कोई रह गया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक कंटेंट क्रिएटर अपने कपड़ों के ढेर को क्रिसमस ट्री की तरह सजाता हुआ दिख रहा है। यह वीडियो @RoadsAndReels नाम के एक हैंडल द्वारा शेयर किया गया है। टेक्सास में रहने वाले एक भारतीय द्वारा संचालित इस अकाउंट में दिखाया गया है कि बिना पैसे खर्च किए जुगाड़ से क्रिसमस कैसे मनाया जा सकता है। वीडियो में फर्श पर कपड़ों का एक बड़ा ढेर दिखाई देता है। एक आदमी आता है और उसे क्रिसमस ट्री बनाने का फैसला करता है। कपड़ों के चारों ओर कुछ लाइटें लपेटकर, वह ढेर को एक अस्थायी पेड़ में बदल देता है। वीडियो पर लिखा है, 'जब कपड़ों का ढेर इतना बड़ा हो, आपका उन्हें तह करने का बिल्कुल मन न हो, और क्रिसमस बस आने ही वाला हो...' इस वीडियो में मारिया कैरी के गीत 'ऑल आई वांट फॉर क्रिसमस इज यू' की धुन बज रही है। वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया गया था, 'जब कपड़ों का ढेर इतना बड़ा हो जाए... तो आप उसे क्रिसमस ट्री में बदल दें।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो के वायरल होते ही इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। देसी जुगाड़ देखने के बाद कई यूजर्स हंस-हंसकर लोटपोट हो गए। एक यूजर ने लिखा, 'रचनात्मकता का बेहतरीन उदाहरण।' दूसरे ने लिखा कि, 'अब मेरे वाले को सजाने का समय आ गया है।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'कम बजट में क्रिसमस ट्री पाने का तरीका।' चौथे ने लिखा कि, 'मेरे कमरे में हर जगह कबाड़ बिखरा पड़ा है! मुझे तो बस चारों तरफ क्रिसमस की लाइटें लगा देनी चाहिए, हा हा हा!!' एक और यूजर ने लिख कि, 'यह मुझे हैलोवीन जैसा ज्यादा लग रहा है।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'शुक्र है, बहुत से लोग कपड़े तह करने के बारे में ऐसा ही महसूस करते हैं… मेरे घर में मेरे माता-पिता मुझसे कहते रहते हैं कि कपड़े तह करने की मेरी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है और मैं उन्हें कई दिनों तक सोफे पर ही छोड़ देता हूं… असल में यह कपड़ों की धुलाई के बारे में नहीं है… यह उस मानसिक बोझ के बारे में है जिसके कारण कपड़े धोने का काम हमें कम प्राथमिकता वाला लगता है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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