23 वर्षीय फ्रांसीसी युवक निको ने पेरिस से मुंबई तक करीब 7,000 किलोमीटर की दूरी तय कर नई जिंदगी शुरू की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव साझा किए हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। पोस्ट का शीर्षक है-‘लाइफ ऑफ ए 23-ईयर-ओल्ड फ्रेंच बॉय हु जस्ट मूव्ड फ्रॉम पेरिस टू मुंबई’। निको ने बताया कि वे मुंबई में तीन हफ्ते से हैं और अभी भी शहर को समझने, हिंदी सीखने और नई जिंदगी बसाने की प्रक्रिया में हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर nico_in_mumbai नामक हैंडल से शेयर किया गया है। निको ने लिखा, “मैं 23 साल का हूं। पेरिस से मुंबई 7,000 किलोमीटर दूर आया, नई नौकरी शुरू की, पूरी तरह नए लोगों से मिला और बिल्कुल नए सिरे से जिंदगी बनाने की कोशिश कर रहा हूं।” उन्होंने कहा कि कभी-कभी सबसे अच्छे फैसले वे होते हैं, जिन्हें घर वालों को समझाना मुश्किल हो। “यही तो मजा है,” उन्होंने जोड़ा। तीन हफ्ते बाद भी वे रास्ता भटक जाते हैं, हिंदी सीख रहे हैं, हर हफ्ते नई जगहें देख रहे हैं और कभी-कभी खुद से पूछते हैं कि वे यहां कैसे पहुंच गए।
भारत के बारे में तीन बातें, जिनके बारे में किसी ने नहीं बताया
निको ने भारत आने के बाद जिन चीजों का सामना किया, उन्हें भी साझा किया। पहली बात—भारत में दूरी का अहसास पूरी तरह बदल जाता है। वे बोले कि, “यहां ‘सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है’ कहना बेमतलब है।” ट्रैफिक, गर्मी और शहर की रफ्तार दूरी को पूरी तरह अलग बना देती है। दूसरी बात—यहां दिन की योजना ट्रैफिक, गर्मी, चाय और सबसे अच्छे खाने के आसपास बनती है। निको के अनुसार, मुंबई में जीवन की लय यूरोप से बिल्कुल अलग है। तीसरी बात--नॉर्मल लाइफ’ की पुरानी परिभाषाएं भारत में लागू नहीं होतीं। यहां जीवन का तरीका पूरी तरह नया होता है। अंत में उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे व्यक्ति भारत में रहना पसंद करने लगता है।
सोशल मीडिया पर स्वागत और प्रतिक्रियाएं
निको के पोस्ट पर लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एक यूजर ने लिखा, “वेलकम टू मुंबई ब्रदर। यहां के ट्रैफिक की आदत हो जाएगी।”
दूसरे ने कहा, “अच्छा समय बिताओ निको। यह जगह पेरिस जैसी नहीं है, लेकिन तुम्हारे लिए मजेदार होगी।”
तीसरे कमेंट में लिखा गया, “वाह! तुम्हारे लिए बहुत खुशी है। उम्मीद है कि तुम हमारी संस्कृति, खाना और सबसे महत्वपूर्ण—लोगों का अनुभव करोगे। मुंबई तुम्हें अच्छे लोग और सुंदर अनुभव दे।”
एक फ्रांसीसी महिला ने भी लिखा, “वेलकम टू इंडिया। यहां सब ठीक हो। भारत में बसी एक फ्रांसीसी महिला की तरफ से शुभकामनाएं।”
नई शुरुआत और चुनौतियां
निको की यह यात्रा सिर्फ स्थान बदलने की नहीं, बल्कि पूरी तरह नई शुरुआत की कहानी है। पेरिस जैसे व्यवस्थित शहर से मुंबई जैसे तेज-तर्रार और विविधता भरे शहर में आना आसान नहीं। उन्होंने नई नौकरी शुरू की, नए दोस्त बनाए और भाषा सीखने का सिलसिला शुरू किया। उनके अनुसार, घर वालों को यह फैसला समझाना मुश्किल था, लेकिन यही जोखिम उन्हें रोमांचक लगता है। मुंबई में वे अभी भी खो जाते हैं, लेकिन हर दिन नई खोज करते हैं। हिंदी सीखने की कोशिश जारी है। वे कहते हैं कि कभी-कभी खुद को हैरानी होती है कि वे यहां कैसे पहुंच गए, लेकिन अनुभव उन्हें प्रेरित कर रहा है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आरामदायक जिंदगी छोड़कर नई चुनौतियां स्वीकार करते हैं।
गौरतलब है कि, इससे पहले एक फ्रांसीसी योगा ट्रेनर ने यूरोप को भारत से सीखने योग्य चीजों की लिस्ट शेयर की थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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